The Game of Life and How to Play It किताब में लेखिका Florence Scovel Shinn ने हमें ज़िन्दगी को समझने में मदद की है। किताब हमें यह बताती है की हम जो भी दुनिया को देते हैं वह आखिर में हमें ही वापस कर दिया जाएगा, जिसका मतलब यह है कि अगर हम प्यार देते हैं, तो हमें बदले में प्यार ही वापस मिलेगा; लेकिन अगर हम नफरत देते हैं तो बदले में हम नफरत ही महसूस करेंगे।
हम जो कुछ भी दुनिया को देते हैं और हासिल करते हैं, उसके जरिये से हम अपनी सच्चाई को आकार देते हैं। किताब हमें अपनेपन की भावना को हासिल करने में मदद करती है, जिससे हम अपनी ज़िन्दगी में खुशहाल होकर अपना भविष्य उज्जवल बना सकते है।
किताब 1925 में पहली बार प्रकाशित हुई थी। यह शिन की पहली किताब थी, जिसे उन्होंने खुद ही प्रकाशन किया था क्योंकि वह इसके लिए प्रकाशक नहीं ढूंढ पा रही थी। इस छोटी सी किताब ने दुनिया भर के हजारों लोगों को ज़िन्दगी के उद्देश्यों (purposes)और अपनेपन की भावना को खोजने के लिए प्रेरित किया है। यह आज भी उतना ही जरूरी है जितना कि 1925 में लिखा गया था, और यह किताब बताती है कि ज़िन्दगी एक लड़ाई नहीं बल्कि एक खेल है – देने और लेने का खेल।
किताब की मदद से आप यह जान सकते है कि कैसे आपका दिमाग और उसकी कल्पना संकाय (imagining faculty) ज़िन्दगी के खेल में अहम भूमिका निभाते हैं। आप जो कुछ भी कल्पना करते हैं या जिस पर भी ध्यान देते हैं, वह देर-सबेर आपकी दुनिया के हिस्से के रूप में महसूस ज़रूर किया जाएगा। यह छोटी सी किताब आपको बताएगी कि कैसे आप अपनी ज़िन्दगी बदल सकते हैं, अपने पछतावे को पीछे छोड़ सकते हैं और अपना खुद का उज्जवल भविष्य बना सकते हैं।
Author Florence Scovel Shinn पेशे से एक कलाकार और किताब चित्रकार (book painter) है, जिन्होंने कई सालों तक न्यूयॉर्क में आध्यात्मिक ज्ञान (spiritual knowledge) को बढ़ाया। वह एक लोकप्रिय, मिलनसार और अनौपचारिक (informal) शिक्षिका थीं जिन्हें बहुत गुप्त आशीर्वाद भी मिला था। वो दुनिया को अलग नज़रिये से देखती थी शायद इसलिए उन्होंने वो देखा जिसे हममें से कोई नहीं देख पाया। अपने ज्ञान को उन्होंने अपनी किताब में शामिल किया और हज़ारो लोगों को इससे प्रेरित किया।
फ्लोरेंस स्कोवेल शिन के लिए नियम, पुराने और नए नियम में पाए जाने थे। उनके 1925 के क्लासिक में जो कुछ है, जैसे कि गैर प्रतिरोध (non-resistance), काम और माफ़ी के नियम यह सब पूर्वी पवित्र किताबो में पाए जाते हैं।
उनके काम को बताने का लक्ष्य सभी के लिए है: एक व्यक्ति ज़िन्दगी के सामाजिक वर्ग (class) को हासिल कर सकता है, स्वास्थ्य, धन, प्यार और अपनी पूरी अभिव्यक्ति के चार बिंदुओं, अगर आप ज़िन्दगी को काबू करने वाले न बदलने वाले सिद्धांतों के साथ खुद को जोड़ते हैं तो उनका मानना था कि यह सारा कल्याण हम सभी का ‘जन्मसिद्ध अधिकार’ था।
इस किताब की सबसे मुख्य बातें जो बताए गए है: ज़िन्दगी का वर्ग, खुशी आपका, जन्मसिद्ध अधिकार है और कभी-कभी आपकी इच्छाएं गलत होती हैं।
ज़िन्दगी एक खेल है The Game of Life
लेखिका ने ज़िन्दगी को एक खेल बताया है। वह कहती है ज़िन्दगी कोई लड़ाई नहीं है, इसलिए आपकी ज़िन्दगी में संघर्ष नहीं होना चाहिए। आपको ज़िन्दगी में मज़ा आना चाहिए, इसे एक खेल की तरह देखे। अगर आप ज़िन्दगी को एक खेल के रूप में देखना शुरू करते हैं, तो आप समझेंगे कि इसके कुछ नियम भी है, जिनका पालन करने से आप कम तनाव, ज्यादा खुशी और बड़ी सफलता पाएंगे।
ज़िन्दगी का खेल बुमेरांगों (boomerang) का खेल है जिसमें हमसभी के विचार, कर्म और शब्द हमारे पास देर-सबेर आश्चर्यजनक रूप के साथ लौट ही आते हैं। जिस तरह से जीवन को प्यार, अंतर्ज्ञान, डर और उम्मीद के लिए विस्तारित (detailed) किया गया है, वह बहुत ही सुंदर है ।
लेखिका बताती है कि ज्यादातर लोग ज़िन्दगी को एक लड़ाई मानते हैं, लेकिन ज़िन्दगी एक लड़ाई नहीं है, यह एक खेल है – देने और लेने का खेल। इंसान जो वचन और कर्म भेजते है, वही उनके पास वापस लौट आता है और नियमों को समझे बिना कोई भी खेल अच्छी तरह से खेला नहीं जा सकता है ।
ज़िन्दगी सबसे ज़रूरी खेल होने के नाते सीखने लायक है और इसे अच्छी तरह से खेलने के लिए इसका सबसे अच्छा फायदा उठाएं। जैसा कि वे कहती हैं कि आप सिर्फ एक बार जीते हैं और अगर आप इसे सही तरह से करते हैं तो आप एक बार में ही पूरे होते है ।
लेखिका ने पाया कि भरोसे वाला इंसान होना डर वाले इंसान होने से कहीं बेहतर है। उन्होंने उन चिन्हों को पाया जो उन्हें वह रास्ता दिखाते थे जिसके बारे में उनका मानना था कि पुराने और नए नियम का पालन करना सबसे अच्छा है।
इन विषयों में प्रत्याशा (anticipation) का नियम, दिव्य पैटर्न, कर्म का नियम, प्रतिस्थापन (Replacement) का नियम, शब्दों की शक्ति, इस्तेमाल का नियम, माफ़ी का नियम, प्यार का नियम और अथक (irresistible) का कानून भी शामिल हैं ।
आपको अपने विचार, आपके द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले शब्दों और आखिर में अपने काम को बदलना होगा। अपने शब्दकोष को ज्यादा सकारात्मकता के साथ बदलना निश्चित रूप से एक कदम आगे होता है, लेकिन आपको अपने व्यवहार के साथ-साथ अपने सकारात्मक विचारों को भी दिखाना होगा।
किताब मे बताए गए जिंदगी के तीन सबक:
1. ज़िन्दगी का वर्ग:- लेखिका बताती है हमारी ज़िन्दगी में चार केंद्र बिंदु होते हैं जो हमारे आत्मसमर्पण की मांग करते हैं- धन, स्वास्थ्य, प्यार और अपने आप की अभिव्यक्ति। अपनी ज़िन्दगी के इन हिस्सों में से हरेक को आप जिस तरह से आकार देना चाहते हैं,आखिर मे वही आपको एक यादगार और सुखी ज़िन्दगी वापस देगा ।
2. खुशी आपका ईश्वरीय अधिकार है: जब भी आपको लगे कि आपको खुशी के लिए काम करना है, तो याद रखें कि आप खुश रहने के अधिकार के साथ पैदा हुए हैं। अपनी ज़िन्दगी को सकारात्मकता से भरें और रास्ते में हर छोटी गलती के लिए खुद को दोष देना बंद करें।
3. कभी-कभी आपकी इच्छाएं गलत होती हैं: बहुत से लोगों को कभी-कभी यह गलत विचार आता है कि वे क्या चाहते हैं। ऐसा तब होता है जब लोग उस आखिरी परिस्थति का समाधान खोजने की कोशिश करते हैं जिसे वह खुद पूरा करना चाहते हैं। उदाहरण के लिए, अगर आप लोगों से पूछते हैं कि उन्हें खुश रहने के लिए क्या चाहिए, तो उनमें से ज्यादातर कहेंगे कि उन्हें पैसे की ज़रूरत है, हालांकि ज़िन्दगी की खुशी का पैसे से कोई लेना-देना नहीं है ।
इन तीनों सबको का मतलब साफ़ है, आपकी ज़िन्दगी ही सबसे ज्यादा कीमती है। इसलिए आखिरी परिणाम पर ध्यान दें और ईश्वर, ब्रह्मांड, या जिससे आप यह कह सकते हैं उसे आपको यह दिखाने दें कि आपकी इच्छाओं को क्या वे पूरा कर सकते है और बाकी सब ज़िन्दगी के लिए है तो ज़िन्दगी का मज़ा ले और खुल के जिये ।
समृद्धि / प्रत्याशा का नियम
लेखिका ज़िन्दगी के इस नियम में बताती है की कल्पना संकाय (imagining faculty) ज़िन्दगी के खेल में सबसे बड़ी भूमिका निभाती है जिसका मतलब है कि इंसान जो कुछ भी कल्पना करता है, उसे अपनी ज़िन्दगी में देर-सबेर वापस मिल ही जाता है। इसलिए हमें अपनी ज़िन्दगी में मनचाहे लक्ष्यों को लगातार हासिल करने के लिए अच्छी कल्पना करना बहुत ज़रूरी है ।
कल्पना संकाय को प्रशिक्षित करने के लिए दिमाग को समझना जरूरी होता है। फ्लोरेंस मन को तीन भागों में विभाजित करती है: अवचेतन, चेतन और सुपर अवचेतन ।
- अवचेतन – लेखिका बताती है की अवचेतन मन बस एक शक्ति है बिना किसी दिशा के। यह भाप या बिजली की तरह है और यह वही करता है जो इसे करने के लिए निर्देशित किया जाता है; इसकी कोई आने वाली शक्ति नहीं है ।
- चेतन – लेखिका बताती है की यह मन तर्क करने वाला मन है बल्कि यह ज़िन्दगी को वैसा ही देखता है जैसा वह होता है। यह तस्वीरों को देखता है और अवचेतन मन पर प्रभाव डालता है।
- सुपर कॉन्शियस – सुपर चेतन मन हममें से हर एक इंसान के अंदर होता है, जो हमारा ईश्वर का मन है और यह हमारे सारे विचारों की जगह है ।
मन के तीनों भागों को समझ कर आप समझ सकते है की हमारा मन वही देखता या सोचता है, जो हम उसे दिखाना चाहते है तो अगर आप अच्छी कल्पना करेंगे तो आपका मन भी यक़ीनन अच्छा ही सोचेगा। इसलिए अपनी मनचाही चीज़ो में अच्छी बातो को शामिल करे और कल्पना करना शुरू करे, आपका मन तब अच्छे परिणामों के रूप में आपके सामने नज़र आएगा और आपको ज़िन्दगी में भी सकारात्मक और अच्छे परिणाम ही मिलेंगे ।
शब्दों की शक्ति
लेखिका इस नियम के बारे में बताती है, जो कोई भी शब्दों की शक्ति को नहीं जानता है वो ‘समय के पीछे’ है। हममें से हर एक के पास खुद के साथ एक लगातार बातचीत होती है, लेकिन हमें कभी यह महसूस नहीं होता कि यह हमें कैसे प्रभावित करता है, बेहतर या बद्तर के लिए।
जिस तरह से हम अपनी ज़िन्दगी जीते हैं और हम अपने आप से जो भी शब्द कहते हैं वह हमारे अवचेतन मन में सच्चाई के रूप में आते हैं, इसलिए हमें अपने आप से या दूसरे से बोले जाने वाले अंदरूनी या बाहरी शब्दों का हमेशा ध्यान रखना चाहिए। लेखिका कहती है शब्दों की शक्ति अपार है, इसलिए इस बात से सावधान रहें कि आप अपने आप को कैसे अभिव्यक्त करते हैं और हमेशा नकारात्मक शब्दों का इस्तेमाल करने से बचें, क्योंकि उनमें बहुत बड़ी अभिव्यक्ति की शक्ति होती है ।
जैसा कि वे कहती हैं, हम अपने या दूसरों के विचारों को शब्दों के जरिए से समझते हैं। इंसान की विचार प्रक्रिया को जानने के लिए उसकी बातें सुनें और उसकी स्थिति समझें,चाहे वह इंसान हर नज़र से महान हो या संघर्ष करने वाला हो। उदाहरण के लिए जैसे कोई सक्श दुबई में रहता है जहाँ पर कुछ जगहों में पार्किंग की तंगी रहती है, जब वो कार चला रहा होता है तो उसे हमेशा पार्किंग मिलती है, चाहे किसी भी समय, जैसा कि वो हमेशा कहता है कि मुझे हर समय पार्किंग मिलती है ।
दूसरी ओर, उसने लोगों को यह कहते हुए सुना है कि वहां बहुत ज्यादा भीड़ होती है, उन्हें कभी भी पार्किंग नहीं मिलती और परिणाम साफ़ होता है। आप जो कहते है वो आपके शब्दो की ताकत होती है जो आपके असल ज़िन्दगी को प्रभावित करती है इसलिए जितना ज्यादा हो सके खुद से हमेशा सकारात्मक ही रहे ।
एक पुरानी कहावत है कि हम सभी सिर्फ तीन उद्देश्यों के लिए अपने शब्दों का इस्तेमाल करने का साहस करते है, “चंगा करने, आशीर्वाद देने या दौलतमंद होने” के लिए। आप जो दूसरों के बारे में कहते है वह आपके बारे में भी ज़रूर कहा जाएगा, और जो आप दूसरों के लिए चाहते है, वह आप अपने लिए चाहते है।
इसलिए अगर आप दूसरों से अच्छा सुनना चाहते है तो खुद अच्छा बोले बदले में फिर आपको अच्छा ही सुनने को मिलेगा। आप खुद किसी से प्यार से बात करते होंगे तो आपको प्यार से ही जवाब मिलता होगा, तो अच्छाई को अपनाने से पीछे कभी न हटे बाकी परिणाम आपके सामने ही होंगे ।
विश्वास की शक्ति
किताब में घोड़े की नाल, या खरगोश के पैर जैसी भाग्यशाली चीजों के साथ विश्वास की शक्ति को अच्छी तरह से समझाया गया है। उन चीजों के बजाय उन चीजों के पीछे हमारा विश्वास ही है जो हमारे अवचेतन मन में प्रत्याशा (anticipation) स्थापित करता है और मनचाहे परिणामों को आकर्षित करता है। इसलिए शक्ति उन चीज़ो में नहीं है बल्कि हमारे ऊंचे आत्मविश्वास में है। एक महान बात है कि – आस्था पहाड़ों तक को हिला सकती है और शक उन्हें पैदा कर सकता है।
किताब में ईश्वरीय पैटर्न का जिक्र किया गया है जिसका मतलब है कि आपको हमेशा अपनी ज़िन्दगी में सही परिस्थितियों के बारे में पूछना चाहिए, न कि कुछ खास स्थितियों के बारे में क्योंकि जो कुछ भी आपके मन में है वह सही चीज नहीं हो सकती है जो आपको खुश करे ।
इन बातों के साथ-साथ प्रतिस्थापन का नियम भी काम करता है। हममें से बहुत से लोग इस बात के जानकार भी नहीं हैं कि असलियत में वह क्या है जो हमें खुश और संतुष्ट करता है और इस तरह हम अपनी सच्ची इच्छाओं को नहीं जानते हैं।
Scovel Shinn पैसे के बारे में चिंतित ग्राहकों को यह याद दिलाती है कि ‘भगवान आपकी असली पूर्ती है’। उन्होंने इस बात से अपनी बात की पुष्टी (Confirmation) की- आत्मा कभी देर नहीं करती है और आपको धन्यवाद देना चाहिए कि आपको न दिखने वाले मैदान पर पैसा मिला है और यह सही समय पर आपके सामने होता है ।
लेकिन सिर्फ सही शब्द कहना और विश्वास करना काफी नहीं होता है, हमें अपने अवचेतन मन को यह दिखाने की ज़रूरत होती है कि हम उसे हासिल करने की उम्मीद करते हैं। हम सभी को उस चीज़ के लिए तैयार रहना चाहिए जो हमने भगवान से माँगा है, जबकि बेशक उसका ज़रा भी संकेत दिखाई न दे। लेखिका कहती है यह मानो कि ऐसा करने से फायदा मिलने का रास्ता खुल जाता है।
वह कहती है की अपना बोझ यहोवा/ भगवान पर डाल दो। कई बार बाइबल (Bible) भी यह कहता है कि लड़ाई इंसानों की नहीं बल्कि भगवान की होती है, हमें जो करना या सीखना चाहिए वह है सीधे खड़े रहना और ईश्वर या अंदर के सबसे ताकतवर(superconscious) मन को काम पर जाने देना। आपकी आस्था आपको रास्ता ज़रूर दिखाएगी इसलिए पूरी आस्था के साथ विश्वास की शक्ति का इस्तेमाल करे ।
कर्म का नियम और क्षमा का नियम
लेखिका बताती हैं कर्म और क्षमा का नियम हमारी ज़िन्दगी में बहुत ज़रूरी होता है। कर्म के नियम का मतलब है कि हम जो कुछ भी प्रकट करते हैं और जो कुछ भी दुनिया को देते हैं, वही हमें वापस हासिल होगा। इसलिए इस नियम को “कारण और प्रभाव का नियम” भी कहा जाता है। इसलिए यह ध्यान रखें कि आप सकारात्मक ऊर्जा ही दुनिया को देते हैं, और आपको इससे सकारात्मक परिणाम ही हासिल होंगे ।
अथक (irresistible) का नियम कर्म के नियम का जोड़ होता है। यह आपको बताता है की आपको नकारात्मकता पर ध्यान नहीं देना चाहिए और नकारात्मक घटनाओं को अपने आप पर या अपनी भावनाओं पर प्रभावित नहीं करने देना चाहिए। यह नियम ऐसे ही काम करता है जितनी कम आप नकारात्मक चीज़ो को अपनाएंगे उतना ही कम आप दुनिया को बदले मे देंगे। इसलिए नकारात्मकता पर ध्यान न देकर सकारात्मकता पर ध्यान दे ।
लेखिका कहती है कि क्षमा का नियम हमारे द्वारा अब तक के बोले गए नियमों में सबसे ऊंचे कानूनों में से एक है। उदाहरण के लिए, ईसाई धर्म कर्म के नियम के बजाय इस कानून पर आधारित है, जिसका मतलब है कि लोग खुद को छुड़ा सकते हैं और सभी अनचाही परिस्थितियों से खुद को बचा सकते हैं। प्यार का नियम मौजूद सबसे शक्तिशाली कानूनों में से एक है ।
हर कोई प्यार से बना है और उसे भी ऐसे ही जीना चाहिए। प्यार दुनिया की सबसे महान शक्ति है इसलिए क्षमा करना सीखे, अगर आपके साथ कभी कुछ बुरा हुआ हो तो उसे माफ़ कर दे क्योंकि अगर आप उन्हें माफ़ नहीं करते है तो आपके अंदर बदले की भावना पैदा होगी जिससे आप उदास और परेशान ही रहेंगे।
आप सभी नकारात्मक बातों को अपने बदले की भावना को पूरा करने के लिए इस्तेमाल करेंगे, इसलिए बेहतर होगा की आप समय रहते ही अपने साथ बुरा करने वालो को माफ़ कर दे, आप माफ़ी की भावना को अपनाकर हल्का और अच्छा महसूस करेंगे और आखिरकार आप सकारात्मकता की तरफ आकर्षित होंगे। सकारात्मकता आपकी ज़िन्दगी में सही रास्ते खोल देती है तो शुरुआत लोगों को माफ़ करने से करे और आपके मन में किसी के लिए भी कोई भी बुरी भावना नहीं होनी चाहिए ।
ज़िन्दगी के खेल को कामयाबी से खेलने में जो काम करता है उसमे उस खेल के नियम का पालन करना शामिल है, बजाय इसके कि आप क्या पसंद नहीं करते हैं। संघर्ष की नज़र से, ज़िन्दगी के नज़रिये से, और अच्छे परिणाम हासिल करने में एक मामूली भरोसा का बदलाव आपकी ज़िन्दगी को बदल देगा। अपने करीबी लोगों को, अपने काम के सहयोगियों को, यहां तक कि अपने देश को भी दया भाव (kindness) और आशीर्वाद के लगातार संदेश भेजें। यह न तो सिर्फ आपको शांति देता है बल्कि आप अपने आप को नुकसान और गुस्से से ‘सुरक्षित’ पाएंगे ।
लेखिका कहती है जितना ज्यादा हम जानते है, उतना ही हम इसके लिए जिम्मेदार होते है, और आध्यात्मिक कानून का ज्ञान रखने वाला सक्श, जिसका वह अभ्यास भी नहीं करता है, आखिरी में जाकर उस परिणाम में उसे बहुत दर्द होता है। लेखिका एक विचार बताती है की हर आदमी मेरी भलाई की जंजीर की एक सुनहरी कड़ी है – यह एक और विचार है जो आपको सोचने पर मजबूर कर देगा कि हमारी ज़िन्दगी में हर कोई किसी न किसी वजह से होता है, इससे फर्क नहीं पड़ता कि वह हमें पसंद है या नहीं। आपको उनमें अच्छाई देखना है और उनसे वह सबक सीखें जिसके लिए उन्होंने आपसे रिश्ता बनाया है ।
हम उस चीज की इच्छा नहीं कर सकते जो हम नहीं है। अगर आप लगातार जंक (junk) खा रहे हैं, आप व्यसनों (addictions) से दुखी हैं, और कमजोर विचारों में खोये हुए हैं, तो आप अच्छे स्वास्थ्य की उम्मीद नहीं कर सकते है। इसलिए अपने कर्म और माफ़ी से अच्छाई को अपनाये और अच्छी चीज़े ही चुने इससे आपको बदले में सब अच्छाई के रूप में ही वापस मिलेगा।
अंतर्ज्ञान या मार्गदर्शन
लेखिका बताती है अंतर्ज्ञान एक आध्यात्मिक विभाग है और यह व्याख्या नहीं करता है, लेकिन आपको रास्ता बताता है। कई बार ऐसा भी होता है जब हमारा मन कुछ खास करने का होता है और हमारा दिमाग सभी बहसों के साथ विरोध करता है। हम अभी भी अंतर्ज्ञान करते हैं और बाद में यह महसूस करते हैं कि यह करना सही था और ये हमें अपने लक्ष्य के करीब ले आया। यह कुछ ऐसा होता है की आप कुछ कहो और वह आपको मिल जाए।
अगर हमें कुछ करना है तो हमें यह बताने के लिए एक निर्धारित प्रमुख के साथ हमें जो चाहिए वह हमें उससे पूछना चाहिए। ब्रह्मांड के पास ऐसे तरीके हैं जिनसे वह काम करने, जानने और कुछ विशेष करने के लिए आपका मार्गदर्शन करेगा।लेखिका का मानना है कि उपहार सबसे अच्छा निवेश है जो आप कर सकते हैं। उपयोग का नियम उपहारों पर जोर देता है ।
यह समझदारीपूर्ण होता है – अगर आप मन और दिल से सकारात्मक विचारों और भावनाओं के साथ कुछ दुनिया को देते हैं, तो कर्म का नियम आपके लिए काम करेगा और आपको खुश करेगा ।
आपको अपने विचार, आपके द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले शब्दों और आखिर में अपने काम को बदलना होगा। आपको इस बात पर शक नहीं करना चाहिए कि क्या आप पूर्ण कल्याण को हासिल कर सकते हैं या अगर आप इसके काबिल है तो खुद से सवाल करें। हर कोई इसका हकदार होता है। यह आपका दैवीय अधिकार है, और आपको अपनी ज़िन्दगी में परमेश्वर की योजना के अनुसार ही जीना चाहिए यही आपका अंतर्ज्ञान है जो आपकी ज़िन्दगी में आपका मार्गदर्शन करेगा।
इस बात पर भरोसा रखें कि आपके लिए सबसे अच्छा ही आ रहा है, और वह ज़रूर आएगा। लव लाइफ और लाइफ आपको वापस प्यार करेगी, मतलब प्यार दोगे तो आप प्यार पाओगे। इन सब बातों के बारे में आपने पहले भी सुना होगा लेकिन इन पर ज्यादा कभी भी सोचा नहीं होगा। अगर आप हमारे इस बताए गए तरीके से अपनी ज़िन्दगी नहीं जी रहे हैं और जीने का सिर्फ नाटक कर रहे हैं, तो अभी समय है कि आप इसे बदल दें और यह एकमात्र तरीका है जिससे आप अपने सारे लक्ष्य को पूरा कर सकते हैं ।
इसको करने का तरीका यही है की जिस भी चीज़ कि आप इच्छा करते है उसे खुद से सवाल करे कि क्या वह मुमकिन है ? जवाब आपके अंदर ही होगा जो ब्रम्हांड के जरिये आपको मिलेगा और आपको मिला जवाब आपके लक्ष्य को हासिल करने के रास्ते में आपका मार्गदर्शन करेगा ।
पूर्ण आत्म-अभिव्यक्ति या दिव्य डिजाइन
लेखिका बताती है आत्म-अभिव्यक्ति हमारे अंदर दिव्य डिज़ाइन भरने के लिए कुछ जगह देती है। जैसे हम सभी के लिए कुछ लक्ष्य हासिल करना है। मतलब इंसानों की यह सबसे ऊँची माँग होनी चाहिए कि वह इस दिव्य रचना को अपने सामने प्रकट होने दे, हमें सिर्फ कुछ मांगना चाहिए अगर वह ‘ईश्वरीय अधिकार से’ होना है तो। उदाहरण के लिए जैसे एक महिला एक ऐसे पुरुष पर मोहित (enamored) हो गई जिसने उसके साथ बहुत अच्छा व्यवहार नहीं किया था ।
स्कोवेल शिन ने इस बात को कुछ इस तरह दोहराया की: ‘अगर वह मेरे लिए दैवीय रूप से चुना गया है, तो वह मेरा ही होगा और अगर वह नहीं है, तो मैं उसे वैसे भी नहीं चाहूंगी।’ और आपको भी ऐसा ही करना चाहिए, जो आपका है वो आपको ज़रूर मिलेगा और अगर वह आपका नहीं है तो आपकी कई कोशिशों के बाद भी वो आपसे अलग हो ही जाएगा।
निश्चित रूप से, कभी – कभी आप किसी और के लिए अपने आप को उसका होना जताते है, जो आपके सभी आदर्शों से मेल खाता है। क्या आपको कभी इस बात की तस्वीर मिलती है कि आप क्या हासिल कर सकते हैं या वह सक्श जो आप हो सकते हैं? आपको ब्रह्मांड से अपने ‘दिव्य डिजाइन’ का एक आशुचित्र (snapshot) हासिल हुआ है, जो आपको दिखा रहा है कि यह तस्वीर आपके अंदर ही होती है ।
इसलिए उन चीजों का पीछा न करें जिनका आपके असल ज़िन्दगी से कोई लेना-देना नहीं है और अगर आप उन्हें हासिल करना चाहते हैं तो सिर्फ आप अपनेआप को दुखी ही करेंगे। इस बात पर ध्यान दे कि आपकी दिव्य रचना क्या है, यह बताने के लिए कोई संकेत या संदेश इस ब्रह्मांड से मांगें और वह आपके सामने हाज़िर हो जाएगा ।
अगर आप एक धार्मिक व्यक्ति नहीं हैं, तो कई धार्मिक संदर्भ (references) से अपने आप को भटकने न दे। अगर आप अपने दिमाग को खुला रखते हैं, मतलब सब कुछ समझने की ताकत रखते है और शब्दावली को अपने अतीत में देखते हैं, तो आपको बड़ी मात्रा में काम आने वाली सलाह मिलेगी जो संभावित रूप से आपको अपनी खुद की “दिव्य रचना” के साथ फिर से जोड़ सकती है ।
आपकी मांग होनी चाहिए- अपने “अनंत आत्मा से की मेरी ज़िन्दगी के दिव्य डिजाइन के सामने होने का रास्ता खोले ; मेरे अंदर के काबिलियत को अब आज़ाद होने दे ; मुझे साफ़ रूप से सही योजना देखने दे। बस अपने आप से यह बोलकर आप जवाब ढूंढ लेंगे और आपको वो नज़र आएगा जो आपके लिए सचमे मायने रखता है। मतलब आप सही रास्ते को ढूंढ लेंगे जिसमें आपको उदासी बिल्कुल भी नहीं मिलेगी ।
आपकी पूरी आत्म-अभिव्यक्ति कभी बर्बाद नहीं होगी; लेकिन इतनी आकर्षक पसंद के कारण कि यह लगभग एक नाटक जैसा दिखाई देता होगा। सभी शक्ति की तरह, चाहे वह भाप हो या बिजली, उसके पास काम करने के लिए एक गैर प्रतिरोधी (non-resistant) इंजन या औज़ार होना चाहिए और इंसान ही वह इंजन या औज़ार है जिसका इस्तेमाल वह खुद करके ही सीख सकता है तो शुरुआत करे अपने आप से करे ।
किताब में बताए गए इन सभी नियमों और सिद्धांतों का इस्तेमाल करके अपनी ज़िन्दगी में खुशहाल होने की शुरुआत करे। सब कुछ आपके अंदर ही है किताब आपको आपके सभी सवालों के जवाब हासिल करने के तरीके बता चुकी है अब बस सकारात्मकता के साथ अपनी ज़िन्दगी की शुरुआत करे और फिर सारे रास्ते आपके सामने खुद ब खुद आ जायेंगे ।
निष्कर्ष
The Game of Life and How to Play It किताब में हमें ज़िन्दगी के बारे में पता चला। हमने सीखा कि कैसे कुछ नियमों और सिद्धांतों का इस्तेमाल करके हम अपनी ज़िन्दगी को खुशहाल और अच्छा बना सकते है। किताब की सबसे बड़ी सीख यह है की ज़िन्दगी कोई लड़ाई नहीं है इसलिए दुखी होकर अपनी ज़िन्दगी न जिए बल्कि अपनी ज़िन्दगी को एक खेल समझे और उस खेल को खेलकर हर एक पहलु का मज़ा ले ।
ज़िन्दगी को खेल कि तरह जीने के लिए आपको किताब में बताये गए नियमों और सिद्धांतों का इस्तेमाल करना होगा, जिससे आप अपनी ज़िन्दगी मे यक़ीनन फर्क देख सकेंगे। कुल मिलाकर किताब को प्रकाशित होने से आज तक के बीते सालो में, ज़िन्दगी का खेल नहीं बदला है; इसलिए यह किताब एक गेम चेंजर है और अभी तक सटीक है। इस बात की उम्मीद करें कि यह आपको और आपकी ज़िन्दगी को सबसे बेहतर के लिए बदल देगा ।
इस किताब को अच्छे से समझने के बाद आप निश्चित रूप से हल्का महसूस करेंगे और अगर आप उन लोगों में से है जो बेहतर ज़िन्दगी हासिल करने के क्रम में मार्गदर्शन के लिए इच्छुक है तो यह किताब आपकी बहुत मदद करेगी। हालांकि यह किताब 1920 के दशक में न्यूयॉर्क में लिखी गई थी और धार्मिक संदर्भों से भरी हुई थी, लेकिन अब इस किताब को पंथ का दर्जा हासिल हो चुका है ।
यह हममें देवत्व (divinity) को अभिवादन करना सिखाता है और हमारी ज़िन्दगी की दिशा को और आत्मविश्वाश की भावना को पुनर्स्थापित (restore) करता है। मुझे उम्मीद है आपने किताब के बारे में अच्छे से जान कर और पढ़ कर उसे समझ लिया होगा और अब आप अपनी ज़िन्दगी में सकारात्मक बदलाव के लिए किताब में बताए गए नियम और सिद्धांतों को अपनी ज़िन्दगी मे अपनाएंगे ।
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Contents












Best motivational book
Amazing summary
1.Life is a game not fight.
2.Be positive and considerate of what your words are.
3. God is in you.
4.You get what you serve.
5.Start forgiving.
6. Your mind will believe whatever will be shown to it.
ज़िन्दगी एक खेल की तरह है हमें अपनी जिंदगी सकारात्मकता , प्यार के साथ जीना है जितना प्यार दोगे उतना प्यार मिलेगा । हमें क्षमा करने की भावना रखनी चाहिए
5 day sir g
Day 5
31 day challenge
The game of Life and How to Play It ..?
By Florence Scovel Shim
This book is really very explanatory
It helps us to understand life
Life is not a battle its a game. Whatever You gives will returns to you
It’s like Give and receive
Our mind work in three way
Subconscious, conscious and superconscious
You can get everything with using this in proper way . Whatever You imagine with faith it will be carried out in amazing life
The law of prosperity
Ask andmanifest
believe that you already received it
When you see yourself receiving you are creating way to receive it
The power of word
Be careful while using words
The law of nonresistance
Be a nonresident like water
Run your own subconscious mind
The law of KARMA
The law of Forgiveness
Life is game of boomerang
Our thoughts,words,work return to us with exactly what we gives
Casting the Burden,Impressing the Subconscious
Have faith on your words
Love
Love is always selfless
When you give pure love , you will receive Pure Love.
When you love your work you find happiness in work and it helps you to grow in that work
Never violate the law of Love it will root cause for many problems of life
Institution or Guidance
Perfect self expression or Divine design
Denials and Affirmations
Thank you ..!!
Prem se hum kuch bhi pa sakte hai … amezing summary maja aa gaye