“The Universe Has Your Back” book जिसे Gabrielle Bernstein ने लिखी है, जो एक लेखक (author), प्रेरक वक्ता (motivational speaker) और जीवन प्रशिक्षक (life coach) है। वो लोगों को अपने जीवन में आने वाले चुनौतियों और कठिनाइयों को बताने में शर्म महसूस नहीं करती बल्कि एक view offer करती है कि किस तरह से इनका सामना किया जाए। इन्होंने कुछ और किताबें भी लिखी है जैसे – Judgment Detox, MediDating, Miracles Now, Spirit Junkie, May Cause Miracles, Add More lng to your life।
भय को विश्वास में बदलें
कई बार हम अपने ही दिमाग के बनाए हुए दायरे में कैद होकर रह जाते हैं, और इससे बाहर निकलना बड़ा मुश्किल सा लगता है, पर हम ये कर सकते हैं। लेखिका ने हमें यहां अपने अंदर की कठिनाइयों के बारे में बताया है, और ये भी कि कैसे उन्होंने इसको जीता। ये उन लोगों के लिए भी एक wake up call जैसा ही है जो अपनी आंतरिक शांति (inner peace) और जीवन में संतुलन (balance) नहीं ढूंढ पाए हैं। इस book में हम कुछ जीवन बदलने वाले tactics के बारे में पढ़ने वाले है।
Universe आपके पीछे खड़ा है
कई हज़ारों साल के consecutive उन्नति (evolution) के बाद अब ऐसा वक्त आ गया है कि लगभग हर इंसान के पास भर पेट खाना और सर पर छत है। लेकिन हम अपनी जीवन में संतुलन और आंतरिक शांति (inner peace) खो चुके हैं, हम अपने जीवन में वो तालमेल नहीं बिठा पाते जिसकी हमें जरूरत है। दुनिया की कोई और सुख इस आंतरिक शांति की जगह नहीं ले सकती। ये किताब इसी का एक जवाब है की किस तरह हम आंतरिक शांति हासिल करें और अपने जीवन को सार्थक (meaningful) बनाएं।
आज के वक्त में हम देख रहे हैं कि लोग उस तरह नहीं बढ़ रहे, जिस तरह से उनकी आय (income) बढ़ रही है। उनके पास धन तो है लेकिन आंतरिक शांति नहीं है। यही वजह है की ज्यादातर American की अच्छी आय होने के बावजूद भी वो depression के शिकार हैं।
लेखिका बताती है किस बात ने उन्हें ये किताब लिखने के लिए प्रेरित (inspire) किया। 2015 में, उनके साथ एक ऐसी घटना हुई जिसने उनकी जिंदगी को पूरी तरह से बदल दिया। थकान, दिन- रात काम करना, चिंता, depression, सब की वजह से उनके चेहरे की बाएं (left) तरफ सुन्न (numb) हो गया। वो dcotor के पास गई, और जब उन्होंने check किया तो सब कुछ शारीरिक (physically) रूप से normal निकला। वो इस निष्कर्ष (conclusion) पर पहुंची कि ये एक panic attack था जो की गंभीर depression और चिंता की वजह से हुआ था।
ज़रा सोचिए। एक अच्छी आय वाली, सफल, शांतिपूर्ण महिला जो एक मां, जीवनसाथी भी है, को ऐसा panic attack आया, वो भी बिना किसी चेतावनी (warning) और sign के।
कुछ लोग अपने इस असुविधा से बाहर क्यों नहीं निकल पाते हैं, इस बात को समझने के लिए, Sigmund Freud, एक Austrian neurologist, ने कुछ अनुसंधान (research) किए। Sigmund Freud ने notice किया कि मरीज ठीक नहीं हो रहे थे और वो इस निष्कर्ष पर पहुंचे की उन मरीजों के अंदर कुछ ऐसा है जो उन्हें बढ़ने नहीं दे रहा है या अपने आंतरिक संघर्ष को जीतने नहीं दे रहा है।
एक universal power है जो हमें इन सब चीजों से लड़ने में मदद कर सकती है। ये एक ऐसा safety net है जो हमारी life में चल रही उथल-पुथल से हमें बचा सकती है। लेखिका ने याद किया की ऐसा एक panic attack उन्हें पहले भी आ चुका है जब वो एक किशोरी (teenager) थी, तब वो अपने depression से बाहर निकलने के लिए अपने boyfriend के साथ एक trip पर घुमने चली गई थी।
एक दिन, एक अलग, पृथक (isolated) कमरे में, उन्होंने एहसास किया कि इस तरह उदास रहकर कुछ भी नहीं होने वाला है, वो अपनी आंतरिक शांति के लिए खुद को माफ कर देना चाहती थी। उन्होंने खुद को माफ किया और एक नई ऊर्जा (energy) लेकर उठी। अब बुरे विचार के काले बादल जा चुके थे और वो एक पूरे अलग ही मन की स्थिति में थी।
जब ये चिंता के एहसास दूर होने लगी, वो फिर से दुनिया के सुख के बारे में सोचने लगी। किसी के साथ relationship में होना, अपने career में top पर पहुंचना, ये फिर से उनकी पहली प्राथमिकता (priority) बन गई। उन्होंने drugs और शराब पीना शुरू कर दिया, ये एक ऐसा फैसला था जो उन्हें और भी पीछे ले गया। जीवन में भी मंदी (slowness) आ गई जिससे बाहर निकलना मुश्किल था, वो शर्मिंदा हुई ये सोच के, कि वो खुद को धोखा दे रही थी। लेकिन जो भी हो, कभी भी बदला जा सकता है। उनके अंदर depression को दूर करने की इच्छा थी।
Universe pull का source और पदार्थ (substance) है
लेखिका ने अपने अनुभूति (perception) को बदलने की महत्व पर ज़ोर दिया। उनको उन लोगों की चिंता होती थी जो किसी की स्थिति को बिना देखे निष्कर्ष पर पहुंच जाते हैं बिना अपने नजरिए को बदले हुए। उन्होंने अपना point साबित करने के लिए, उदाहरण देकर दिखाया है – जब आप कोई film देख रहे होते हैं, और film में जब खलनायक, नायक का इंतजार कर रहा होता है किसी कोने में उस पर हमला करने के लिए तो हम मानो अंदर ही अंदर ये कहते हैं “वहा मत जाओ, वहा खतरा है” आदि।
ये हमारी एक ही गलती को बार-बार करने की प्रवृत्ति (trend) दिखाती है, और ये हमको एक ही जगह बांधे रखती है, आप जैसा सोचते है आप वैसे ही बन जाते है, इसलिए इस तरह की मानसिक प्रवृत्तियों (mental tendencies) पर ध्यान देना जरुरी हो जाता है।
Universal Law 2: खुद से ये तीन चरण की प्रक्रिया का पालन करने को कहें –
चरण #1 – ऐसी कौन सी बात, सोच या कहानी है जो आप बार-बार अपने दिमाग में सोचते रहते हैं?
चरण #2 – अपने दिमाग में आप कौन सी image सकारात्मक रूप से देखते हो?
चरण #3 – अपनी शक्ति से reconnect करो।
इसमें कोई शक नहीं की आज अभी जो हो रहा है उसके पास ही सबसे ज्यादा शक्ति है। कुछ लोग इसे भगवान मानते है, किसी के लिए ब्रह्मांड, किसी के लिए अंतर्ज्ञान (intution) तो किसी के लिए zone। आप इसे जो भी कहे, ये आपके लिए एक सा ही काम करेगा। लेखिका हमें बताती है की असली शक्ति उपस्थिति (presence) में है, जो की पुराने विश्वासों के खिलाफ जाती है और आपके inner world से संघर्ष करती है।
Universal law सबके लिए एक से होते हैं, जो भी इसमें विश्वास करता है। ध्यान और प्रार्थना दो ऐसी चीज है जो ब्रह्मांड के दरवाजे आपके लिए खोल सकती है।
- नाराजगी और चिंता बताती है कि आप अपने दिमाग की तरफ ज्यादा झुक रहे हैं।
- आपका देखने का नज़रिया ही आपका भाग्य तय करता है।
- आज के पल में जीने में सबसे ज्यादा शक्ति होती है।
- जब आप गलती से भी ये connection तोड़ देते हैं, तो आप प्रार्थना की मदद से इसे फिर से पा सकते हैं।
अगर आप जो देखते हैं उसकी जिम्मेदारी लेने को तैयार होते हैं, तब आप अपने मन की स्थिति में अचानक आया हुआ बदलाव देखेंगे। आप अपनी बाहरी दुनिया और अंदर की दुनिया के बीच में connection होने से इंकार नहीं कर सकते। जैसे कई लोग सोचते हैं कि अमीर देश के लोग ज्यादा बेहतर और खुशी से रहते होंगे, तो वो लोग गलत है।
Mahatma Gandhi ने कहा था – आपके माहौल और आवश्यकताएं के बावजूद भी, हर एक को हर एक से प्रेम और दया का भाव रखना चाहिए।
ऐसी बहुत स्थिति (situation) बनी जो उनको अपने रास्ते से भटका सकती थी, लेकिन वो अपने लक्ष्य से भटके नहीं और अपने सही इरादो पर ही रहे, इसने उन्हें एक महान नेता बनाया।
एक भटका हुआ व्यक्ति दुनिया को बदलना चाहता है, एक समझदार व्यक्ति खुद को बदलना चाहता है। किसी और पर अपने विचार और मान्यता थोपने की बजाय वो खुद के अंदर झाँकते है ।
इस book में, लेखिका बताती है की कैसे 12 minute की कीर्तन क्रिया को रोज़ करने से आपकी spirit uplift होती है और आप एक बेहतर mood महसूस करते हैं। ये आपको खुद को समझने में मदद करती है, और आपको सही फैसला लेने में मदद करती है।
लेखिका बताती है कैसे हम आध्यात्मिक (spiritual) रूप से mature होने के फायदे ले सकते हैं।
उन्होंने इस 6 steps को follow करने के लिए कहा है :
चरण # 1 – मार्गदर्शन के लिए पूछे।
चरण # 2 – तुरंत पवित्र अभ्यास करें।
चरण #3 – तेजी से वापसी करें।
चरण #4 – आप जो पाना चाहते हैं, उसे मांगे।
चरण #5 – अपना उद्देश्य बयान बनाये या लिखें।
चरण # 6 – आप अपने सपनों को देखने वाला सपना है।
आप सोच रहे होंगे, डर से बचना ही अंतिम लक्ष्य है, लेकिन मामला ये नहीं है। आपको अपना असली शिक्षक पहचानना है, जो यह ब्रह्मांड है, और ब्रह्मांड को अच्छे से समझने के लिए इस नियम पर टिके रहे ।
- मुश्किल हालात (situation) तब होती है जब आपको अपने emotion से अलग होकर universe के साथ connection को मजबूत करना होता है।
- Universal love को सुनिश्चित करने के लिए, आपको सही मानसिकता रखने की जरूरत है।
- अपने confort zone से बाहर निकले, बंदर की तरह अपना ध्यान न भटकने दें। सीधी सी सलाह उन लोगों के लिए जो transition के दौरान भटकते हैं। ये एक powerful exercise है जो आपको तब मदद कर सकती है जब आप अपने आप को हारा हुआ महसूस कर रहे हैं, आपको फिर से track पर लाने के लिए ये exercise है।
- ध्यान से, आप अपने दिमाग को शांत करके इसे पूरी तरह से आराम दे सकते हैं।
- कई बार आपको ऐसा महसूस होता है कि ऊपर वाला आपके साथ नहीं है, तब भी ब्रह्मांड अपना काम कर रही होती है।
- लेखिका बताती है की कैसे जुनून (obsession) को control में रखना जरूरी है वरना ये backfire कर सकता है।
- लेखिका अपने pregnant होने को लेकर obsessed थी। वो अपनी pregnancy time को लेकर इतनी परेशान थी की इस बीच वो अपनी life enjoy करना भूल गई। और ये एक ऐसा process था जो momentum gain कर रहा था, उन्हें result के ऊपर dependent बनाया और इस कारण वो present moment को enjoy नहीं कर पाई ।
- यहाँ तक की उन्होंने खुद को अपने उन दोस्तों से तुलना करना शुरू कर दिया, जिन्होंने अभी-अभी baby conceive किया।
- हमें वो इंसान बनना है जो आगे का लक्ष्य set करते है, और स्थिति को अपने पक्ष में करने के लिए तैयारी करते हैं, हम आज में नहीं जीते हैं। ये प्रक्रिया एक ऐसा प्लान है जो हमें अपने track पर रहने में मदद करता है ।
- हमारी ये अनदेखी, हमें असल दुनिया को देखने नहीं देती और हमें गुमराह करती है।
समझें कि आप खुश रहने के लायक हैं
आज की तारीख में कई लोग ऐसे है जो जीवन पर give up कर चुके हैं, जबकी वो अपने prime time पे है। ये एक ऐसा तथ्य है जो ज़्यादातर लोगों पे लागू होता है और होता रहेगा और इससे दूर बहुत कम लोग जा सकते हैं। इसके लिए लेखिका कहती हैं की खुशी एक पसंद है उनके लिए जो इसे चाहते हैं। ये कोई दिखावटी चीज नहीं है, बल्कि inner development और ताकत है। ये एक मनोस्थिति है मन और दिल की, जिसे हासिल करने के लिए हमें कोशिश करनी होगी।
आग को दूसरी तरफ रखें
अगर आप सोचते हैं की आपकी इच्छा एक ऐसी चीज है जो आपको delightful अनुभव से अलग करती है, तो आपको फिर से सोचने की जरूरत है। अपने कार्यस्थल पर आक्रामक रणनीति लागू करने से वो हासिल हो सकता है जो आप चाहते हैं, लेकिन इसी विचार से आप वास्तविक संतुष्टि प्राप्त नहीं कर सकते। तो ये बेहतर है की आप अपना approach adjust करें जब इस तरह कि मानसिक प्रवृत्तियों के साथ डील कर रहे हो ।
Surrender की कला
ये ऐसी philosophy है जो परंपरागत (traditional) ज्ञान के खिलाफ जाती है। इसे हम ऐसे भी समझ सकते हैं, लोग नेता बनना चाहते हैं, लगाम अपने हाथ में रखने के लिए। Spirituality में, आपको इन बातों में ढील देनी होती है, और result को control करने वाली कोशिशों से break लेना होता है। संपर्णता की कला इसमें आपकी मदद करेगा, एक बड़ी तस्वीर देखने में, की कैसे flow के साथ चलते रहना एक बेहतरीन फैसला हो सकता है ।
विचार वास्तविकता (reality) बन जाते है
हम हमेशा कुछ ना कुछ जाहीर करते हैं, हर एक सोच एक energy flow बनाता है। ये energy इसकी ही तरह की energy और frequency को आकर्षित करता है। जब आप सोच रहे होते हैं की “आप कोई काम ठीक से नहीं कर सकते”, तो आप सच में उस काम को कभी ठीक से नहीं कर पाएंगे, और आप ऐसे ही बन जाएंगे। इसका ठीक उल्टा ये भी सच है, जब आप सोचते हैं कि आप कोई काम करने में बहुत अच्छे हैं, तो आप उसमें और भी अच्छे बनते जाते हैं।
आप में ऊर्जा (energy) आती है, जो आत्मविश्वास पैदा करती है और आप महान अनुभव आकर्षित करते है। आपका हर एक विचार ब्रह्मांड को जाता है और आपके सोच ही आपकी नियति (fate) तय करते है ।
अभिव्यक्ति (manifestation) की दुर्घटना (mishaps)
Manifestation आज कल एक trendy शब्द बन चुका है। वैसे ये बहुत अच्छा है की law of attraction आजकल बहुत trendy है, लोग इसके बारे में बात भी करते हैं, लेकिन ये उन लोगों को गुमराह भी कर सकते हैं, जो कड़ी मेहनत करना पसंद नहीं करते हैं। अगर आप अपनी energetic power को greatness में बदलना चाहते हैं, तो आपको खुद में विश्वास करना होगा।
चमत्कार एक course, ये ही चीज हमें दूसरे तरीके से समझाती है। आपके जीवन में जो हुआ है, कभी न कभी आपने जाने या अनजाने में उसकी इच्छा की होती है। आपके इरादे ही आपकी reality बनते हैं। सिर्फ ये जानकर की आपके नकारात्मक विचार आपको अपनी जीवन में low level पर रखने के लिए जिम्मेदार होते हैं, आप अपनी life में बड़े बदलाव ला सकते हैं।
अपने low level सोच के बारे में ईमानदार बन कर, उन्हें पहचान कर, आप वो पा सकते हैं जिसकी आप इच्छा रखते हैं। इन्हें पहचान कर, खत्म कर के आप सकारात्मक परिणाम प्रकट कर सकते हैं ।
कई लोग, जब कुछ पाने की कोशिश कर रहे होते हैं, तो बहुत ज्यादा focus करते हैं बाहरी factor पे, ना की internal factor पे। चमत्कारों के perspective से अगर देखा जाए, तो हमारा आंतरिक अनुभव ज्यादा जरुरी है। हम जो भी चुनते हैं, चाहे प्यार हो या डर, अगर हम प्यार चुनते हैं, तो हम ज्यादा प्यार आकर्षित करेंगे और जब हम डर अनुभव करते हैं, तो और ज्यादा डर आकर्षित करेंगे। कई लोग कहते हैं कि कैसे हम “हम क्या ऐसा पा सकते हैं जिससे हमें बेहतर महसूस हो”, बजाय इसके “हम कैसे बेहतर महसूस कर सकते हैं?”
अपनी इच्छाओं को प्रकट करने के लिए पाँच सिद्धांत:
नीचे 5 नियम दिए गए हैं। जब आप इनको अमल में ला रहे होते हो, ये सुनिश्चित करें कि अच्छा महसूस होना, आपका पहला लक्ष्य होना चाहिए और बाकी चीजें बाद में। खुद को याद दिलाएं, जब आप अपने बारे में अच्छा महसूस करते हों, तो आप अपने आप अच्छी चीज आकर्षित करने लगते हो। जब आपका primary function खुश होने के लिए होता है, तब बाकी चीज पर आपका ध्यान जाता ही नहीं, आपका primary function happiness ही होता है और वही आपको मिलता है ।
सिद्धांत एक: रिक्त स्थान
अभिव्यक्ति (manifestation) की प्रक्रिया शुरू करने से पहले, आपको कुछ समय निकालना पड़ेगा, ये विश्वास बनाने के लिए, आपके पास खुश रहने की शक्ति है और इसका सबसे अच्छा रास्ता है, “प्रार्थना”। Universe से रोज प्रार्थना करें कि आपको उन सारे अविश्वासों से आजाद करे जो आपको खुश रहने से रोक रहे हैं। अपने आप को ब्रह्मांड की तरफ से भेजे जा रहे संदेशो के लिए खुला रखें, और आपको सौंपे गए कामों को पूरा करें।
Universe के assignment कई रूप में आते हैं। हो सकता है आप को उस रिश्ते से बाहर निकलने का task assign किया गया हो गया, जिस रिश्ते ने आपको सिर्फ दुख दिए हो, या हो सकता है आपने, आपके वो काम खो दिए जो आप कर रहे थे, ताकि आप खुद पर आश्रित (dependent) होके अपना कुछ कर सके। Universe के इन assignments पर भरोसा रखें और आप जो चाहते हैं उसके लिए जगह बनायें ।
आपका काम है प्रार्थना करना, उस guidance के लिए, जिससे आप उन सारे अविश्वासों को block कर पाओ जो आपको आगे बढ़ने से रोक रहे हैं। और तब ब्रह्मांड आपको मदद करेगा वो पाने में जो आप पाना चाहते हैं। इस बात पर भरोसा करें की जितना आप अपने विचार को स्वच्छ करेंगे, उतना सकारात्मक प्रभाव आप अपनी जीवन में ला पाएंगे ।
सिद्धांत दो: स्पष्ट हो जाओ
स्पष्टता (clarity) सबसे ऊपर है जब बात अपनी इच्छा को प्रकट करने की होती है। आपके इरादे clear होने चाहिए की आप बिल्कुल क्या चाहते हैं, वरना आपको वो मिलेगा जो आप नहीं चाहते हैं। Focus करें अपनी इच्छाओं पर और उसकी एक सूची बनाएं। अपने काम की स्पष्टता रखें, आपको आपके काम से बिल्कुल क्या चाहिए और क्या चीज आपको खुश करेगी office, log, salary इत्यादि। इस बारे में नीचा महसूस करने कि जरूरत नहीं है, ये सूची आपके इरादे स्पष्ट करने में आपकी मदद करेगी।
इस कदम का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा ये है कि आपको स्पष्ट करना है कि आप किस तरह महसूस करना चाहते हैं। जब आप इस बारे में साफ होते हो, आप अच्छा महसूस करने लगते हो और ये feeling आपको वो चीज manifest करने में मदद करती है जो आप पाना चाहते हो। आप हजारों की सूची बना सकते हैं, लेकिन अगर आप में स्पष्टता नहीं है कि आपको बिल्कुल क्या चाहिए, ये कभी भी आपको नहीं मिलेगा ।
सिद्धांत तीन: इसे सोचो, महसूस करो, विश्वास करो!
अब इन चरणों को एक साथ रखें। अपनी मंशा (intentions) साफ रखें और कुछ वक्त इन्हें महसूस करके बिताए। आप इन feelings को access करने के लिए ध्यान का सहारा ले सकते हैं, कल्पना कर सकते हैं, या आप कोई ऐसी exercise कर सकते हैं जो आपको पसंद हो। जितना आप वो महसूस करते हैं, जिसकी आपको इच्छा है, उतना ही आपको विश्वास होता है कि आप सही रास्ते पर है। अगर आप विश्वास कर सकते हैं, तो आप वहां पहुंच चुके हैं। तो समय निकाले, सोचने के लिए, महसूस करने के लिए, विश्वास करने के लिए ।
सिद्धांत चार: शांत हो जाओ
ये कदम बड़ा critical है। अपनी इच्छाओं को प्रकट करने के लिए, आपको chill करना होगा, मजे करना होगा। चमत्कार एक course बताती है – ऐसे लोग जो निश्चित होते हैं परिणाम को लेकर वो उसका इंतजार कर सकते हैं बिना panic हुए। ये संदेश अपने साथ ले और खुद की वफादारी को अनुमति दें अपने सपने में विश्वास करने के लिए। जबकी आप clear है की आपको क्या चाहिए, आप ये control नहीं कर सकते हैं इसकी timing क्या रहेगी और ये आप तक किस form में आएगा। इसलिए शांत रहे, आराम से रहे, और यकीन करें की ब्रह्मांड आपके साथ है।
सिद्धांत पांच: जानिए ब्रह्मांड (universe) के पास आपकी पीठ (back) है
जब आप जानते हैं की आप क्या चाहते हैं, जब आप जानते हैं कि आप negative energy vibrate नहीं कर रहे हैं, तब आपके अविश्वास दूर होते हैं। जब आप ये 4 steps follow करते हैं, आप अपने मन की जगह को साफ करते हैं,और खुश होते हैं। ये process healing और powerful है, और ये आपको खुद को गहराई से जानने में मदद करती है और इसमें भी कि आप कहां जाना चाहते हैं।
इस पल में अपनी महानता को स्वीकार करना, आपकी महानता को और ज्यादा बड़ा करता है। जब आप इसे महसूस करते हैं, तब आप इसे जीते हैं, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि बाहर क्या होता है। Universe आपकी energy को catch करती है और आपको उसी form में परिणाम (result) मिलते हैं ।
निष्कर्ष – खुश रहने के लिए प्रतिबद्ध (committed) रहें
इन 5 steps के लिए प्रतिबद्ध रहे और यकीन करें की आप वहा है जहां होने की आपको जरूरत है। क्या आपका मुख्य लक्ष्य अच्छा महसूस करना है? तो यकीन करें कि आपको वो सब मिलेगा जो इस feeling को उत्पन्न (generate) करने के लिए आपको चाहिए। ये समझे की खुश रहना ही असली उद्देश्य है जिंदगी का, बाकी सब icing on the cake है ।
सभी Podcast platform पर भी हमारी summary, Kitabein नाम से उपलब्ध है, जिसे हाल ही में भारत का best educational podcast का award भी मिला है। Link ठीक निचे दिया हुआ है:
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12 day completed Thankyou so much fantastic summary i loved it thankyou again
Some of the well explained manifesting processes to achieve anything one wants are written here.
Making clear intentions and goals is what is needed and then just by thinking, feeling and believing it, can manifest it.
But for that one must be very clear about their desires.
Meditation, prayer and becoming spiritually mature to understand the universe can help clear thoughts of anyone. One just have to trust in themselves, thier greatness and the universe because it has a much better plan than us.
Thank you for this wonderful summary !
Aaj is book se maine sikha ki depressed rahkar koi bhi kaam m success nahi mil sakti hame hamara nazariya badlna hoga aur universe se hame jo chahiy wo mangte rahna hoga
Gabby Bernstein, my favourite author. So glad I could read this book again. Learnt so much from this one. Thank you so much for adding this to the list
Day 12/31 Completed the 12th day of reading 31 days challenge successfully
Key take away
Transform fear into faith
No other happiness in the world can take the place of this inner peace
Fight your inner resistance that prevents you from transforming
Whatever you perceive you can conceive
Meditation and prayer are the two keys that can open up all the doors of the universe
Practice Kirtan Kriya to be spiritually mature
You are a dreamer of your dream
You have to recognise your real teacher who is this universe
Most important
Tackle your Monkey Mind
Understand that you deserve to be happy and happiness is a state of mind and heart one should strive to achieve
Every thought creates an energy flow
Your thoughts and energy creates your reality
Think Feel Believe
Through Meditation and Visioning Excersize
Know that feeling good is the true manifestation and everything else is icing on the delicious cake
Happy reading
Love you all ❤️
Stay blessed always
Regards