Attitude is Everything

Attitude is Everything (हिन्दी)

Jeff Keller द्वारा “Attitude is Everything” एक ऐसे रास्ते के बारे में बात करती है जिस पर कम लोग जाते है। इस किताब में छिपा हुआ key message है कि एक खुशहाल एवं अधिक सफल जीवन का मार्ग आपके attitude से शुरू होता है और जब attitude आपके control में होता है। इस किताब में Jeff Keller ने हमें दिखाया है कि कैसे attitude को control में लिया जाए और अपनी छिपी हुई potential को तीन decisive steps के माध्यम से ताकतवर बनाया जा सकता है।

Jeff Keller 20 mins read Read in English Self Improvement

“Attitude is Everything” जिसको “Jeff Keller” ने लिखा है, जो एक प्रेरक वक्ता (motivational speaker) और coach हैं। इस book में Jeff Keller बताते हैं कि कैसे किशोर (teenagers) शक्तिशाली कदम – सोच के, बोल के या काम करके वो अपने अंदर की संभावना (potential) की खोज या नियंत्रण कर सकते हैं।

Jeff का कहना है की इस book में बतायी सभी रणनीतियों (strategies) को उन्होंने व्यक्तिगत रूप से अपने जीवन में लागू किया है, और इन रणनीतियों में जीवन को पूरी तरह से बदलने की शक्ति है।

Present moment में चाहे आप कितनी भी positive या negative हो, ये book आप सबको मदद करेगी। अगर आप negative हो, तो इन concepts का उपयोग करके आप अपने negative attitude को positive में develop कर सकते हैं। अगर आप पहले से ही सकारात्मक व्यक्ति हो, तो इन सिद्धांतों का उपयोग करके सफलता की ऊंचाइयों तक ​​ पहुंचा जा सकता है।

आप ऊर्जावान (energized) हो जाएंगे और नई संभावनाएं (possibilities) को देखेंगे। आपकी व्यक्तिगत या व्यावसायिक (professional) संबंध दोनों और बेहतर बन जाएगी। अपने attitude मे बदलाव लाने के लिए, इस step by step program को आप जान जायेंगे ।

मन में सफलता की शुरूआत

William James का कहना है कि इंसान, अपने mental attitude में बदलाव करके अपनी जिंदगी बदल सकता है। Book के लेखक Jeff Keller एक पेशेवर (professional) वकील (lawyer) थे, लेकिन बाद में उन्होंने प्रेरक वक्ता (motivational speaker) बनने का निर्णय लिया।

वह समय उनकी जिंदगी का सबसे कठिन समय था लेकिन सबसे ज्यादा उन्होंने इसी समय में सीखा। उनका कहना है कि जब आप जीवन में Stand लेते हो तो आपको बहुत सारे मुसीबतों से deal करना पड़ता है।

आपको ये face करना पड़ता है कि लोग आपके निर्णय को स्वीकृत (approve) नहीं करेंगे, लेकिन आपको जिंदगी में “let go” करना सीखना पड़ेगा क्योंकि कभी-कभी जिंदगी में लंबी छलांग लगाने के लिए पहले दो कदम पीछे आना पड़ता है ।

Attitude is Everything

Jeff 10 साल law practice करके एक बड़े वकील बने और बाद में motivational speaker बनने के लिए उन्हें अपना पहले से ही set carrier, income सब पीछे छोड दिया और ये उनके लिए आसान फैसला नहीं था। लेकिन उन्होंने हमेशा, Jackson Brown Jr की बोली हुए बातों को follow किया और वो है – कभी भी, अपने बदलने की शक्ति को कम मत समझो। सकारात्मक attitude इंसान के बेहतर कल का passport है।

हमारा attitude उस खिड़की की तरह है जिससे हम सारी दुनिया देखते हैं इसलिए हमें इस खिड़की को साफ रखने की जरूरत है। William यहां पर दो लोगों का उदाहरण शेयर करते हैं, Sara और Sam। अपने-अपने lunch break  में एक ही समय पर, एक ही coffee shop में lunch करने दोनों आते हैं।

दोनों को अपना-अपना भोजन एक ही समय पर मिलता है, दोनों को अच्छे से खाना पड़ोसा जाता है। लेकिन अभी भी दोनों बहुत अलग हैं।

Sara coffee shop में smile करते हुए आती हैं, उसका attitude, या body language बहुत positive है। Sara ने बहुत अच्छे से lunch किया, waitress से अच्छे से बात की और वापस अपने काम पर खुशी से लौटी। दुसरे हाथ पर Sam ने coffee shop में गुस्से में enter किया।

उसकी body language, posture और attitude बहुत negative है। जब waitress ने उसका order समय से नहीं लिया तो waitress पर चिल्लाने लगा।

खाना समय से serve न किए जाने पर वो झल्ला गया। उसने खाने की या bill समय से ना मिलने की शिकायत की। Sara या Sam के, एक ही coffee shop में बहुत अलग अनुभव है। दोनों को वही सम्मान मिला लेकिन Sara, दुनिया को सकारात्मक attitude से देखती है और Sam दुनिया को नकारात्मक attitude से देखता है।

सकारात्मक और नकारात्मक दृष्टिकोण के बीच कुछ अंतर:

सकारात्मक की सोच होती है कि मैं कर सकता हूं, नकारात्मक हमेशा समस्याएं के बारे में सोचते है। Positives हमेशा solution के बारे में सोचते हैं और negatives दूसरों में कमियां निकालते रहते हैं जबकि positives दूसरों में अच्‍छाइयां ढूंढते हैं। Negative बस उसके बारे में सोचते हैं जो उनके पास नहीं है लेकिन सकारात्मक लोग अपनी blessing के बारे में सोचते हैं।

नकारात्मक सीमाएं (limitations) देखते हैं लेकिन सकारात्मक संभावनाएं (possibilities) देखते हैं ।

Attitude is Everything summary

हमारा attitude ही हमारे दुनिया को देखने की खिड़की है क्योंकि हम सबने जिंदगी की शुरुआत एक अच्छे attitude और साफ मानसिक खिड़की से की थी। बच्चे हमेशा मुस्कुराते या खुश रहते हैं, उनको नई चीज explore करना अच्छा लगता है। जब एक बच्चा चलते चलते गिर जाता है, तब वो हंसता है, उठता है और एक बार फिर चलने की कोशिश करता है। वो ऐसा हफ्तों या महीनों तक करता है जब तक वो ठीक से चलना ना सीख जाए।

उसकी मानसिक खिड़की साफ होती है, जहां उसे लगता है वो कुछ भी कर सकता है। लेकिन जब जिंदगी मानसिक खिड़की को गंदा करना शुरू करती है, तब हमारी खिड़की माता पिता या शिक्षकों की आलोचना (criticism), अस्वीकृति, निराशा या संदेह के कचरे से बहुत गंदी हो जाती है ।

हम अपनी इस मानसिक खिड़की को साफ करना सीख सकते है। हमें बस अपना attitude को ठीक करने की जरूरत है ताकि हम दुनिया को अच्छे से या साफ ढंग से देख सके। जब हम अपनी मानसिक खिड़की को साफ करते हैं, तो हमें एक नई दुनिया नजर आने लगती है, और सारी निराशा या अवसाद (depression) खत्म हो जाती है, हम और ज्यादा confident हो जाते हैं।

अपनी खुद की मानसिक खिड़की साफ रखना हमारा काम है, किसी और का नहीं। लोग हमें इसमें प्रोत्साहित कर सकते हैं लेकिन ये तो हमको ही करना पड़ेगा। हमारे पास हमेशा एक option होती है – हम अपनी मानसिक खिड़की को गंदा रख कर दुनिया को भी उसी नजर से देख सकते हैं या तो हम इसे साफ करके, बेहतर (better), चमकदार (bright) या sunnier जीवन देख सकते हैं ।

Attitude is Everything Hindi

Hugh Downs का कहना है – एक खुश इंसान वो इंसान नहीं है जो अपने हालात से खुश बना है बल्कि वो है जो अपने कुछ attitude से ऐसा इंसान बना है। अपनी क्षमता को बढ़ाने या अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए हम कुछ समय कुछ आधारित सिद्धांत (principles) अपनी जीवन में लागू कर सकते हैं।

इन सिद्धांतों को लागू करके, लाखो लोगों की मदद हुई है अतिरिक्त सामान्य परिणाम पाने में, लेकिन सकारात्मक दृष्टिकोण के बिना कोई भी सिद्धांत काम नहीं करेगा।

हमारे जीवन में सफलता हमारे attitude से शुरू होती है और attitude की वजह से ही खत्म होती है। जब हम इन सिद्धांतों के साथ सकारात्मक attitude को मिला देते हैं तो हम अजेय बन जाते हैं ।

Attitude is Everything Eng Summary

Earl Nightingale जो एक बहुत बड़े सफल लेखक (writer), प्रसारक (broadcaster) और स्पीकर हैं, ने सफलता को छह शब्द में समझाया है – हम वही बनते हैं जो हम सोचते हैं मतलब हम जो सोचते हैं वह ही बनते हैं। ये कुछ ऐसे काम करता है। अगर हम लगातार एक ही लक्ष्य के बारे में सोच रहे हैं, तब हम उस लक्ष्य को हासिल करने के लिए गतिविधि (action) कर सकते हैं।

उदाहरण के लिए, Fred को लगता है कि वो साल के $30,000 डॉलर कमा सकते है। मानव चुंबक (human magnet) की तरह, Fred ऐसे काम आकर्षित करेगा जो इस लक्ष्य की दिशा में होगा। Fred अपने $30,000 डॉलर साल के लक्ष्य को हासिल कर लेंगे। अगर Fred ये सोचने लगे की मेरी जरुरते ज़्यादा है या मुझे ज़्यादा पैसे की ज़रुरत है, या मुझे $50,000 डॉलर साल का चाहिए होगा ।

अगर Fred सिर्फ $50,000 डॉलर साल का कमाना चाहे लेकिन उसमें विश्वास ना करे कि वो इतना पैसा कमाने की क्षमता रखते है, तो इस मामले में Fred अपने $50,000 डॉलर साल के लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाएगे। लेकिन अगर वो लगतार ये ही सोचते या मानते रहे की वो $50,000 साल का काम करने की और कमाने क्षमता रखते है तो वो अपने इस लक्ष्य को भी हासिल कर सकते है।

Attitude is Everything Hindi

हम जो सोचते हैं वो ही बनते हैं, इसे law of dominant का नाम दिया गया है। यहां पर जरुरी शब्द “dominant” है। अगर हम 10 सेकंड सकारात्मक रहे और बाकी का सारा समय नकारात्मक रहे तो हम सकारात्मक परिणाम की उम्मीद नहीं कर सकते। जैसे थोड़ी सी dieting या कुछ हफ़्ते थोड़ी सी exercise हमें शारीरिक रूप से फिट नहीं रख सकती, वैसे ही थोड़ी सी सकारात्मक सोच हमको सकारात्मक परिणाम नहीं दे सकती।

सिर्फ थोड़ा करने से काम नहीं होता। हमको अपनी मानसिक गतिविधि को पूर्ण नियंत्रण में लाना होगा और हर दिन सकारात्मक रहना होगा जब तक ये हमारी आदत न बन जाए। हमको याद रखना है कि law of dominant से हमारा सकारात्मक विचार dominant होना चाहिए ।

यहां लेखक अपना व्यक्तिगत उदाहरण शेयर करते हैं – छह महीने तक उन्होंने पूरी तरह से focus होकर सोचा की वो दो निवेश कर घर खरीद रहे हैं। वो हर रोज कई बार इस लक्ष्य को लिखते हैं या उसे बार-बार सोचते हैं और महसूस करते हैं कि साल के अंत तक उनके पास दो निवेश घर होंगे।

Weekend या शाम में वो real estate प्रतिनिधि (agent) से मिलते है और हज़ारो घर देखने जाते हैं। 1986 के अंत में उन्होंने एक घर खरीदा और साल खत्म होने से सिर्फ दो दिन पहले ही उन्होनें दूसरा घर भी खरीद लिया।

लेखक बताते हैं कि अपने अनुभव से ही उन्होंने सीखा की जब हम खुद में विश्वास करते हैं या अपने विचार को सकारात्मक रखते हैं तब हम अपने लक्ष्य को हासिल करते हैं। अगर हमारे विचार बदले नहीं होंगे तो हमारे परिणाम भी कभी बदल नहीं सकते ।

अपनी सोच बदलें – ये एक रोमांचक (exciting) खबर है। हम अपनी सोच को अच्छे परिणाम के लिए बदल सकते हैं। ज़्यादातर हम जो बोलते हैं वो बहुत नकारात्मक और नाजुक (critical) होता है। हमारी सोच होती है – “ये मैं नहीं कर सकता” या “मैं हमेशा चीजें गलत करता हूं”।

ये विचार हमारे खिलाफ काम करते हैं। इसके बदले हमें खुद को बोलना चाहिए – “मैं ये कर सकता हूं और मैं अपने लक्ष्यों को हासिल करूंगा”।

यहां कुछ और कदम है जो हमें सकारात्मक रखने और मनवांछित (desired) परिणाम देने में मदद कर सकती है:

स्टेप 1 –  हर रोज, कुछ अच्छा positive जरूर पढें। 15 से 30 मिनट सुबह में पढें, सोने से पहले पढ़ना भी बहुत मदद करती है।

स्टेप 2 – हर रोज, कुछ motivational audio program जरूर सुनें। हम रोज घर आते समय या काम में थोड़ा समय निकाल कर यह कर सकते हैं। जरुरी है – रोज दोहराना। जब हम ऐसे संदेश हर रोज सुनते हैं तो ये हमारी जिंदगी का हिस्सा बन जाते हैं और हम इनको अपने जीवन को improve करने के लिए लागू करना शुरू कर देते हैं। लेकिन हां बिना actions के इन audios का भी कोई फायदा नहीं है।

रातों रात सफलता पर भरोसा मत करो – सकारात्मक सोच का मतलब ये नहीं है कि आपको रातो रात सफलता मिल जाएगी। ऐसा नहीं कि आप पैसे के बारे में सोचना शुरू करेंगे और अगली सुबह आपको अपने bedside के पास पैसे मिलेंगे। सफलता के लिए प्रयास (effort), प्रतिबद्धता (commitment) और धैर्य (patience) की जरूरत होती है।

सकारात्मक सोच का मतलब ये भी नहीं कि आपके जीवन में कोई भी समस्या नहीं आएगी। लेकिन अगर हम खुद में विश्वास करके गतिविधि करें तो हम अपनी समस्याएं को दूर कर सकते हैं। हम अपने जीवन में जो भी हासिल करते हैं, वो हमारे विचार या विश्वास से आता है ।

अपनी सफलता की राह की कल्पना करें – हमें पहले अपने दिमाग में स्पष्ट रूप से उसे देखना है जो चीज हमको चाहिए। एक इंटरव्यू में मशहूर singer Celine Dion से पूछा गया था कि क्या उन्होंने कभी सोचा था कि वो इतनी बड़ी स्टार बनेंगी और लाखों लोगों के सामने perform कर रही होंगी।

इसके जवाब में singer ने कहा कि ये सब हासिल करना उनके लिए surprise नहीं था, इसलिए क्योंकि ये सब कुछ उन्होंने पांच साल की उमर में ही कल्पना (visualize) कर लिया था ।

कल्पना को हमने बचपन से ही अपने हालात को बनाने के लिए इस्तेमाल किया है। कल्पना को “Movies of the Mind” और “Inner Pictures” या images भी कहा गया है। हम सब अपने दिमाग में कुछ images स्टोर कर लेते हैं, हमारे रिश्तों पर निर्भर करती है कि वो कैसे है, हम कितने सफल हैं या हम कितना पैसा कमाएंगे। Albert Einstein ने कहा था “कल्पना ज्ञान से भी ज्यादा महत्वपूर्ण है”।

नई तस्वीरें बनाएं – हमें अपने दीमाग में ऐसी picture बनानी चाहिए जिसमें हम बहुत confident हैं। वो तस्वीर एक दिन में पूरी नहीं होगी, लेकिन धैर्य के साथ इन mental images पर focus करके हम automatic ऐसे काम करेंगे जो इन images को support करे ।

अपने आपको एक cheque लिखें – सफल होने के लिए एक और तकनीक को अपनाया जा सकता है। हमलोग उसका visual aids सृजन (create) कर सकते हैं जो भी हमको चाहिए।

1990 में, Jim Carry जो एक मशहूर comedian और actor थे, को कोई नहीं जानता था। Carry ने खुद के नाम का एक 10 million dollar का cheque लिखा। Cheque 1995 के लिए post dated था। Carry ने बताया कि बात पैसे की नहीं थी लेकिन उनको पता था की, अगर वो बेहतरीन लोगों के साथ काम करेंगे और अच्छा काम करेंगे तो इतना पैसा हर हाल में कमा रहे होंगे। 1995 में, उन्हें हर फिल्म के लिए $20 million dollar मिलना शुरू हो गया।

ये वही तकनीक आपके लिए भी काम कर सकती है। आप अपने लिए एक cheque लिखिए और उसे 3-4 साल के लिए post date डाल दीजिए। इस cheque को हर रोज जरूर देखें और विश्वास करें कि आप अपने इस लक्ष्य की तरफ बढ़ रहे हैं।

Lights, camera, action – अगर हम दीमाग में नई images सृजन (create) नहीं करेंगे तो हम पुरानी images को ही चलाते रहेंगे। अगर पुरानी फिल्में या पुरानी छवियां से आपका काम चल रहा है तो अच्छी बात है, लेकिन अगर ये छवियां आपको जीवन में पीछे ले जा रही हैं, तो अपने दिमाग की अविश्वसनीय शक्ति का उपयोग करें और खुद को अधिक सफलता के लिए प्रेरित करें।

Attitude is Everything

एक प्रतिबद्धता (commitment) बनाओ और तुम पहाड़ों को हिलाओगे-  प्रतिबद्धता अंत में सफ़लता का ही सार (essence) है। लेखक के अनुसार, जो भी आपको चाहिए उसे पाने का मंत्र है- जो भी सफल होने के लिए चाहिए, उसे करने की इच्छा। जो भी चाहिए से ये मतलब नहीं है कि आप अवैध या अनैतिक काम और दूसरों को नुकसान पहुंचा सकते है। इच्छा का मतलब है मानसिक attitude। उदाहरण के लिए अगर लक्ष्य हासिल करने के लिए 5 कदम लगते हैं तो 5 कदम करना, अगर 55 कदम लगते हैं तो 55 कदम करना, और अगर उसके लिए 155 कदम लगते हैं तो 155 कदम करना।

प्रतिबद्धता का जादू – जब आप commitment करते हो या उसे पूरा करने के लिए कुछ भी करने को तैयार हो तो, तब आप उन लोगों या परिस्थितियों को अपनी तरफ से आकर्षित करते हैं जो उस लक्ष्य को पूरा करने में और आपकी मानसिक तस्वीर को वास्तविकता में बदलने में आपकी मदद करती हैं ।

खुलेंगे दरवाजे –  जब आप अपने लक्ष्य (goal) के लिए अपनी इच्छा बढ़ाते हैं तब आपको सही रास्ते का पता चलता है। आप ऐसे लोगों से मिलते है जिनसे आपने कभी नहीं सोचा था कि आप मिलोगे।

सारे दरवाजे अनपेक्षित (unexpected) रूप से आपके लिए खुल जाते हैं, लेकिन सच ये है कि आपने commitment के जरीये ये दरवाजे अपने लिए खोले हैं। लेकिन सिर्फ commitment से भी सब कुछ आसान नहीं होने वाला। जीवन आपको test करती है कि आप अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए कितने गंभीर हो। बहुत मुश्किल आएगी, आप बहुत सी गलतियां करोगे और बहुत निराशा भी होगी।

ये भी हो सकता है कि आप अपने लक्ष्य से पीछे हट जाएं। यहाँ पर ही Winston Churchill की सलाह सबसे ज्यादा काम आती है और वो है – “कभी भी हार मत मानो”। James Corbett ने कहा था – आप एक और round खेलने से champion बनते हो। जब चीज मुश्किल होती है तब बस एक और गोल खेलो।

अगर अपने लक्ष्य को पूरा करने का आपका commitment है, तो छोटी-छोटी हार को दूर करके आप आखिरकार जीत सकते हैं। एक committed इंसान, 100 दिलचस्पी (interested) वाले इंसानों से कहीं ज्यादा बेहतर है ।

अपनी समस्याओं को अवसरों में बदलें – हम शायद संघर्ष करेंगे, सामना करेंगे लेकिन मुश्किलें एक दुसरी तरफ भी होती है। एक समस्या कभी-कभी समस्या होती ही नहीं है, बल्कि अवसर होती है। कभी-कभी problems सिर्फ इसलिए आती हैं ताकि कुछ adjustment करके उसको अवसर में बदला जा सके। Problem के बिना आज तक हमने जीवन में कभी positive action लिया ही नहीं है।

Attitude is Everything Summary

Carrier में बदलाव हताशा से आता है – लेखक का कहना है कि उनकी खुद की कहानी, समस्याएं और मुश्किलें को अवसर में बदलने का एक बहुत बड़ा उदाहरण है। Law school से graduate होने के बाद जब तक सालों की उदासी उनके जीवन में नहीं आई, तब तक वो selfdevelopment material में कभी interested नहीं थे।

उनका कहना है कि अगर वो वकील बनने के बाद अपने काम से इतने असंतुष्ट ना हुए होते हैं तो carrier switch करने का कभी सोचा ना होता। खराब रास्ते हमेशा सुंदर destination तक ले जाते हैं ।

आपदा (adversity) दुःख, समस्याएं, कठिनाईयां, मुश्किलें कैसे दे सकती हैं:

1 – प्रतिकूलता हमें परिप्रेक्ष्य (perspective) देती है – जब भी हम किसी बड़ी बीमारी से ठीक होते ही, या tyre puncture, या leaky roof ये सब होने के बाद भी ये सब आपको समस्याएं जैसी नहीं लगती। आप इन सबसे आराम से बाहर आते हो और जीवन में जरुरी चीजों पर फोकस कर सकते हो।

2 – प्रतिकूलता (unfavorable) हमें आभारी होना सिखाती है – वो समस्याएं या कठिनाइयां जहां हमारा नुकसान हुआ होता है, वहां आप जीवन के बहुत चीजों के लिए आभारी हो जाते हो। आम तौर पर आप चीजों को तब तक सराहना नहीं करते जब तक वो आपके पास न रहे। एक समझदार इंसान loss के बाद भी अपने आशीर्वाद पर ध्यान देता है।

Attitude is Everything

3 – प्रतिकूलता हमारी छिपी क्षमता को सामने लाती है – किसी बहुत कठिन परिस्थिति से बाहर आने के बाद हम लोग भावनात्मक रूप से मजबूत हो जाते हैं। जीवन आपको test करती है और आप उसमें पास हो जाते हो, या अगले challenge के लिए आप पहले से तैयार रहते हो। समस्याएँ या कठिनाइयाँ हमारे अन्दर best लेके आती हैं। हम ऐसी योग्यताओं की खोज करते हैं जो हमें कभी पता भी नहीं था कि वो हमारे अन्दर हैं ।

4 – प्रतिकूलता हमें बदलाव करने और कारवाई करने के लिए प्रोत्साहित (inspire) करती है – बहुत से लोग बस इसमें ही अटके रहते हैं कि उनकी जिंदगी कितनी उबाऊ (boring) और दर्दनाक है। Problems कभी-कभी सिर्फ आती है क्योंकि जीवन का एक तरीका है आपको ये बताने कि आपको अपने जीवन में सही action लेने की जरूरत है।

5 – प्रतिकूलता हमें जरुरी सबक सिखाती हैं – समस्या आपको कीमती सबक भी सीखती है ताकि आप वही गलती भविष्य में ना दोहरा कर जल्दी सफल बन पाओ ।

6 – प्रतिकूलता ने खोली नई राह – जब आपका break up हो जाता है, तब आप बेहतर relationship ढूंढते हो। आपकी job चली जाती है तो आपको बेहतर job मिल जाती है। ये एक छुपी हुई अवसर है जो आपको बताती है कि आपके जीवन में एक दरवाजा बंद हो गया है, लेकिन एक बेहतर दरवाजा हमेशा आपका इंतजार कर रहा है।

7 – प्रतिकूलता आत्मविश्वास (confidence) और आत्मसम्मान (selfesteem) का निर्माण करती है – जब आप अपना पूरा जोर लगाएंगे और हिम्मत रखके समस्याएं को face करते हैं, तब आप अपने अंदर और ज्यादा आत्मविश्वास महसूस करते हैं। आपमें और अद्भुत सकारात्मक दृष्टिकोण आ जाते है जिससे आप सही गतिविधियां (actions)  उपयोग कर सकते है ।

अपने शब्दों को देखें

आपके शब्द – वो शब्द जो आप लगातार चुनते हो बोलने के लिए वो आपकी नियति तय करते हैं। हमारे शब्द में जादू है, वो हमे उज्ज्वल भविष्य दे सकते हैं। हमारे शब्द हमारा विश्वास बनाए रखने में हमारी मदद करते हैं और हमारे विश्वास ही वास्तविकता बनते हैं। ये एक प्रोसेस है – विचार = शब्द = विश्वास = कार्य = परिणाम।

उदाहरण के लिए – Tom को लगता है कि sales में वो अच्छा नहीं है, वो हर रोज हजारो लाखों बार वही सोचता है। उसके बाद Tom ऐसे शब्दों का प्रयोग करना शुरू कर देता है जो इस विचार को समर्थन करता है। वो हर रोज खुद को या अपने दोस्तों को बार-बार वही चीज दोहराता है और ऐसे उसका विश्वास मजबूत हो जाता है ।

Attitude is Everything Eng summary

धीरे-धीरे Tom का ये विश्वास मजबूत हो जाता है की वो sales में कभी सफल नहीं हो सकता और वो ज्यादा पैसा नहीं कमा सकता क्योंकि Tom अपनी sales ability में विश्वास नहीं करता तो वो उसके लिए बहुत थोड़ा action करता है जो productive नहीं है।

इसलिए उत्पादक क्रिया ना होने से खराब परिणाम आते हैं। Mankind में “शब्द” सबसे जरूरी चीज है। हम हर रोज negative बोल के positive पाने की उम्मीद नहीं कर सकते है ।

बताना है या नहीं बताना –  हममें से बहुत लोग बस इसमें फसे रहते हैं कि सकारात्मक खुद को बोलना है या लोगों से सकारात्मक बात करनी है। इसका जवाब ये है की इसका कोई hard and fast rule नहीं है। हमें वो करना चाहिए जो हमारे लिए best हो।

सबसे पहले तो खुद को positive बोले। बार-बार खुद को सकारात्मक बोलने से वो हमारे जीवन का हिस्सा बन जाता है। अपने लक्ष्य दूसरों को बताये या नहीं ये एक मुश्किल सवाल है।

अपने लक्ष्य negative लोगों से कभी चर्चा ना करें, वो लोग बस आपसे बहस करेंगे या आपको बताएंगे कि आप कैसे fail हो जाएंगे। उनके खुद के कोई सपने या लक्ष्य नहीं होते इसलिए वो किसी और को भी सफल नहीं देखना चाहते। हमें अपने लक्ष्य ऐसे इंसान से share करने चाहिए जो बेहद सकारात्मक हो और हमारे प्रयास में पूरी तरह से समर्थन करते हैं।

जो आपके लक्ष्य से खुश हो या उसे हासिल करने में आपकी मदद करें। सबसे जरुरी बात ये है कि जो उस subject में qualified हो, intelligent opinions दे, लक्ष्य हमेशा ऐसे इंसान से ही चर्चा करनी चाहिए।

अगर आप अपना business शुरू करना चाहते हो, तो किसी ऐसे इंसान से चर्चा करने का कोई मतलब नहीं जिसने कभी business किया ही ना हो। ऐसे लोग हमेशा आपको लंबी list देंगे business ना करने की। उन्होंने खुद सारी जिंदगी किसी और के लिए काम किया है। उनसे बात करके, आप अपने ऊपर संदेह करने लगेंगे और आपको ऐसी मदद की कोई जरूरत नहीं है ।

शब्द और भावनाएं – हमको ऐसे शब्दों का प्रयोग करना चाहिए जो हमारे लक्ष्यों की तरफ इशारा करें। Anthony Robbins ने अपनी best selling book, “Awaken the Giant Within” में एक पूरे chapter में इसको highlight किया है कि कैसे हमारे शब्द हमारे emotions या विश्वास को प्रभावित करते हैं।

हम “मुझे नष्ट कर दिया गया है” को “मुझे वापस set कर दिया गया है” से प्रतिस्थापित (replace) कर सकते हैं। मुझे नफरत है कि जगह मुझे पसंद है का उपयोग कर सकते हैं । मैं दृढ़ निश्चयी की जगह मैं अजेय हूं का उपयोग कर सकते हैं, या मैं ठीक महसूस करता हूं कि जगह, मुझे अभूतपूर्व लगता है या मुझे जबरदस्त लगता है का उपयोग किया जा सकता है ।

हम अपने जीवन के चार factor, जो हैं – रिश्ते, वित्त (finance), carrier और स्वास्थ्य, में कुछ वाक्यांशों का उपयोग करते आए हैं, उनको जांच करते हैं। रिश्ते में हमेशा ये बार-बार बोलना बंद करे कि लोग मेरा फायदा उठाते हैं क्योंकी अगर हम इन शब्दों का इस्तेमाल करेंगे तो हम ऐसे लोग आकर्षित कर रहे हैं अपने जीवन में जो सच में हमारा फायदा उठाएंगे या हमको निराश करेंगे।

Finance sector में बार बार ये ना बोले कि मेरे ऊपर बहुत कर्ज है। जो लोग आज बहुत अमीर हैं, वो गरीबी के बारे में रो रो कर अमीर नहीं बने हैं और जो लोग पैसे को लेकर बहुत ज्यादा रोते हैं, वो आम तौर पर पैसा कमा भी नहीं पाते हैं।

Carrier में बार बार ये ना बोले की मुझे नहीं पता मैं कहां जा रहा हूं या मेरा क्या होगा। आपके शब्द दिखाते हैं कि आपके पास दृष्टि या दिशा नहीं है।  Health sector में, हमारी body उसपे react करती है जो आप बोलते हो या सुनते हो। तो बार बार अपनी health issue के बारे में बात करके आप वास्तव में अपना शरीर में दर्द और बीमारी को प्रकट ना करें ।

How are you का जवाब तीन category में दिया जा सकता है:

नकारात्मक उत्तर – “घटिया”, “भयानक”, “मैं थक गया हूँ”, “यह मेरा दिन नहीं है”, “मत पूछो”। इस तरह के जवाब देने वाले अपने attitude खराब कर रहे हैं, और वो दूसरे लोगों को भी नकारात्मक कर देते हैं।

औसत दर्जे की प्रतिक्रियाएँ – “मैं ठीक हूँ”, “बहुत बुरा नहीं”, “बदतर हो सकता है”, वही पुराना”, “hanging in there”, “fine”। औसत दर्जे की प्रतिक्रियाएं देने वाले लोग औसत दर्जे का attitude रखते हैं और औसत दर्जे के परिणाम ही पाते हैं ।

सकारात्मक प्रतिक्रियाएँ- “शानदार”, “महान”, “उत्कृष्ट”, “सुपर”, “मैं दुनिया के शीर्ष पर हूं”, “यहां कोई बेहतर नहीं होता”। सकारात्मक प्रतिक्रिया देने वालों के पास रहना आपको अच्छा लगता है। जब आप उत्कृष्ट जैसे शब्दों का प्रयोग करते हैं तो आपकी body इसके अनुसार प्रतिक्रिया करती है। आपका posture सही रहता है, और दूसरे लोग आपकी ऊर्जा (energy) की तरफ आकर्षित होते हैं।

क्या होगा अगर मुझे बहुत अच्छा नहीं लगता – कभी-कभी लोग कहते हैं कि अगर मैं सच में बहुत अच्छा महसूस ना करू तब? मैं अपने दोस्तों को, colleagues को ये झूठ नहीं बोल सकता है कि सब अच्छा है जबकि सच में ऐसा नहीं है। यहाँ पर लेखक एक लड़की का उदाहरण देते हुए समझाते हैं कि मान लो Sally बहुत थकी हुई है।

कोई उससे पुछता है कि वो कैसी है और वो जवाब देती है कि वो बहुत थकी हुई है, तो वो खुद को याद दिला रही है, और उसके बाद वो और ज्यादा थकी हुई महसूस करेगी और उसका पूरा दिन अनुत्पादक (unproductive) जाएगा ।

मान लो वो पूरी तरह थक के घर जाती है और उसे पता चलता है की वो 10 मिलियन डॉलर जीत गई है तो अपने परिवार या दोस्तों को ये बताने के लिए भागेगी और पूरी रात जागेगी ये celebrate करने के लिए। लेकिन कुछ मिनट पहले तक वो बहुत थकी थी। अब उसे क्या हुआ? एक विकल्प था, या तो वो अपने थकान पर focus कर सकती थी या फिर वो अपनी आशीर्वाद को enjoy करके ऊर्जावान रह सकती है। हम जब खुद को बोलते हैं कि हम थके हुए हैं तो हम थके हुए महसूस करते हैं और जब हम खुद को बहुत अच्छा बोलते हैं तो हम ऊर्जावान महसूस करते हैं।

शिकायत करना बंद करें –  Lady Holland का कहना है कि समस्याएं बच्चों की तरह होती है जो पालने से बढ़ती जाती है। हम अच्छा, uplifting और ऊर्जावन महसूस नहीं करते जब कोई अपनी समस्या या शिकायतें का बोझ हमारे उपर डाल देता है। किसी को भी complainer के आस पास रहना अच्छा नहीं लगता। परिवार या दोस्तों के साथ अपने अनुभव share करना शिकायत नहीं है, लेकिन अगर हमें कोई स्वास्थ्य समस्या है तो लोग हमारे लिए क्या कर सकते है।

हमें doctor के पास जाना चाहिए ना कि दोस्त या परिवार के पास। दर्द या बेचैनी के बारे में बात करके आप और ज्यादा दर्द आकर्षित करते है। कुछ लोग तो मौसम के बारे में शिकायत करके अपना समय बर्बाद करते है। जिन चीज़ों पर हमारा नियंत्रण नहीं है या कोई भी चीज जो हमारे जीवन में impact नहीं डालती उनके बारे में बात करना बेकार है। हमारे जीवन में किसी challenge का solution शिकायत नहीं है। शिकायत हमारे खिलाफ तीन तरह से काम करती है:

1. किसी को नेगेटिव सुनना पसंद नहीं है,

2. शिकायतें आपके दर्द को और ज्यादा बढ़ाती है,

3. शिकायत का कोई नतीजा नहीं है।

 Heaven उनकी मदद करता है जो कार्य करते हैं

Attitude is Everything summary

कुछ भी अपने आप नहीं मिलता। जब हम ये समझ जाते हैं की चीजों को पाने के लिए काम करना पड़ता है, तब वो हमें मिल जाता है। एक इंसान का चेहरा mirror में देख सकते हैं, लेकिन अंदर से वो इंसान कैसा है, यह उसके friend circle को देख कर बताया जा सकता है।

अपने डर का समझदारी से सामना करें – अगर हमको सफल होना है, अपनी संभावना (potential) पहचानना है या अपने लक्ष्यों को हासिल करना है तो हमें असहज होने के लिए तैयार रहना होगा। वो चीज करनी होगी जिनसे डर लगता है। Marie Curie ने कहा था, “लाइफ में कुछ भी डरावना नहीं है, बल्कि उन चीजों को समझने की जरूरत है”।

यहां डर का मतलब शारीरिक जोखिम से नहीं है, जो आपको नुकसान पहुंचा दे। यहां challenging  चीज करने का मतलब है वो चीज जो आपकी personal या professional growth के बीच में खड़ी है। वो चीज जो आपको डराती है, लेकिन जो आपके जीवन में growth के लिए जरुरी है।

कुछ common fears हैं:

1 – Public speaking या presentation देना,

2 – No सुनना या अपने idea को rejection मिलना,

3 – Job change करना या business start करना,

4 – अपने managers या executives को negative news देना,

5 – अपने higher management से बात करना,

6 – Fail होने का डर।

डर से छुपके हम कहीं नहीं पहुंच सकते। Miguel Cervantes का कहना है – जिनकी wealth चली जाती है उनका थोड़ा नुकसान होता है, जिन्के friends चले जाते हैं, उनका बहुत नुकसान होता है और जिनका साहस चला जाता है उनका सब कुछ चला जाता है। इसका एक ही समाधान है कि बिना डर ​​या चिंता के इन स्थितियों को face करें। अखाड़े में प्रवेश करने से या भाग लेने से ही आधी जीत हो जाती है। डर होने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन सफल लोग अपने डर का सामना करने के लिए आगे बढ़ते हैं। ये आसान नहीं है लेकिन आप great feel करोगे जब आप अपने डर का सामना करोगे।

वहाँ से बाहर निकलो और असफल हो जाओ – असफल होना एक अवसर है दुबारा समझदारी से शुरू करने का। Churchill के शब्दों में – बार बार असफल होने पर भी उत्साह न खोना ही सफलता है। सफल लोगों ने fail होते हुए आगे बढ़ना सीख लिया है। वो अपनी असफलता केवल enjoy नहीं करते लेकिन उससे बहुत कुछ सीखते हैं। किसी भी कौशल में कुशल बनने के लिए बहुत सारा समय, प्रयास, इच्छा या अनुशासन चाहिए।

Attitude is Everything

Jack Canfield या Mark Victor को 33 रिजेक्शन के बाद एक publisher मिला जिसे उनकी किताब publish की “Chicken soup for the soul”। बार बार reject हो कर भी उन्होनें आगे बढ़ना सीख लिया। उनके इस attitude ने उन्हें लाखों dollar का मालिक बनाया। सफलता मिलना तब असंभव हो जाता है जब आप छोड़ देते हैं। अंतिम चरण ही छोड़ना है। Thomas Watson ने सफल होने का फॉर्मूला दिया था और वो है – अपनी failure rate को डबल कर दो।

Networking जिससे परिणाम मिलते हैं – आपको जीवन में सब मिल सकता है जब आप दूसरों को वो पाने में मदद करते है जो वो चाहते हैं। Networking खुद के प्रयास को leverage करने का और अपनी सफलता की गति को बढ़ाने का एक तरीका है। आखिर जब हमारे ठोस रिश्ते होंगे, हमें सफल होने के अवसर उतनी ज्यादा मिलेगी। हम सफल होने के लिए सब कुछ खुद नहीं कर सकते।

Business area में networking आपकी मदद करता है:

1 – नए clients या business lead generate करने में,

2 – रोजगार के अवसर बढ़ाने में,

3 – critical position के लिए सही इंसान ढूंढने में,  

4 – सही जानकारी या संसाधन ढूंढने में,  

5 – problem solving में।

Networking से व्यक्तिगत स्तर पर भी हमारी मदद होती है जैसे सामाजिक संबंध बढ़ाना, विभिन्न जातीय, सांस्कृतिक या दार्शनिक पृष्ठभूमि के लोगों से मिलना और अपनी आध्यात्मिक विकास में योगदान करना।

Attitude और action – networking में attitude बहुत matter करता है। दूसरों को serve करना बहुत महत्वपूर्ण है। लोगों को समय-समय पर call करें। अगर ऐसे calls से business आता है तो अच्छा है और नहीं आता तो और भी अच्छा है। हर रोज नए लोगों से मिलने के अवसर को ढूंढे। हर इंसान को महत्वपूर्ण समझे। Follow up जरूर करें, अगर किसी से कहीं मिले हैं तो बाद में एक short message जरूर करें। Network build होने में समय लगता है, लेकिन अभी भी आपको अपनी field में great होना पड़ेगा। लगातार सीखने और सुधार करने से आपको अच्छे परिणाम मिलते हैं।

निष्कर्ष

अपना attitude बदल के अपने जीवन को बदला जा सकता है। जब हम अपना attitude बदलते हैं, तो आप ऊर्जावान हो जाते हैं और आप असाधारण परिणाम पा सकते हैं। अपने जीवन को नियंत्रित करें। आप अपने सपने से ज्यादा पाने की संभावना रखते हो और आपका attitude आपके potential को असीमित कर देता है। बदला हुआ नजरिया आपकी जिंदगी में चमत्कार ला सकता है और ये attitude; fact, past, शिक्षा, पैसा, circumstances, असफलताएं और सफलता से सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है।

Attitude is Everything Hindi summary

हम अपना अतीत तो बदल नहीं सकते और लोग एक निश्चित तरीके से व्यवहार करेंगे ही, ये तथ्य भी हम बदल नहीं सकते हैं। हम सिर्फ एक चीज पर काम कर सकते हैं और वो है हमारा रवैया। Life वो है जो 10 प्रतिशत हमारे साथ होता है और 90 प्रतिशत जैसे हम प्रतिक्रिया (react) करते हैं। अपने सपनों को पूरा करने का साहस रखें और ये कभी नहीं भूले कि Attitude is Everything है।

सभी Podcast platform पर भी हमारी summary, Kitabein नाम से उपलब्ध है, जिसे हाल ही में भारत का best educational podcast का award भी मिला है। Link ठीक निचे दिया हुआ है:

301 thoughts on “(हिन्दी Summary) Attitude is Everything by Jeff Keller”

  1. Key Points:
    1. A positive attitude is a passport to a better tomorrow. Our attitude is our window to the world. We must keep ourselves clean and bright because we are the window through which we see the world. 

    2. A happy person is not a person in a particular set of circumstances, but rather a person with a certain set of attitudes. Success in our life starts with our attitude and ends because of attitude. We become unstoppable when we combine a positive attitude with other success principles.

    3. If we constantly think about a particular goal, we will take steps to move toward that goal. The idea that we become what we think about has also been expressed as the law of Dominant thought. The key word here is DOMINANT. You must take control of your mental activity and think positively every day until it becomes a habit. We have to remember that our positive thought should be dominant by the law of dominant.

    4. We can achieve our goals when we believe in ourselves and keep our thoughts focused on the positive. If our thoughts don’t change, our results won’t change.

    5. action steps to help us become more positive and get the desired results:-
    Step 1 – every day, read some positive, uplifting literature. Find 15-30 minutes in the morning to do this. And it is also a good idea to do some reading before bed.
    Step 2 – every day, listen to motivational audio programs. The key is repetition. When we hear these messages over and over, they become part of us. And we begin to implement them to improve our life. 

    Don’t count on overnight success-Success requires effort, commitment, and patience. Also, positive thinking does not mean you will not have any more problems. But if we continue to believe in ourselves, take action, and persist, we will overcome those obstacles. Everything we achieve in our life flows from our thoughts and beliefs.

    Picture your way to success- We must first clearly see a thing in our mind before we can do it. 

    Create new pictures – We should form a picture in our mind in which we confidently give our presentation. But by being patient and persistently focusing on those mental images, we will automatically start acting in ways that support our vision 

    Lights, Camera, Action – if we do not control and develop our movies, you will continue to replay the old ones.

    Make a commitment, and you will move mountains- Commitment is the essence of Ultimate Success. Whatever it takes does not mean illegal, unethical, or harms other people. Willingness to do means mental attitude.

    Magic of Commitment: Once we commit ourselves to something, we create a mental picture of what it would be like to achieve it. Then, your mind immediately goes to work, like a magnet, attracting events and circumstances that will help bring your picture into reality 

    Doors will open – when you are willing to do whatever it takes, the right steps are often suddenly revealed to you. You will meet people you could never have planned to meet. Doors will unexpectedly open for you.

    Turn your problems into opportunities- A problem may point out an adjustment we can make to improve certain conditions in our life. Without the problem, we would never have taken this positive action.

    6. How adversity serves us:-
    1 – Adversity gives us perspective – You can rise above the petty annoyance of daily living and focus on the truly important things in your life.
     2 – Adversity teaches us to be grateful – The wise person continues to dwell on blessings, even after the period of loss or deprivation has passed.
    3 – Adversity brings out our hidden potential – after surviving a difficult ordeal or overcoming an obstacle, you emerge emotionally stronger. This is because life has tested you, and you were equal to the task.
    4 – Adversity encourages us to make changes and take action – Problems are often life’s way of letting you know that you are off course and need to take corrective action.
    5 – Adversity teaches us valuable lessons 
    6 – Adversity opens a new door – Problem is not a problem but rather an opportunity in disguise. One door in your life has been shut, but a better one is waiting to be opened.
    7-Adversity builds confidence and self-esteem – When you muster all of your courage and determination to overcome an obstacle, you feel competent and gain confidence.

    7. Never discuss your goals with negative people. All they will do is argue and point out all the reasons why you won’t be successful. We can share our goals with someone who is extremely positive and totally supportive of our efforts.
    Words and Emotions – we must choose words that will point us in the direction of our goals. 

    8. Complaining is not the answer to our challenges in life. Complaints work against us in three ways- first, no one wants to hear negative news about your illness and your problems. Second, complaining reinforces your pain, and third, complaining by itself accomplishes nothing.

    9. Confront your fears wisely – If we want to be successful, we must be willing to be uncomfortable. To achieve our goals and realize our potential, we must be willing to be uncomfortable – to do things that we are afraid to do. That’s how we develop our potential.
    There is nothing wrong with having some fears. Successful people have fears. The difference is that successful people take action and move forward despite being afraid. It is not always easy. But you will feel great about yourself when you face your fears.

    10. Becoming efficient at any skill requires time, effort and discipline, and the willingness to persevere through whatever difficulties may arise. The only time success is impossible is when you quit. Quitting is final, but continued attempts, with commitment and diligence, can be turned into success. Thomas Watson said, if you would like me to give you a formula for success, it is quite simple, double your failure rate.

    11. Great networking skills are not a substitute for being excellent in your field. By constantly learning and improving, your efforts will yield amazing results. Life is 10% what happens to us and 90% how we react. So we are in charge of our attitudes. Go ahead- believe in yourself. 

    Thank you RBC 🙂

    प्रतिक्रिया
  2. Day 10
    My learnings
    ❣️इंसान, अपने mental attitude में बदलाव करके अपनी जिंदगी बदल सकता है।
    ❣️सकारात्मक attitude इंसान के बेहतर कल का passport है।
    ❣️सकारात्मक की सोच होती है कि मैं कर सकता हूं, नकारात्मक हमेशा समस्याएं के बारे में सोचते है।
    ❣️ Positives हमेशा solution के बारे में सोचते हैं और negatives दूसरों में कमियां निकालते रहते हैं जबकि positives दूसरों में अच्‍छाइयां ढूंढते हैं।
    ❣️ बस उसके बारे में सोचते हैं जो उनके पास नहीं है लेकिन सकारात्मक लोग अपनी blessing के बारे में सोचते हैं।
    ?नकारात्मक सीमाएं (limitations) देखते हैं लेकिन सकारात्मक संभावनाएं (possibilities) देखते हैं (Attitude is Everything)।

    प्रतिक्रिया

Leave a Comment