आज हम बात करने वाले हैं, एक बहुत ही कमाल के किताब के बारे में, जिसका नाम है, Can’t Hurt Me: Master Your Mind and Defy the Odds, जिसे David Goggins ने लिखा है। इस किताब का नाम ही सब कुछ कहता है। अपने दिमाग को master करें और बाधाओं को हरायें। ये किताब एक ऐसे इंसान के बारे में है, जिसे बचपन में bully किया गया, पीटा गया और गाली दिया गया। उसका वजन बहुत ज्यादा था, स्कूल में वो कुछ खास नहीं कर पाया और पूरी तरह से एक failure था। लेकिन एक दिन सब कुछ बदल गया और एक दिन यह इंसान David Goggins बना।
Can’t Hurt Me इस बारे में है कि कैसे David Goggins ने आत्म-अनुशासन, मानसिक दृढ़ता और कड़ी मेहनत से, खुद को America के सबसे fittest athletes में से एक में बदल दिया, जो पहले overweight और depressed होने से, एक record तोड़ने वाला athlete, प्रेरक सैन्य नेता, और विश्व स्तरीय व्यक्तिगत trainer बने। जब fit होने की बात आती है, तो हममें से बहुत से लोग, बहाने ढूंढते हैं। हम बहुत व्यस्त हैं, हम सोते रहते हैं, और हम ये नहीं कर पाते ।
लेकिन क्या होता है, जब हम बहाने बनाना बंद कर देते हैं? David Goggins ने बहाना बंद किया और अपनी जिंदगी को 100% देना शुरू किया। अगर आपने इनका नाम सुना है, तो शायद इसीलिए, क्योंकी वो Air force serviceman और Navy Seal रह चुके हैं। और वो 24 घंटों में सबसे ज्यादा pull-up का Guinness World record भी तोड़ चुके है। वो एक record setting athlete है, जिनके साथ 60 ultra marathons, triathlons और ultra triathlons को पूरा किया गया है। वह जीवित रहने वाले सबसे कठिन लोगों में से एक है ।
इन सालों में, David Goggins ने, बहुत से महत्वपूर्ण सबक सीखे हैं, जिसे उन्होंने इस बुक में share किया, जिन्हें हम detail में समझेंगे। इस बुक में 11 chapter दिए गए हैं, और हर chapter के साथ एक challenge दिया गया है, जो David चाहते हैं, कि अगर हम अपने जीवन को लेकर serious हैं, तो उन challenge को accept करें, और अपने जीवन में लागू करें ।
मुझे एक statistic होना चाहिए था।
इनका जन्म, New York में 1975 में हुआ, Goggins का बचपन बेपरवाह सा नहीं रहा, जो काफ़ी सारे लोगों के साथ होता है। बजाय अपने दोस्तों के साथ खेलने और अपनो के साथ रहने के, Goggins अपने गाली देने वाले पिता के गुलाम की तरह थे।
उनके पिता अपनी family के लिए, manipulative और बहुत ही abusive थे, खास तौर पर उनकी मां के लिए। उनके पिता हिंसक थे, और इन सभी को अक्सर मारा करते थे। वो किसी ऐसी चीज में पैसा खर्च नहीं करते थे, जिनमें उनका खुद का फायदा ना हो, इसलिए इनमें से कभी कोई doctor या dentist के पास नहीं जा सका। बहन जिसने इन सभी को शुरूआती पढाई दी, उसने ही ये भी सिखाया कि आपको किसी की मुस्कान या डांट से, किसी को judge नहीं करना चाहिए। क्योंकि उसके पिता बहुत ज्यादा smile करते थे लेकिन उनकी परवाह नहीं करते थे, जबकी उनकी बहन चिल्लाती थी, लेकिन उनकी बहुत परवाह करती थी ।
Goggins को एक बार कान में infection हो गया, तो एक जिम्मेदार parent होने के नाते, Goggins की मां उन्हें hospital ले गई। Trunnis, Goggins के पिता, जो कि एक businessman थे, जब उनकी family पैसे खर्च करती थी, तो वो उस चीज़ को सख्त नापसंद करते थे, चाहे उनके बच्चों की सेहत ही दांव पर क्यों ना हो।
8 साल की उम्र में उनकी मां उनको, एक Indiana नाम की जगह पर ले गई, ताकी उनके बच्चे को, उनके पिता से बचाया जा सके। लेकिन उस कसबे में, वो अकेला एक काला बच्चा था, और वो जल्द ही नफरत का शिकार होने लगा। अपने पिता से मिली पीड़ा के कारण, वो हकलाने लगा, उसके बाल झड़ गए और त्वचा में कई जगह patches में रंग उड़ने लगा और दुसरे रंग में तबदील हो गया। वो एक बहुत ज्यादा stress वाली situation में रहा करते थे।
लगातार मिलने वाले emotional और physical abuse के, toxic stress का, एक बच्चे की learnings पर बहुत असर पड़ता है और बच्चों के बढ़ने के दौरन, उसे कई mental और physical problem का सामना करना पड़ता है ।
ये इनका बचपन था, I am sure कि हम में से सभी का, David से बेहतर बचपन रहा है, है ना?? अब चलिए बढ़ते हैं आपके लिए उनके challenge की ओर ।
चुनौती नंबर #1 – आज आपको जो चुनौती दे रहा है, उसकी एक सूची लिखें। आपको किन समस्याओं और सीमाओं का सामना करना पड़ता है? क्या बहाने बना रहे हो? खुद को रोके नहीं। खुद के साथ अच्छे बनने की कोशिश भी ना करें।
सत्य दुख देता है
देखिए, जिंदगी मुश्किल है और इसके fair होने की उम्मीद मत कीजिए। आपके साथ जो होता है, वो आपके ही कारण होता है। खुद को, अपनी जिंदगी में होने वाली, सभी चीजों के लिए जिम्मेदार ठहराए, नहीं तो आप control खो देंगे । अगर आप कहते हैं, कि लोग आपकी असफ़लता के लिए ज़िम्मेदार हैं, इसका मतलब ये हुआ कि लोग आपकी जिंदगी control कर रहे हैं, और सोचने के लिए ये एक खतरनाक चीज है। लोग आपकी जिंदगी को control नहीं करते, सिर्फ आप ही अपने जीवन के लिए जिम्मेदार होते हैं।
Goggins कहते हैं, कि उनके जीवन में एक नए ritual की शुरुआत हुई। Ritual सरल था। वो रोज हर रात, अपने चेहरे और सर को shave करते और खुद के साथ असली रहते हैं, खुद को बोलते हैं, वो गलत जा रहे हैं, वो भी जोर से बोलते हैं । वो goal set करते, उन्हें notes की तरह लिखते, और जिसे वो accountability mirror कहते थे, उस पर चिपका देते, जिसमें देख कर वो रोज shave किया करते थे, ताकी रोज वो खुद को, अपने set किए हुए goal के प्रति जवाबदेह ठहरा सके।
- अपना बिस्तर रोज़ ऐसे बनाओ जैसे आप military में है।
- अपने कपड़े पहनना
- अपना सर रोज morning में shave करना।
- घास काटना।
- और बर्तन धोना।
बदलने का एक ही रास्ता है, खुद के साथ असली होना। अगर आप कुछ नहीं जानते और कभी स्कूल नहीं गए, तब कहो कि “मैं गंवार हूं”। खुद से कहो, कि मुझे खुद को उत्थान करके काम करना होगा, नहीं तो मैं जिंदगी में पिछड़ता जाऊंगा ।
यदि आप आईने में देखते हैं और एक मोटा व्यक्ति देखते हैं, तो अपने आप से यह न कहें कि आपको कुछ पाउंड (pound) खोने की जरूरत है। सच बताओ, कि मैं बहुत ज्यादा मोटा हूं। अब सच्चाई को स्वीकार करो और workout करना या running करना या walking करना शुरू करो, लेकिन कुछ तो करो। खुद को चुनोती दो! सीखने को लेकर एfक जुनून विकसित करो, और एक उद्देश्य के साथ जियो ।
जब तक Goggins graduate होते उन्हें मालुम था, कि जो confidence उन्होंने develop किया है, वो ना तो एक perfect family से आया है, ना ही भगवान का दिया हुआ है। ये खुद की जिम्मेदारी लेने से आया है, जिसने उनमें self respect भर दी, और self respect आपको आगे का रास्ता दिखाती है।
चुनौती #2 – तो अब वक़्त है, ख़ुद से नज़र से नज़र मिलाने का। अपनी असुरक्षा, सपने और लक्ष्यों को लिखो, और अपने शीशे पे चिपका दो। अगर आपको ज्यादा शिक्षा की जरूरत है, खुद को याद दिलाओ, कि अभी मेहनत करनी है, क्योंकि आप अभी उतने smart नहीं बने हैं !
असंभव कार्य
अब उन्होंने खुद को discomfort में खोजने के लिए brainwash करना शुरू किया। नहीं समझे? मैं समझाता हूं। देखिए हमें शुरू से, समाज में लोगों द्वारा ये सिखाया गया है, कि हमें दुख नहीं देखना चाहिए, दुख बुरा होता है, सुख की जिंदगी जियो, यहां तक कि मरने के बाद भी, हमें स्वर्ग के सपने ही दिखाते हैं। लेकिन सच ये है, कि मरे बिना स्वर्ग भी नहीं मिलता।
तो बात सीधी सी है, खुद को चुनौती देना सीखना है और खुद को असहज स्थिति में डालना है। लोहा तपेगा नहीं तो ढलेगा कैसे। अगर Goggins खुद के standard पे खड़े नहीं उतरते, तो उनको accountability mirror के सामने खुद को face करना पड़ता। लेकिन इस चीज ने उन्हें, track पर बनाए रखा ।
Goggins कहते हैं, कि हमें mirror को face करना है, खुद को face करना है, इस चीज ने मुझे असहज स्थितियों से लड़ने के लिए, motivated किया, और नतीजतन मैं कठिन होता गया। और कठिन और लचीला होने ने मुझे, मेरे लक्ष्य तक पहुंचने में मदद की। हमारे लिए यहाँ एक महत्वपूर्ण सबक है बेचैनी की लालसा करना। इसके बजाय, करने के लिए कुछ असुविधाजनक चीजें खोजें। और जल्द ही, आप अधिकांश आबादी से अधिक चुनौतीपूर्ण हो जाएंगे ।
चुनौती नंबर # 3 – यहां आपके लिए चुनौती ये है, कि अपने comfort zone से नियमित आधार पर बाहर निकलते रहें। अपने journal निकाले और वो चीजें लिखिए, जो आपको पसंद नहीं है, या वो जो आपको असहज बनाती है। खासकर वो चीजें, जो आप जानते हैं कि आपके लिए अच्छी है।
आत्माओं को वश में करना
ये chapter mindset, mental toughness, set back और नजरिए के बारे में बात करता है। एक कहावत है, कि सब कुछ आपके दिमाग में ही होता है। जीवन में सब कुछ, एक mind game है।
David अपने SEAL training के, Hell week को याद करते हैं, जोकी आपको physically drain कर देती है और बहुत ज्यादा मानसिक शक्ति की मांग करती है। ज्यादातार SEAL training recruits, physically fit होते हैं, लेकिन Hell week को इस तरह structure किया जाता है, कि ये आपके character, दृढ़ संकल्प और mental strength को expose करें ।
David के अनुसार, उनकी team को ऊपर उठाने और उनमें नया जोश भरने के लिए, Taking Souls concept बहुत महत्वपूर्ण था। वहां पर एक instructor थे, जिन्हें David psyche pete कहते थे, वो David और उनकी team पर बहुत ज्यादा क्रूर थे। Team के leader होने के नाते, David नहीं चाहता था, कि किसी भी तरह से वो कमजोर दिखे, और उसने ये सुनिश्चित करने के लिए बहुत मेहनत की, कि उसकी team प्रेरित रहे। यहां तक की, उसे एक घुटने में चोट भी लग चुकी थी, David ने फिर भी बढ़ चढ़कर exercise में हिस्सा लिया और अपनी team को हर race में जीत दिलायी।
चुनौती #4 – किसी भी प्रतिस्पर्धी स्थिति को चुनें, जिसमे अभी आप है। आपके सामने कौन है? क्या ये आपके teacher या coach है, आपके boss हैं, या एक नाराज client है? फर्क नहीं पड़ता वो आपको किस तरह treat कर रहे हैं, एक तरीका है, ना सिर्फ उनकी इज्जत कमाने का, बल्की बाजी पलटने का और वो है, Excellence ।
कठोर (armored) मन
Hell week इस तरीके से design किया जाता है, कि ये बताया जा सके, कि एक इंसान उसकी सोच से कहीं ज्यादा करने की क्षमता रखता है। ये मानवीय क्षमता की संभावना के प्रति, आपके दिमाग को खोलता है, और उसके साथ आपकी मानसिकता में भी एक बदलाव लाता है। आपको इसके बाद ज्यादा ठंडा पानी से, या पूरे दिन push up करने से डर नहीं लगता। आपको एहसास होता है, कि फर्क नहीं पड़ता वो आपके साथ क्या करते हैं, वो कभी आपको तोड़ नहीं सकते ।
एक armoured दिमाग विकसित करना, ऐसा मानसिकता जो इतना कठोर और कठिन हो, कि ये bulletproof बन जाए, आपको अपने सभी डर और असुरक्षा के स्रोत तक पहुंचने की जरूरत है।
Goggins का पांव टूट गया था, उनके प्रशिक्षक उनके लिए बहुत क्रूर थे, सभी सोचने थे, कि वो कभी Hell week पूरा नहीं कर पाएंगे, लेकिन ये शख्स, David Goggins, सभी को बताता है, कि एक armour दिमाग क्या कर सकता है। वो चुनौती चाहता है, वो चुनौती ढूंढ़ते और उन्होंने अपने हाथ में ली। उनकी performance कई और लोगों से, बेहतर होती थी, क्योंकि वो चुनौती को ऐसी चीजों की तरह देखते थे, जिसे वो चाहते हैं। मुझे लगता है, ये निशानी है एक leader और एक ऐसे व्यक्ति की, जो हर उस चीज में अपनी छाप छोड़ देते हैं, जिसे भी वो करते हैं ।
वो कहते हैं, कि आप दर्द को इस तरह स्वीकार करें, जैसे कि ये एक natural process हो और हार मान लेने, या पलट जाने से मना कर दें। आपको हर उस field में effort, work और friction डालना है, जिसे आप अपने जीवन में improve करना चाहते है। आपके नुकसान आपकी कहानी को, और भी ज्यादा बेहतर बनाएंगे ।
चुनौती #5: उन चीजों के बारे में सोचिए, जिन्हें आप बदल सकते हैं। एक लक्ष्य बनाएं, और इससे overcome करना या पाने को visualise करें। Imagine करें, कि ये success किस तरह दिखाई देगी और महसूस होगी। और ये भी, कि आप रास्ते में आने वाली बाधाओं को भी कल्पना करें। जवाबदेही दर्पण के लिए, रोज़ की मुसिबतों से लड़ने के लिए, visualisation का सहारा लें। कुछ ऐसी चीज़ हासिल करें, जिसके बारे में आप सोचते हैं, कि ये असंभव है, और समझें, कि आप खुद को, एक निश्चित लक्ष्य की दिशा में धक्का दे रहे हैं।
यह एक trophy के बारे में नहीं है
David Goggins, जिसने cookie Jar method का इस्तेमाल करते हुए, एक 100 मील की मैराथन खेलने की कोशिश की, जबकी पिछले 6 महीने में, उन्होंने 1 मील की running भी नहीं की थी। Goggins US Navy Seal का हिस्सा थे। वो बिलकुल fit थे, लेकिन किसी भी तरह से एक runner नहीं थे ।
इस chapter में, Goggins एक गणित के बारे में बताते हैं, जिसे cookie Jar method कहते हैं। Cookie Jar method, ऐसी तकनीक है, जिसमें आप संघर्ष के वक्त, अपने अतीत की उपलब्धियों को याद करके, खुद को प्रेरित करते हैं। आप अपनी जीत की एक list बनाएंगे, जिसमें वो बाधाएं और चुनौतियां भी लिखी हो, जो आपने दूर की है। एक साथ, ये आपके लिए एक jar की तरह काम करेगा, जो आपको ये याद दिलाएगा और motivate करता रहेगा, कि आपने जीवन में कितना कुछ पाया है।
चुनौती #6: अपने cookie Jar के लिए कुछ सामान इकट्ठा करें, अपनी पिछली सभी जीत, हर सफलता, फर्क नहीं पड़ता कि वो कितनी बड़ी थी या कितनी छोटी। ना सिर्फ उपलब्धि, बल्की वो मुसीबतें भी, जिन्हें आपने दूर किया है। सबसे शक्तिशाली उपकरण हमारे पास है, वो है हमारा मन ।
सबसे शक्तिशाली हथियार
हमारी आदतें, कि हम best से कम पर settle हो जाते हैं; काम में, स्कूल में, रिश्ते में, खेल के मैदान में या race course में। हम खुद भी settle जाते हैं, और हमारे बच्चों को भी, उनके best से कम पर settle होना सीखाते हैं, और ये सब बाहर आता है, जुड़ता है और कई गुना हमारी communities और समाज में झलकता है।
Goggins कहते हैं, कि मुझे 5 बजे सुबह उठना और 3 घंटे के अंदर अपनी cardio exercise करके, काम पर पहुंचना पसंद है, और जब तक मेरे teammates ने अपनी coffee भी खत्म नहीं कि होती है। ये मुझे एक mental edge देता है, एक बेहतर self awareness देता है, और बहुत ज्यादा self confidence देता है, जिसने मुझे एक बेहतर SEAL instructor बनाया है। सुबह जल्दी उठना, आपको जीवन के सभी area में बेहतर बनाता है ।
चैलेंज #7 – शारीरिक चुनौतियों में इतना दर्द और पीड़ा शामिल है कि यह आपके आंतरिक संवाद की कमान संभालने का सबसे अच्छा प्रशिक्षण है। एक नई मिलने वाली mental strength और confidence, जो आपको खुद को लगतार physically push करने से मिलती है, वो आपको जीवन के दूसरे पहलू में भी ऊपर उठाती है। Bottom line ये है, कि जीवन एक बड़ा mind game है। अकेला व्यक्ति, जिसके खिलाफ आप खेल रहे हैं, वो आप खुद ही है। तो खुद को बेहतर बनाएं, सुबह जल्दी उठाएं और कुछ physical training करें, ये आपको physically strong तो बनाएगा ही, mentally भी मजबूती देगा ।
प्रतिभा की आवश्यकता नहीं है
Goggins कहते हैं, कि मेरा work ethic मेरी कामयाबी में, अकेला सबसे महत्वपूर्ण factor रहा है। बाकी सब secondary है, और जब बात hard work की आती है, चाहे gym में हो या job पर हो, 40% rule apply होता है। मेरे लिए, एक 40 घंटे का work week, मतलब 40% मेहनत होती है। ये संतोषजनक हो सकता है, लेकिन ये भी एक अलग तरह की औसत सोच है। 40 घंटे के work week में, settle ना हो। एक हफ्ते में 168 घंटे होते हैं ।
जिसका मतलब ये है, बिना अपनी exercise miss किए, अपने काम में extra समय डालने के लिए, आपके पास कई घंटे है। इसका मतलब अपने पोषण को आसान बनाना, अपनी family के साथ quality समय बिताना। इसका मतलब यह है कि आपको अपनी जिंदगी के हर दिन को, एक 24 घंटे के mission की तरह बनाना ।
ज्यादातर लोग, अपने दिन के 4 से 5 घंटे बर्बाद करते हैं, और अगर आप, इसे पहचानना और इसका इस्तेमाल करना सीख जाए, तो आप अपनी productivity बढ़ाने के रास्ते पर होंगे ।
चुनौती #8: एक multitasker बनने के बजाय, अपने दिन को बांटे।
पहले हफ्ते में, अपने पूरे week की पूरी detail जैसे कि किस चीज में आप कितना वक्त लगाने वाले हैं।
दूसरे हफ्ते में, एक बेहतरीन schedule बनाएं और हर चीज को 15 से 30 मिनट के blocks में रखें। अपना focus हर चीज में रखें और timestamp के notes बनाएं ।
तीसरे हफ्ते में, आपके पास एक working schedule होना चाहिए, जो बिना आपकी नींद को बलिदान किए, आपके प्रयास को अधिकतम करें ।
असामान्य के बीच असामान्य
Goggins को Ranger school जाना बहुत पसंद था, क्योंकि फर्क नहीं पड़ता, कि आप बाहर की दुनिया में क्या हो, आपको अपने अंदर सब कुछ शुरू से ही शुरू करना होता है। फ़र्क नहीं पड़ता हम जीवन में क्या हासिल कर लें, हम कभी संतुष्ट नहीं हो सकते। जिंदगी एक चलते रहने वाला खेल है, या तो हम बेहतर बन रहे होते हैं या बद्तर। हमें हमारी जीत को celebrate करना चाहिए, लेकिन एक बार ये हो जाए, हमें नए goal और नए routine बनाने की जरूरत है और अगले दिन फिर से, zero से शुरू करने की जरूरत है।
चुनौती #9 – अपने आस पास के लोगों से बेहतर होने के लिए, जो हो सकता है, करें। अगर आपके पास के लोग, पहले से बहुत अच्छा कर रहे हैं, तो जो नंबर 1 बनने के लिए किया जा सकता है वो कीजिए ।
असफलता का अधिकार
Goggins Delta training पास करने वाले थे, लेकिन वो चुक गए, क्योंकि वो कुछ वक्त के लिए unfocused हो गए थे। जब वो pull ups लगाने का world record बनाने में असफ़ल हो गए, तो उन्होंने एक “after action report” बनाई। ये जरूरी है, कि आप अपने काम का postmortem करें, फर्क नहीं पड़ता कि आप इस mission में सफल रहे या असफल हैं। ये आपको एक नई दिशा दिखाएगा ।
हमें अपने आप को ऐसे लोगों से घेरना चाहिए जो हमें बताते हैं कि हमें क्या सुनना चाहिए, न कि वह जो हम सुनना चाहते हैं। लेकिन उसी वक्त हमें ये भी महसूस ना कराए, कि हम कोई असंभव काम करने की कोशिश कर रहे हैं। असफलता, भविष्य की सफलता के लिए एक सीढ़ी है। ज्यादतर लड़ाइयां, हमारे दिमाग में ही हारी और जीती जाति है, और जब हम अपने आप में होते हैं, तब हम अकेले नहीं होते, हमारे विचार हमारे साथ होते हैं, इन पर होशपूर्वक ध्यान दें, ये आपको बर्बाद ना कर दे ।
जब Roger Bannister 1950 में, 4 मिनट में, एक मील दौड़ने का record तोड़ने की कोशिश कर रहे थे, experts ने उन्हें कहा, ये नहीं किया जा सकता, लेकिन इस चीज ने उन्हें रोका नहीं। वो एक के बाद एक fail हुए, लेकिन वो लगे रहे, और जब उन्होंने ऐतिहासिक रूप से, 6 मई 1954 को, 3 मिनट 59 सेकंड में ये दौड़ पूरी कि, तो उन्होंने ना सिर्फ एक record तोड़ा, इसे संभव साबित करके, उन्होंने कई लोगों के लिए दरवाजे भी खोल दिए। 6 हफ्ते बाद, उनका record भी तोड़ दिया गया, और अब तक 1000 से ज्यादा लोग ये कारनामा कर चुके है, जिसे इंसानी क्षमता से ऊपर की चीज़ माना जाता था ।
चुनौती 10- अपने सभी असफलताएं लिखें। अपने failure से आने वाली सभी positive चीजें लिखें। Describe करें, किस तरह आपने अपने failure handle किए थे। इनको वापस याद करें और उन चीज़ों की list बनाएं, जिन्हें आप सुधार सकते हैं। ये आपकी after action report है। अपने calender पर जाएं और जितना जल्दी हो सके, खुद को अगले प्रयास के लिए schedule करें।
क्या होगा अगर?
बुद्ध का एक प्रसिद्ध कथा है, कि जीवन एक कष्ट है। मैं एक बौद्ध नहीं हूं, लेकिन मैं जानता हूं, कि वो वाकई इसका अर्थ समझते हैं और आप भी समझेंगे। क्या दुनिया में बने रहने के लिए, हमें बेइज्जती, टूटे हुए सपने, उदासी और नुक्सान के साथ, संघर्ष करना होगा। ये ही प्रकृति है। हर एक जिंदगी इस दुनिया में, अपने एक खास दुख के साथ आती है। और ये दर्द आपको भी होने वाला है। आप इसे रोक नहीं सकते। और आप ये जानते भी है ।
ये बाहरी आवाज़ नहीं होती, जो आपको तोड़ती है। आप खुद को क्या कहते हैं, वो मायने रखता है। सबसे जरूरी बात जो आप कर सकते हैं, वो खुद के साथ है।
जब कभी आप हार मान लेने के बारे में सोचिए, तो खुद से पूछिए, क्या हो अगर मैं हार ना मानूं, क्या हो अगर में सभी बाधाओं को नकार दूं, क्या हो अगर मैं खुद को push करता रहूं? और फिर देखें, कि आपके अंदर का self आपसे क्या कहता है। आप निश्चित रूप से, एक दृढ़ मानसिकता के साथ बाहर आएंगे। क्या “क्या होगा अगर” वाली approach को, अपनी जिंदगी के हर पहलू में इस्तेमाल करें।
महत्वपूर्ण सीखे (Important takeaways)
- दर्द को ढूंढो। पीड़ित से प्यार करो। Goggins कहते हैं, इसीलिए मैंने दर्द को ढूंढा, पीड़ित से प्यार किया और आखिरी में खुद को, सबसे कमजोर इंसान से, ग्रह के सबसे कठिन व्यक्ति में रूपांतरित कर दिया।
- सबसे बुरी condition, सबसे अच्छी training conditions होती है। और तब से Goggins कहते हैं, कि मैंने खुद को discomfort को पाने के लिए brainwash किया। अगर बाहर बारिश हो रही है, तो मैं लड़ने जाऊंगा। जब भी बाहर बर्फ गिर रही होगी, मेरा मन कहेगा, अपने जूतें पहनो और एक दौड़ लगाने को तैयार हो जाओ ।
- वो एक योद्धा बने “जो 100 में से 1 होता है”, वो लिखता है, “10 को तो युद्ध में होना भी नहीं चाहिए, 80 आसान लक्ष्य हैं, 9 असली लड़के हैं, और हम उनके होने के लिए खुशनसिब है, और वो ही एक अच्छी लड़ाई बनाते है, लेकिन जो एक है, वो असली योद्धा होता है।
- अपने मन को master करें। सिर्फ आप अपने दिमाग को master कर सकते हैं, जो कि ऐसी उपलब्धि से भरी, bold जीवन जीने के लिए चाहिए, जिन्हें लोग अपनी क्षमता से बाहर मानते हैं ।
- विपत्तियों को, खुद को बदलने के लिए अपने ईंधन में बदलें। क्योंकि जब आप संचालित होते हैं, तो आपके सामने जो हो, चाहे ये नस्लवाद, लिंगवाद, चोटें, तलाक, अवसाद, मोटापा, त्रासदी, या गरीबी हो, ये आपके परिवर्तन के लिए ईंधन बन जाता है ।
- Confidence आता है personal accountability से। Goggins कहते हैं, कि जब मैं graduate हुआ, मैं जानता था, जो confidence मैंने develop किया है, वो किसी perfect family या god gift talent से नहीं आया। ये आया है personal accountability से, जिसने मुझे self respect दी, और self respect हमेशा आगे का रास्ता दिखाता है ।
- Goggins कहते हैं, कि मुझे 5 बजे उठकर 3 घंटे के अंदर cardio कर के काम पर होना पसंद था। ये मुझे mental edge देता था, एक self awareness की बेहतर समझ, और बहुत सारा self confidence, जिसने मुझे एक बेहतर SEAL instructor बनाया। सुबह जल्दी उठना आपके लिए ये चीजें कर सकता है। ये आपको जीवन के सारे पहलुओं में बेहतर बनाएगा।
- जो आपको असहज बनाता है, उसे पहले करें। अपना journal निकाले और जो चीजें आपको पसंद न हो, या uncomfortable बनाएं, वो लिखें। खासकर वो चीजें, जो आप जानते हैं कि आपके लिए सही है। अब जाइए और इन्हें एक – एक कर के करना शुरू करें ।
मुझे उम्मीद है कि ये summary आपको पसंद आई होगी और आपने खुद को शातिशाली बनाने के लिए बहुत सी चीज़े सीखी होंगी।
सभी Podcast platform पर भी हमारी summary, Kitabein नाम से उपलब्ध है, जिसे हाल ही में भारत का best educational podcast का award भी मिला है। Link ठीक निचे दिया हुआ है:
Contents












Day 10 – 28 Days Reading Challenge
Can’t Hurt Me….Extremely motivational and steps to follow are really mind blowing.
Finished reading.
It’s like a beast. Day 10 ??
Thankyou so much sir for summarising in such a way and also for giving challenges and key takeaways.Will definetly use it .You are working so hard I will make not to waste it from my side.
Day 10 Completed ✅
Dard ko dudhna hai aur pidit se pyar krana hai..
Discomfort lane ke liye branewash karna hai khud ko.
Apni accountiblity check karna hai…day by day improve the habbit.
Thanks sir
Can’t Hurt Me by by David Goggins tells us about his childhood who was bullied, beaten, and abused so much then how he changed everything, he stopped making excuses and started giving life 100% & transformed himself into one of America’s fittest athletes through self-discipline, mental toughness, and hard work. He said “Be the one warrior”
Challenge #1- Task: Write a list of what is challenging you today. What problems and limitations do you encounter? What excuses are you making? Don’t hold back. Don’t be nice to yourself.
Hold yourself accountable for everything in life else you will lose control.The only way we can change is, to be honest with ourselves
Challenge #2 – Now, it’s time to eyeball with yourself. Write all your insecurities, dreams, and goals on Post-Its and tag up your mirror. Then, if you need more education, remind yourself that you need to start working
So an important lesson here for us is to crave discomfort.
Challenge # 3 – Here, the challenge for you is stepping outside your comfort zone regularly. Dig out your journal again and write down all the things you don’t like to do or that make you uncomfortable. Especially those things you know are good for you.
Challenge #4 – Choose any competitive situation that you’re in right now. Who is your opponent? Is it your teacher, coach, boss, or an unruly client? No matter how they treat you, there is one way to earn their respect and turn the tables, and that is Excellence.
Challenge #5:
Imagine visualizing the things you can change.
Set a goal and visualize overcoming or achieving it.
Imagine what this success will look and feel like.
Visualize the obstacles you will encounter along the way (Can’t Hurt Me).
Incorporate visualization into your daily encounter with your accountability mirror.
Accomplish something you previously thought was impossible, and understand why you are pushing yourself towards specific goals.
Challenge #6 – Take inventory of your cookie jar and your past wins and successes, no matter how big or small. Not just achievements but also obstacles you’ve overcome. The most powerful tool we have is our mind .
Getting up early makes you better in all facets of your life
Challenge #7 – There is so much pain and suffering involved in physical challenges that it’s the best training to take command of your inner dialogue.
The only person you are playing against is yourself. So make yourself better, wake up early and do some physical training; it will make you physically strong and strengthen you mentally too.
Challenge #8: Compartmentalize your day instead of being a multitasker.
Week 1: document your week in full detail and what you spend your time on.
Week 2: build an optimal schedule and lock everything into place in 15 to 30-minute blocks. Put your entire focus into each thing. Make a note of timestamps.
Week 3: you should have a working schedule that maximizes effort without sacrificing sleep
Challenge #9 – Do whatever you must to stand out amongst the people around you. If the people around you are already doing good and on top, do what you must to be.
Challenge #10- Write out all of your failures. Note everything positive that came from your losses. Describe how you handled your failures. Then, go back through and list the things you can fix. This is your After Action Report (AAR). Go to your calendar and schedule in time to give it another attempt ASAP.
Challenge #11: Whenever you feel like giving up, ask yourself, What if I don’t give up? What if I defy all the odds? What if I keep pushing myself? And see what your inner self tells you. You will come up with a more determined mindset. Use this what-if approach in every aspect of your life.