हम आज जिस किताब से सीखेंगे उसका नाम है “Give and Take” जिसको Adam Grant ने लिखा है।
Adam Grant एक लेखक और मनोवैज्ञानिक (psychologist) है। Grant ने तीन New York Times Best sellers लिखा है, जिसमें Give And Take, Original और Option B शामिल है। उन्होंने podcast work-life को भी host किया और उनके original thinkers, givers और takers पर ted talk को 14 million से भी ज्यादा views मिले हैं ।
ये किताब एक मजेदार नज़रिया है ज़िंदगी में तीन तरह के लोगों के बारे में, givers, takers, और matchers। इस किताब में उन सभी की खासियतों को पहचान और समझ कर, उनके तरीकों के आधार पर, जीवन में कौन ज्यादा सफल है, इस पर एक दिलचस्प दृश्य दिया गया है। इसमें वास्तविक जीवन के उदाहरण हैं, बताया गया है कि कैसे स्थिति को समझना चाहिए और उससे बहार निकलना चाहिए, और कैसे उसका फायदा उठाना चाहिए।
देने वाले, लेने वाले और मिलाने वाले
लेखक ने social interaction के 3 fundamental style पहचाना है जैसे देना, लेना और मैच करना। लेने वालों को देने से ज्यादा लेना अच्छा लगता है। वो दूसरे के interest से पहले अपने interest का ध्यान रखते हैं और अपने profit के लिए देते हैं और लेते हैं। लेने वाले ऐसा विश्वास करते हैं कि वो competitive life जी रहे हैं, जिसमें लोग अपनी चाहत को पूरा करने के लिए दूसरे को नुक्सान पहुंचाते हैं या कुछ गलत तरीके अपनाते हैं। देने वाले जितना उन्हें मिला उससे ज्यादा देने की कोशिश करते हैं, दूसरे के फायदे के लिए, वो अपने समय, ऊर्जा, ज्ञान, कौशल, विचार और connection को share करते हैं ।
हम में से अधिकांश matcheअपने network के मूल्य कीrs हैं जो देने और लेने के बीच एक नाजुक संतुलन बनाने का लक्ष्य रखते हैं। Matchers के निष्पक्षता के उच्च मानक होते हैं: वे प्रामाणिक रूप से दूसरों की मदद करते हैं, लेकिन वे reciprocity की मांग करके अपनी रक्षा भी करते हैं। हमारी सफलता इसी चीज़ पर सबसे ज्यादा depend करती हैं, हम दूसरों के साथ कैसे बात-चीत करते हैं। काम में जब हम हर बार किसी दूसरे इंसान के साथ बात चीत करते हैं : क्या हम ज्यादा से ज्यादा value देने की कोशिश करते हैं, बिना चिंता किए कि हमें उसके बदले क्या मिलेगा?
Network बनाना
सदियों से लोगों तक ज्ञान, विशेषज्ञता और प्रभाव, मजबूत Network से पहुंचता है।
अपने network के मूल्य की सुरक्षा के लिए, हम अपने भरोसे और मदद को रोकते हुए, लेने वालों को दूर रखते हैं। लेकिन दुर्भाग्य से, कई लेने वाले अन्य लोगों के network तक पहुंचने के लिए नकली givers या matchers के रूप में विकसित हुए हैं ।
Takers ज्यादा ताकतवर लोगों को समझाने में लगे रहते हैं- वो उनकी चापलूसी करते हैं। जब उन्हें और power मिलती है, तब वो इस बात की तरफ कम ध्यान देने लगते हैं कि उनके साथी किस तरह मानते हैं और वक्त के साथ उनके रिश्ते और प्रतिष्ठा, खतरों में आ जाती है।
अपने Network में लेने takers पहचानने के लिए:
1. दूसरे Network को देखें, कि वो अपने साथियों के साथ कैसे व्यवहार करते हैं।
2. उनके खुद के संतोष और अहंकार के sign के लिए उनके कामों और बातों को observe करें।
3. प्रतिष्ठा से संबंधित जानकारी को track करने के लिए public database, shared connection, social network profiles के द्वारा internet का उपयोग करें – words और photos इसके बारे में मुख्य गहरे सुराग दे सकती है।
एक शक्तिशाली और संतुलित Network का मुख्य तत्व है लेन-देन। लेन देन के आस पास एक मजबूत Network को बनाने के लिए, अपने आप से पूछिए:
1. क्या मैं मदद करने के लिए परवाह करता हूं, या फिर कुछ लेने के लिए देने की कोशिश करता हूं ताकि बाद में एक मदद को मांग सके? अगर हां, तो जो लोग ले रहे हैं वो शायद manipulated feel करेंगे ।
2. क्या मैं इस attitude को लेकर मदद करता हूं कि “अगर आप मेरे लिए कुछ करेंगे तभी मैं आपके लिए कुछ करूंगा” ये आपके Network के तुरंत मिलने वाले मुनाफे के साथ सिर्फ connection तक सीमित करेगा, और उतना ही फायदा देगा जितना आपने दूसरे को दिया होगा ।
Value को trade करने के बजाए, value को जोड़ने का लक्ष्य बनाए। आपको कुछ ऐसा करने के लिए तैयार रहना चाहिए, जिसमें आपको किसी के लिए पांच मिनट या उससे कम वक्त में निकलना पड़ेगा।
अपना network बढ़ाना
कमजोर रिश्ते और जान-पहचान – हैरानी की बात है कि लोग मजबूत links के बदले, कमजोर links से ज्यादा फायदा उठाते हैं। Strong links bond बनाते है, जबकी कमजोर links नई जानकारी के लिए bridge का काम करते हैं। मजबूत links, उन्हीं social circle और मौकों तक पहुंचते हैं जहां तक हमारी खुद की पहुंच होती है, कमजोर links अलग – अलग network और original leads का access open करते हैं। कमजोर link नई leads पाने का सबसे तेज रास्ता है। लेकिन आपसी विश्वास की कमी की वजह से हम कभी मदद मांगने के लिए सहज महसूस नहीं करते।
दूसरे शब्दों में लोगों की मदद सच में करें, और अगर आपको भविष्य में कुछ चाहिए तो सीधा मदद मांगने के लिए हिचकिचाए नहीं। अगर कुछ समय पहले किसी ने हमारी उदारता के साथ मदद की है तो ऐसा स्वाभाविक है कि हम भी उसकी मदद करने के लिए आगे आएंगे ।
निष्क्रिय संबंध – लोग जिन्हें आप पहले जानते थे और अक्सर देखते थे पर अभी आप उनके संपर्क में नहीं है, उन्हें निष्क्रिय या sleep relationship कहते हैं। कमजोर links की तरह, inactive या खत्म हुए links, आप जिनके touch में नहीं थे, वो नए ideas, नजरिए और अवसरों के लिए उपलब्ध है।
पहले से ही एक common ground होने के कारण एक छोटी बातचीत से जब आप खत्म हुए links को reactivate करते हैं, तो आपको अभी भी विश्वास की एक भावना आएगी।
दूसरों में क्षमता को पहचानना
दूसरों में क्षमता को पहचानना – खुद को सितारों के आस पास रखना कीमती है। Networking में, देने वाले बहुत सफलता पाते हैं, क्योंकि वो दूसरों में क्षमता को देखते हैं। ऐसा क्यों है इसे जानने के लिए, हमें ये समझना जरूरी है कि हमारा विश्वास ही अपने आप पूरी होने वाली भविष्यवाणियों को बनाता है।
Givers potential के इशारों का इंतजार नहीं करते हैं। वो दूसरे लोगों के इरादे पर भरोसा करते हैं और आशावादी होते हैं, साथ ही सबके अंदर एक potential को देखते हैं। दूसरी ओर, matchers स्व-पूर्ण भविष्यवाणियों को प्रेरित करने के लिए बेहतर ढंग से सुसज्जित (equipped) हैं। जब लोग उच्च क्षमता प्रदर्शित करते हैं, तो वे उन्हें समर्थन देने, प्रोत्साहित करने और विकसित करने के लिए आगे बढकर मदद करते हैं ।
हम सब लोगों के साथ अपनी influence skills का इस्तेमाल करते हैं, चाहे अपने products को बेचने के लिए, अपने ideas की मंजुरी के लिए या उसमें investment के लिए। सबसे अच्छा influence में शामिल है dominance, (जहां दूसरे लोग हमें मजबूत, शक्तिशाली और अधिकारिक जैसे देखते हैं) और प्रतिष्ठा (जहां दूसरे लोग हमारी सम्मान और हमें admire करते हैं)। Takers स्वभाविक रूप से सिर्फ dominance को पाने की तरफ आकर्षित करते हैं, दूसरों से बेहतर होने और जितना संभव हो उतनी value निकालने की कोशिश करते हैं ।
ये बहुत से तरीके से power communication build करते हैं:
- ज़बरदस्ती बोलना
- अधिकार जताने के लिए आवाज उठाना
- भरोसे और गर्व के साथ बेचना
- उपलब्धियों को बढ़ावा देना
- चुनौतियों के वक्त अपनी eyebrows उठाना
- अपनी ताकत का प्रदर्शन करना
- Confidence को दिखाने के लिए, निश्चितता को दिखाना
- जितने संभव हैं उतने physical space को command में रखना
इसके opposite style होता है, शक्तिहीन संचार, जो कि givers अपनाते हैं, जिसमें
- आराम से बोलना
- उनकी कमज़ोरियों को प्रकट करना
- बहुत से doubt को दिखाना
- दूसरों की सलाह पर निर्भर रहना
- उन तरीकों से बात करना, जो weakness को दिखाते हो
- Disclaimers, और हिचकिचाहट का उपयोग करना।
हैरानी की बात है कि takers का dominant style, हमेशा उन्हें फ़ायदा नहीं देता, जबकी givers का style अपने गौरव को बनाने में असरदार साबित होता है ।
Vulnerability
Takers के लिए, weakness को दिखाने का मतलब है, उनकी dominance और authority के साथ समझौता करना। Givers अपना गौरव, खुद को कमजोर बताकर बनाते हैं साथ ही दूसरे इशारों से मिलाकर जो उनकी क्षमता को बनाते हैं।
Selling- Takers की बेचने की कला समझाने वाली और सटीक हो सकती है। Givers दूसरों में स्वभाविक हितों/natural interest से बाहर सवाल पूछते हैं, अपने ग्राहकों की जरुरतों के बारे में विश्वास और गहरे ज्ञान को बनाने के लिए और उन चीजों को कैसे बेचे जाए जिनकी वो पहले से ही value करते हैं ।
राजी करना – अस्थायी बात करने वाले शक्तिशाली संचार का उपयोग करते हैं, सकारात्मक होकर direct होते हैं, अपने से नीचे काम करने वालों पर दबाव डालते हैं और बड़े अधिकार से एहसान लेते हैं। लेने वाले अस्थाई markers का इस्तेमाल करते हैं जैसे “well”, आपको पता है” जैसे की”, शायद”, ये शायद गलत idea है पर “ये idea सही है”, है ना?” Audience को एक साफ message देते हैं की उनमें आत्म-विश्वास और authority की कमी है। हालांकि इस style में बहुत सी प्रतिष्ठा सुनाई देती हैं, क्योंकि ये audience के नजरियों को consider करने की इच्छा को दिखाती हैं ।
सफल दाता बनना
Takers 2 तरह के होते हैं। निस्वार्थ takers जिनमें दूसरे के interest की भावना होती है और अपने interest की भावना कम होती है। वो इसकी एक कीमत चुकाते हैं। इससे अलग givers, जो लेने के बजाए देने की ज्यादा इच्छा रखते हैं और अपने हितों को बढ़ाने के लिए उनका महत्वाकांक्षी लक्ष्य होते हैं ।
Value नष्ट करने वालों और काम निकलने के बाद आगे बढ़ने वाले takers पर समय बर्बाद किए बिना एक सफल giver बनने के लिए, आपको दूसरों की मदद करने के तरीके में systematic होने की आवश्यकता है ।
कौन सवाल पूछ रहा है इसपर ज्यादा ध्यान दे। ध्यान दे कि कैसे वो आपके साथ व्यवहार करते हैं। “ना” करने के कारणों की list बनाएं।
जैसे को तैसा – निस्वार्थ givers हमेशा दूसरों पर विश्वास करने की गलती करते हैं, givers जैसे को तैसा देते हैं रणनीति का इस्तेमाल करते हैं, वो कल्पना की तरह विश्वास करते हैं, पर जब कोई अपने आप को action से या प्रतिष्ठा से takers दिखाता है तब ये अपने लेन-देन के level को adjust करते हैं। Takers से deal करते समय, givers खुद को बचाने के लिए, givers, matchers में बदल जाते हैं, पर takers को मुक्ति का एक अवसर दे कर हर तीन में से एक बार वो givers mode में shift हो जाते हैं ।
Fitting in And standing out – हम लगातार अपने आप को साबित करने की कोशिश करते हैं। अलग होने का एक बहुत ही लोकप्रिय तरीका है कि एक अलग से group को join करें। एक जैसा पसंद, पहचान, लक्ष्य, मूल्य, कौशल, विशेषताएं, ये अनुभव वाले group का हिस्सा होना एक connection का एहसास देती है ।
प्रत्यक्ष अनुरोध की संस्कृति- सीधे तौर पर मदद मांगने पर ज्यादा मिलती है। एक ग्रुप में, लोग request करने में comfortable महसूस करते हैं, क्योंकि वहां शर्माने के कारण कम होते हैं ।
Matchers सहानुभूति और बराबरी की समझ से तैयार होते हैं। Public setting में takers, givers के तरह खुद को दिखाते हैं, क्योंकि वो उदारता से अपनी ज्ञान, संसाधन और connection बांटकर प्रतिष्ठा बनाते हैं। अगर वो अपना योगदान ना दे तो वो कंजूस और स्वार्थी दिखेंगे और उन्हें अपनी request से बहुत ज्यादा मदद नहीं मिलेगी ।
सफलता की परिभाषा
कुछ adjustments के साथ देने की एक शुरुआत, लोगों को ऊंचाइयों तक पहुंचने में मदद कर सकती है। दूसरों की जिंदगी में एक अंतर लाने के लिए अपने ध्यान और energy को लगाये और सफलता आपके पास खुद आ जाएगी। जबकी दूसरों के result से बढ़कर results पाने को takers सफलता के रूप में देखते हैं और matchers सफलता को व्यक्ति की कामयाबी और दूसरों के लिए बराबरी के रूप में देखते हैं ।
Givers एक इंसान की सफलता को एक खासियत के रूप में लेते हैं जो दूसरे पर एक सकारात्मक प्रभाव डालती है। Givers सबसे ऊपर हैं बिना दूसरे को नीचे गिराए, साथ ही ऐसे मौके ढूंढते हैं जो उनको और उनके आस पास के लोगों को मौका दे।
अगर business की बात करें, अगर सफलता के लिए दुश्मनों के फायदे की जरूरत है, तो takers और matchers का झुकाव खुद के और सभी के हितों के साथ – साथ आगे बढ़ने के लिए रास्ते को ढूंढ़ने की तरफ होता है। काम में, giver की दी हुई दिशा में shift करने से, हम अपनी जिंदगी को बड़ी सालता, अच्छे मतलब और ज्यादा असर के साथ पाएंगे ।
महत्वपूर्ण सीखे (key takeaways)
· Social interaction के 3 तरीके हैं: देना, लेना और match करना (जो लेने और देने में balance रखते हैं)।
· Trading values के बजाए, मूल्य जोड़ने का लक्ष्य रखें।
· Givers ne दूसरों में क्षमता में पहचानने से सफलता पाई।
· खुद को कम दिखाना, सवालों का पूछना, और अनिश्चित बातों को करने से givers को अपनी प्रतिष्ठा और प्रभाव को बनाने में मदद मिली।
· सफल givers जो उन्हें मिला है उससे ज्यादा देने की इच्छा रखते हैं और अपने हितों को बढ़ाने की कोशिश करते हैं ।
Givers एक इंसान की सफलता को एक खासियत के रूप में लेते हैं जो दूसरे पर एक सकारात्मक प्रभाव डालती है ।
उम्मीद है कि ये summary आपको पसंद आई होगी।
सभी Podcast platform पर भी हमारी summary, Kitabein नाम से उपलब्ध है, जिसे हाल ही में भारत का best educational podcast का award भी मिला है। Link ठीक निचे दिया हुआ है:
Contents












Thank you so much for this summary.
Key Points:
1. The author has identified three basic styles of social interaction: giving, taking, and matching. Takers like to get more than they give. They put their interests ahead of others’ needs and use reciprocity to their advantage. Givers prefer to give more than they get, generously sharing their time, energy, knowledge, skills, ideas, and connections, for other people to benefit.
2. Success depends heavily on how we approach our interactions with other people. Every time we interact with another person at work, we have a choice: do we try to claim as much value as possible or contribute value without worrying about what we receive in return?
3. Takers are especially convincing around influential people – they charm and flatter their way up. As they gain more power, though, they start paying less attention to how they’re perceived by their peers, over time jeopardizing their relationships and reputation.
4. Persuading – Tentative talk – Takers use powerful communication, being assertive and direct, pressuring subordinates, and ingratiating superiors. Givers tend to use tentative markers like “well,” “you know,” “kinda,” “maybe,” “this may be a bad idea, “but” “that’s a good idea, right?” Sending a clear message to the audience that they lack confidence and authority.
5. There are two types of givers: selfless, with high other-interest, and low self-interest. Givers are willing to give more than they receive and have ambitious goals for advancing their interests.
6. Tit for Tat – Selfless Givers make the mistake of trusting others all the time, while otherish givers use an amazing tit-for-tat strategy; they count as a default assumption but adjust their reciprocity level when someone appears to be a taker by action or reputation.
7. Focus your attention and energy on making a difference in the lives of others, and success will follow as a by-product. Takers view success as attaining superior results, and matchers see success in balancing individual accomplishments with fairness to others.
Givers characterize success as individual achievements that positively impact others. “givers get to the top without cutting others down, finding ways of expanding the pie that benefit themselves and the people around them.”
Thank you RBC 🙂
Key learnings from this book are:-
1. Build your network as givers.
2. Be a matcher.
My key learning
Day 29/31
1. हमारी सफलता इस बात पर निर्भर करती है की हम दुसरो के साथ कैसे बात करते है।
2. अपना नेटवर्क बनाना।
3. इस attitude ko लेकर कभी मदद न करे की अगर मैं मदद करूंगा तोह आप भी मेरे लिए कुछ करेंगे।
Thank you so much sir
Build a good highly social network.
Recognise fake givers actually they are takers in your network and stay away from them.
Successful givers are willing to give more than they receive.
Always balancing between giving and taking.
Thank you sir for the incredible book summary..??????