The Magic Of Thinking Big

The Magic Of Thinking Big (हिन्दी)

David J. Schwartz की “The Magic Of Thinking Big” हमारी अद्भुत thought process पर एक अद्भुत किताब है। David J. Schwartz हमें बताते हैं कि हमें अपने जीवन को upgrade करने के लिए अपनी सोच को upgrade करने की आवश्यकता है। इससे पहले कि हम बड़ी चीजें हासिल कर सकें, हमें बड़ी चीजें सोचनी होंगी। उनकी नजर में, सफलता का बुद्धिमता, अमीर माता-पिता होने, भाग्यशाली होने या और कुछ भी से बहुत कम लेना-देना है।

David J. Schwartz 16 mins read Read in English Self Improvement Psychology

हम आपके सामने सबसे प्रसिद्ध self help book, “The Magic Of Thinking Big”, जिसे David J. Schwartz ने 1965 में लिखा है, की summary लेकर आये है। इस book का उद्देश्य है ये समझाना कि बड़ी जिंदगी जीने के लिए बड़ा सोचना बहुत जरूरी है।

इस summary में हम उनके 13 best ideas को देखेंगे। इन ideas ने लेखक की जिंदगी बदल दी है और उन्हें पूरा भरोसा है की ये विचार आपके जीवन को भी बेहतर बनाने में मदद करेंगे ।

David हमें बताते हैं कि हमें अपने जीवन के विकास के लिए अपनी सोच के विकास की जरूरत है। वो कहते हैं की इससे पहले की हम बड़ी चीजों को हासिल करे, हमें बड़ी चीजों के बारे में सोचना होगा। David के हिसाब से, सफलता का बहुत कम ज्ञान होना, अमीर माता- पिता होना, भाग्यशाली होना या कुछ भी हो, उनका ये दावा है की सफलता किसी के दिमाग के आकार पर नहीं बल्की किसी की सोच के आकार पर निर्भर करता है।

उनका कहना है की हम जो कुछ भी करते हैं उसमें ज्यादा सफल होते हैं। उन्होंने बहुत सारी strategies बताई हैं, जिससे हमारी सोच upgrade होगी और हम जो भी करना चाहते हैं उसमें सफल होंगे ।

The Magic Of Thinking Big

History हमें हर बार ये बताता है कि bank account की size, खुशी के account की size, और किसी के satisfaction के account की size, उनकी सोच की size पर निर्भर करती है, बड़ा सोचने में ही magic है ।

तो चलिए समझते है वो 13 महत्वपूर्ण lessons जिसको follow करके लेखक एक नए मुकाम तक पहुंचे हैं ।

विश्वास करें कि आप सफल हो सकते हैं और आप करेंगे

जब हम ये विश्वास करते हैं कि मैं कर सकता हूं तो वो कैसा होगा, इसका जवाब आपको खुद मिल जाता है। ये how part का जवाब सिर्फ उस इंसान के पास आता है जिसको विश्वास होता है कि वो कर सकता है। दृढ़ विश्वास ही दिमाग में how part के कई अलग – अलग ideas को जगाता है ।

मैं सकारात्मक हूं या मैं कर सकता हूं – ये बहुत powerful होता है। उनका कहना है कि अगर हमें विश्वास है कि हम कर सकते हैं तो हम जरूर सफल होंगे।

अगर हम जानते हैं की हम एक professional football player बन सकते हैं, अगर हम मानते हैं की हम करोड़पति बन सकते हैं, अगर हम मानते हैं की हम जीवन में बड़ी चीज हासिल कर सकते हैं, तो हम जरुर कर लेंगे लेकिन ये तभी होगा जब हम चाहेंगे। किसी भी चीज को हासिल करने के लिए बस उसपे believe करना जरूरी है।

अगर हम करोड़पति बनना चाहते हैं तो हम विश्वास रखते हुए, एक दिन करोड़पति बन सकते हैं ।

अगर आपको लगता है कि आपके आसपास कोई सफल नहीं है तो इसका मतलब ये नहीं की आप भी सफल नहीं बन सकते हैं। अगर ऐसा है तो आप exusitis से परेशान हैं जिसका मतलब है की आपको बहाने बनाने की बीमरी है और कुछ नहीं ।

विश्वास नहीं करना एक negative Power है। जब हमारे मन में विश्वास नहीं होता या संदेह होता है तो इससे हमारा मन उसके कारण को आकर्षित करता है। अगर आप जीवन में सच-मुच सफलता नहीं पाना चाहते तो doubt होना जाहिर करे और इसी सब के कारण आप सफल नहीं हो पाते।

इसीलिए आपको अपने अंदर विश्वास लाना होगा की आपको सफल होने से कोई नहीं रोक सकता ।

अपने आप को exusitis से ठीक करें, विफलता रोग (failure disease)

आपको ये देखना होगा कि इंसान जितने कम बहाने बनाता है उतनी ही जल्दी सफल होता है।

लेकिन आपने ये भी देखा होगा की अगर आपका कोई दोस्त कहीं नहीं पहुंच पाया तो उसके पास बहाने की एक पूरी किताब होगी। Mediocre इंसान हमेशा एक ही बात समझाता है की वो लोग कोई काम क्यों नहीं कर रहे हैं, क्यों नहीं कर पाए और आगे भी क्यों नहीं कर पाएंगे ।

क्या आप भी इस तरह के बहाने बनाते हैं?

“मैं आज थक गया हूं, इसलिए मैं इस काम को कल करुंगा”।

“मैं बहुत छोटा हूं”।

“मैं कुछ शुरू करने के लिए बहुत बड़ा हूं”।

“मैंने ऐसा पहले कभी नहीं किया है”।

“मेरा आज काम करने का मन नहीं कर रहा है”।

“मैं अभी इतना smart नहीं हूं”।

“मैं इतना lucky नहीं हूं”।

“ये बहुत कठिन है”।

“मेरे पास तो पैसा ही नहीं है”।

David का कहना है की एक आदमी जितना ज्यादा सफल होता है वो उतना ही कम बहाना बनाता है। जो लोग सफल नहीं हो पाए उनके पास हमेशा बहाने की पूरी list होती है और वो हमेशा इसी चीज भी अटक जाते हैं की वो सफल क्यों नहीं हो पाए। यही फर्क होता है अमीर और गरीब लोगों के बीच। इन्हीं बहाने का उदाहरण इनके बीच का अंतर बताता है ।

हमें causes and effects के law को अपनाना चाहिए। अगर हम किसी के good luck की तरफ देखेंगे तो हमें luck नहीं बल्की planning, preparation और उसकी बड़ी सोच मिलेगी जिसने उसको सफल बनाया, ना की luck ने। और अगर हम किसी के बुरे luck की तरफ देखेंगे तो आपको कुछ अंतर समझ में आएंगे।

एक सफल इंसान हमेशा अपनी गलतियों से सीख कर आगे बढ़ता है लेकिन एक mediocre इंसान अपनी गलतियों से सीखना ही नहीं चाहता।

हर action का एक reaction होता है। हमारी जिंदगी में जो कुछ भी होता है वो हमारे सारे action का नतीजा होता है। ये किस्मत के हाथ में नहीं होता की हम सफल होंगे या नहीं, ये सब कर्म पर निर्भर करता है जो हम daily करते हैं ।

एक अच्छी बात ये है की हमें पता है की हम circumstances के मोहताज नहीं हैं। हम खुद creators हैं। हम खुद अपनी नियति का फैसला कर रहे हैं। हम अपने action चुन सकते हैं जो हम daily basis पर करते हैं।

The Magic Of Thinking Big Summary

अगर हम सफल होना चाहते हैं तो हम सफल लोगों के काम की नकल कर सकते हैं। अगर हम सफल नहीं होना चाहते है, सब खराब करना करना चाहते है तो हम उन लोगों की नकल करते हैं जो सफल नहीं हैं। अगर हम अमीर बनना चाहते हैं तो अमीर लोगों के काम की नकल करते हैं। एक बार जब हम causes and effects के law को अपना लेते हैं तो जीवन असल में बहुत आसान हो जाती हैं ।

तो दोस्तो, हमें अपने excuses को अलग करना है और अपनी मेहनत और कर्म पर विश्वास करना है। यही हमें success देगा।

अपने आप को छोटा मत सोचो

बहुत से लोगों को लगता है की वो कुछ नहीं कर सकते, वो खुद को जितना छोटा समझते है, उतना ही छोटा देखने लगते हैं। उनके पास आत्म-सम्मान की बहुत कम होती है ।

मुझे यकीन है की आपने कुछ लोगों को jobs में higher position पर देखा होगा। तो क्या लगता है वो higher position पर क्यों हैं? इसका सरल उत्तर- ऐसे लोग अपने बारे में ज्यादा सोचते हैं। उनके पास खुद पर विश्वास ज्यादा होता है। उन्हें लगता है वो कर सकते है, वो ये भी सोचते हैं की असल में ये काम possible है ।

वो self depression का शिकार नहीं होते। वो अपने आप को कभी छोटा नहीं समझते, वो ये कभी नहीं सोचते कि हर कोई उनसे ज्यादा बेहतर हैं। वो मानते हैं की वो खुद महान हैं। दुसरे शब्द में कहा जाए तो वो अपने आप को कम नहीं मानते, उनकी self esteem बहुत high होती है ।

Big, Bright, Cheerful और Positive शब्दों का प्रयोग करें

जब आप बोलते हैं या लिखते है, तो उसका ये मतलब है की जैसे एक projector दूसरे के दिमाग में film दर्शाता दर्शन है, वैसे ही आपके द्वारा बनायी गई तस्वीर ये निर्धारित करती हैं की आप या दूसरे कैसे react करते हैं ।

मान लो की आप एक group को ये बोलते हैं की मैं fail हो गया हूं। इसको लोग हार या निराशा या disappointment, जैसे शब्द में express करते हैं बजाए इसके की वो प्रोत्साहित करें या कोशिश करते रहने की सलाह दे।

हमारा मन शब्दों में नहीं सोचता, बल्की ये pictures, images या movies में सोचता है। जो शब्द हम उपयोग करते हैं, हमारा दिमाग उनको images और movies में बदलता है। जब हम pink elephant कहते हैं तो हमारे दिमाग में pink elephant की picture बनती है। जब हम dolphin या pool, कोई भी शब्द कहते हैं तो हमारे दिमाग में इन सबकी picture बन जाती हैं ।

ये जरूरी क्यों है? क्यों हमें अपने शब्द को सावधानी से चुनना चाहिए? यहाँ एक उदाहरण से समझाया गया है की अगर आप problem शब्द सुनते हैं तो आप अपने दिमाग में मुश्किल या हल ना होने वाली जैसी picture बनाते हैं।

अगर आप इसी चीज को एक चुनौती के रूप में सोचते हैं तो आपका दिमाग सकारात्मक और exciting picture बनाता है ।

अगर आप कोशिश शब्द सोचते हैं तो आपका दिमाग ये सोचता है कि ये इतना important नहीं है इसमें आप अपना बेस्ट देंगे लेकिन उसका पूरा होना या ना होना आपके लिए जरूरी नहीं है। ये बहुत अजीब है की मैं करुंगा या मैं इसे करने की कोशिश करुंगा में, बहुत बड़ा अंतर है ।

कोशिश शब्द ये बताता है की हम सफल नहीं होंगे। इसके बारे में सोचे। कभी आपसे किसी ने ये कहा की मैं वहां 5 बजे होने की कोशिश करूंगा। क्या इसका ये मतलब है की मैं 5 बजे वहां रहूंगा? तो real में वो नहीं जानते की वो कहां होंगे। जबकी सही statement ये है की मैं शाम 5 बजे वहां पहुंच जाउंगा, तो आप इस बात पर पूरी तरह भरोसा कर सकते हैं ।

The Magic Of Thinking Big Hindi

हमें अपने mood और feelings को जताने के लिए सकारात्मक शब्द का इस्तेमाल करना चाहिए। अगर कोई मुझसे ये पूछता है की, मैं कैसा हूं तो मैं उन्हे ये नहीं बताता की मैं थक गया हूं या मैं इतना अच्छा महसूस नहीं कर रहा हूं, बल्की मैं गर्व से कहता हूं की बहुत अच्छा महसूस कर रहा हूं। इसी की वजह से मेरे दिमाग में भी ऐसी अच्छी picture बन जाती है ।

जब हम दूसरे लोगों के साथ या उनके बारे में बात कर रहे होते है, तो हमें pisitive शब्द का इस्तेमाल करना चाहिए। हमें दूसरों के बारे में मैं सकारात्मक तस्वीर बनाने की कोशिश करनी चाहिए। जब हम किसी भी इंसान से बात करते हैं तो हमें अच्छे शब्द का उपयोग करना चाहिए। जेसे तुम बहुत amazing हो, great हो, हमने आपसे बहुत कुछ सीखा है ।

ऐसे सकारात्मक शब्द हमारे या हमारे दोस्तों के दिमाग में सकारात्मक emotions बनाता हैं। दुसरे शब्दों में ये भावनात्मक शब्दों का प्रयोग करके उनकी भावनाओं को सकारात्मक बनाता है। इसी कारण जब वो इंसान आपके बारे में सोचता है तो हमेशा सकारात्मक सोचता है। शब्दों में बहुत power होती है, इसको बहुत अच्छे से इस्तेमाल करना चाहिए ।

महत्वपूर्ण दिखें – यह आपको महत्वपूर्ण सोचने में मदद करता है

नियम:

याद रखे का आपका रूप और आपकी personality बोलती हैं। हमेशा आप अपने बारे में अच्छा बोले। अच्छे से तैयार होना भी, आपके सकारात्मक व्यक्तित्व को दिखाता है। ये लोगों को बताता है की ये इंसान बुद्धिमान, समृद्ध और भरोसेमंद है, ऐसे इंसान पर आप भरोसा और सम्मान कर सकते हैं ।

जिनका हुलिया अच्छा नहीं होता या जो अच्छे से तैयार नहीं होते उनकी personality negative feelings देती है। ऐसे लोग अच्छा नहीं करते, वो लापरवाह और inefficient होते हैं। ऐसे लोग average या उससे नीचे होते है, ये लोग कोई स्पेशल चीज deserve नहीं करते हैं। इस तरह के लोग चारों तरफ से हार चुके होते हैं ।

अगर आप किसी पर अपना सच्चा या दोस्ती वाला impression छोड़ते हैं तो ज्यादा chance होता है की आप उस इंसान से भविष्य में संपर्क (contact) में आएंगे। और इसके chance भी बढ़ जाते हैं की वो इंसान आपके लिए positive feel करेगा ।

भले ही लोग आपके पहले न मिले हो या आपने कभी बात ना की हो पर आपका पहनावा आपके बारे में बहुत कुछ बताता है। आपका posture, पूरी body language, आपकी smile – ये सब बहुत कुछ बोलती हैं ।

यहां पर एक catch ये है कि आपका जो appearance है, ये सिर्फ दूसरों की सोच को प्रभावित नहीं करता, आपकी खुदकी सोच को भी प्रभावित करता है। आपकी शारीरिक उपस्थिति, आपकी मानसिक उपस्थिति को प्रभाव करता है। आप बाहर से कैसे दिख रहे है, ये इस चीज को बताता है कि आप अंदर से कैसा सोच रहे हैं ।

अपने आप को sell करने के लिए वाणिज्यिक (commercial) बनाएं

इसका एक तरीका है की हम खुद से बात करें। ये practice करें और खुद को praise करें, कभी भी self punishment पर काम ना करे ।

आप खुद से कैसे बात कर रहे हैं? क्या आप खुद को मजबूत बना रहे हैं? क्या आप खुद को निर्माण कर रहे हैं? क्या आप खुद को बेकार समझ रहे हैं? क्या आप जीवन में बड़ी चीजों को पा सकेंगे? क्या आपकी किस्मत में महान बनना लिखा है?

दुख की बात ये है की बहुत से लोग खुद से नकारात्मक तरीके से बात करते हैं। और ये गलती नहीं है क्योंकि हमें कभी बताया नहीं गया की इस चीज़ को कैसे दूर किया जाए या केसे बदला जाए?

तो आज से हमें ये ध्यान रखना होगा की हम अपने आप से क्या बात कर रहे हैं, ध्यान रखें आप अपने आप से जो भी कहेंगे, वो होगा , तो ध्यान से चुने कि क्या बोलना है। Point ये है की आपको खुद को बड़ा बनाना है, अपने आप को बेहतर बनाना है, और खुद की आत्मसम्मान को बढ़ाना है। मुझे यकीन है की अगर आप ये consciously practice करेंगे तो आप पक्का अपना जीवन बदल पाएंगे ।

अपने आप से पूछें: “क्या यह एक महत्वपूर्ण व्यक्ति के सोचने का तरीका है?”

अपनी सोच को upgrade करे। महत्वपूर्ण लोग जैसा सोचते हैं वैसा ही सोचे। अपनी सोच को upgrade करने से आपका काम भी upgrade होता है। ये आपको सफलता की तरफ ले जाता है। अपने आप से ये पूछे की क्या आप इसी तरीके से सोच रहे हैं जैसे सफल और confident इंसान सोचते हैं?

जब-जब आप अपने आप से ये सवाल करते रहेंगे, तब-तब आपके सही सोचने की क्षमता बढ़ती रहेगी।

अपने पर्यावरण को अपने लिए काम करवाए, अपने विरुद्ध नहीं

Expert का भी ये मानना है की आने वाले 5, 10, 20 सालों में क्या बनोगे वो आपके पर्यावरण पर निर्भर करता है। आपकी सोच, आपके लक्ष्य, आपका attitude, आपके पर्यावरण से बनता है। आपका पर्यावरण बहुत बड़ा factor है जो आपके भविष्य को तय करता है ।

The Magic Of Thinking Big English

आप कितना पैसा कमाएंगे? कितना खुश रहेंगे? कितना सफल होंगे? किस तरह के घर में रहेंगे? कौन सी कार चलाएंगे? आपके कितने बच्चे होंगे? आप शादी करेंगे? आप कौन सी political party का समर्थन करेंगे? आप कौन सी किताब पढेंगे? क्या आप बहुत travel करेंगे? आप कहां travel करेंगे? ये सब कुछ आपके पर्यावरण पर निर्भर करता है या यह कहे कि असल में आपका पूरा भविष्य आपके पर्यावरण पर ही निर्भर करता है ।

तो आपका पर्यावरण कैसा बना है? जैसे लोगों के साथ आप रहते हो, किताबें, समाचार और लेख पत्रिका पढ़ते हो, video और tv series देखते हो ।

अंतत: सब कुछ ही आपको आकार या रूप में लाता है। इसका सबसे बड़ा हिस्सा है की आप जिस तरह के लोगों के आस पास हो जैसे परिवार, समूह, दोस्त, school और काम करने वाले, खेल team, theatre group, जिनसे आप घिरे हुए हैं।

Jim Rohn कहते हैं की – आप उन 5 लोगों का average होते हैं जिनके साथ आप सबसे ज्यादा रहते हैं। उन लोगों की तरह ही आपका attitude होगा, स्वास्थ्य और आय (income) होगी।

अगर आप खुद को अमीर लोगों के साथ रखते हैं, किताबें पढ़ते हैं, अमीर बनने की video देखते हैं, वैसे ही अपना पर्यावरण बदलते हैं, जैसा अमीरों का माहौल होता है तब आपको अमीर लोगों की तरह बोलना उनकी तरह बात करने की attitude आने लगती है और अगर आप ऐसा करते हैं तो आप अमीर भी बन जाते हैं। अगर आप खुद को spiritual लोगों के साथ रखते हो तो आप भी spiritual बन जाते हो। अगर आप खुद को एक अपराधी के साथ रखते हो तो आप भी अपराधी बन सकते हैं ।

ऐसा आपके दिमाग के साथ होता है। अगर आप सकारात्मक वातावरण feed करते तो आप भी सकारात्मक होते हो। लेकिन अगर आप दिमाग में नकारात्मक वातावरण feed करते हो तो आप भी नकारात्मक होते हो। इसीलिए ये बहुत important हैं की आप अपना environment जितना अच्छा हो सके, करना चाहिए ।

Negative इंसान आपका दिमाग खराब कर देता है जबकी आप अपने किसी भी new plan के लिए इतने ज्यादा excited थे। कुछ करने के लिए तैयार थे लेकिन प्रोत्साहित होने के बजाए आप खुद के idea पर संदेह करते हैं, कुछ भी कोशिश करने के लिए खुद को पागल कहते हैं और नौकरी पर ध्यान देना चाहिए, ऐसे लोगों को David negators कहते हैं।

अपने पर्यावरण को अपने अनुसार कैसे काम करवाएं।

अपना ज्यादा समय सकारात्मक, उत्साहित, महत्वाकांक्षी, प्रेरक या सफल लोगों के साथ बिताएं। सफल और प्रेरक लोगों की जीवनी (biography) पढें। Positive psychology, धन का आकर्षण, व्यक्तिगत विकास पर किताबें पढें। जो भी चीज देखते हैं वो आपका माहौल, आपकी प्रेरणा और सफलता, सब possible बनाती हैं ।

बातचीत में उदारता (generosity) का अभ्यास करें

हज़ारो experiments में ये खुलासा हुआ है की जो इंसान सिर्फ बहुत बातें करता है और जो इंसान सफल होता है वो शायद ही same व्यक्ति होता हैं। इंसान जितना ज्यादा सफल होता है उतना ही down to earth होता है जो दूसरों को अपने बारे में, अपने विचार, अपनी उपलब्धि अपने परिवार और अपनी समस्याओं की बात करके प्रोत्साहित (encourage)करता है।

लोगों को अपने बारे में बात करना अच्छा लगता है। उनको ये बताना अच्छा लगता है कि वो कितने महान हैं, वो कितना मेहनत करते हैं, उनके boss उनके साथ अच्छा व्यवहार नहीं करते, वो कितना काम कर रहे हैं और थक गए हैं। यही इंसान का nature है। हम अपनी care करते हैं, अपने जीवन के बारे में बात करना चाहते हैं, अपनी समस्याएं, अपने रिश्ते, सबके बारे में बात करना चाहते हैं।

अगली बार जब आप किसी के साथ बात कर रहे हैं तो अपने आप से पूछे की सबसे ज्यादा कौन बोल रहा है आप या दूसरा इंसान? आप किसके बारे में बात कर रहे हैं? क्या आप सिर्फ अपने जीवन, problems और interest के बारे में बात कर रहे हैं? अगर आप खुद को ज्यादा बोलते हुए पकड़ लेते हैं तो वही रुक जाए और दुसरे इंसान को बोलने दे।

एक Activationist बनें। कोई ऐसा व्यक्ति बनो जो चीजें करता हो

सफल log active रहते हैं और हम उनको activationist कहते हैं। जो लोग average, mediocre या असफल होते हैं उन्हें हम passivationist कहते हैं ।

Activationist action करते हैं। ये action लेते हैं, चीजें पूरी करते हैं, अपने ideas और plan को follow करते हैं। Passivationist कुछ नहीं करते। वो चीज़ों को टालते हैं और ये साबित कर चुके होते हैं की वो काम करने के लिए late हो गए हैं।

हम में से ज्यादातर लोग by nature passivasionist होते हैं। हम हमेशा सही समय, अवसर, सही स्थिति का इंतजार करते हैं, जब तक हम perfect तैयार ना हो जाए। इसका मतलब ये है की हमें कुछ भी नहीं करना ।

अब हमें ये स्वीकार करना होगा की कुछ भी perfect नहीं होगा। ये कभी भी आसान नहीं होगा ना 100% सफल होगा। जीवन में आगे बढ़ने के लिए हमें action लेना होगा। हमें चीजों पर काम करना शुरू करना होगा, आगे बढ़ना होगा चाहे अच्छा महसूस हो या ना हो। हमें बड़े action करने होंगे। अगर हमारे पास कुछ goals हैं जो हम हासिल करना चाहते हैं तो महत्वपूर्ण है की actions le और उन लक्ष्यों को पूरा करें।

ज्यादा analysis, ज्यादा विस्तृत (detailed) plan बनाना, सही अवसर का इंतजार करना और खुद को बेहतर तैयार करना, आगे बढ़ने में ज्यादा मदद नहीं करता।

सफलता की गारंटी के लिए experiments के साथ दृढ़ता का मिश्रण करें

अगर आप लगे हुए हैं तो इसकी कोई guarantee नहीं है कि आप जीतेंगे ही, लेकिन आप new experiment के साथ लगे होंगे तो जरुर सफल होंगे।

बहुत से ambitious लोग लगे रहते है, लेकिन वो सफल नहीं होते क्योंकि वो new approaches और new experiments पर काम नहीं करना चाहते। अपने goal के साथ stick रहना चाहिए। एक inch भी नहीं हिलना चाहिए, अगर आपको परिणाम नहीं मिल रहे हैं तो new approaches आजमाएं ।

New experiments के साथ लगे हैं तो सफलता की guarantee है। पहला इंसान जो मेरे दिमाग में आता है वो है Thomas Edison, जो एक सफल innovater रहे हैं। मानव इतिहास में ये एक प्रसिद्ध light bulb का invention करने वाले पहले इंसान थे।

वो 10000 बार fail हुए light bulb की invention करने में उसके बाद जाके वो सफल बने। उन्होंने 10000 new experiments किए तब जाके उनके हाथ jackpot लगा। वो अपने goal के साथ लगे रहे, एक Inch भी नहीं हिले, पर वो new approaches try करते रहें, और finally इसने काम किया। New experiments के साथ लगे रहो तो ये काम करता है ।

 — Napoleon Hill

Napoleon Hill ने कहा था – अगर आप पहला plan अपनाते हो और वो काम नहीं करता तो नई योजना बनाए। अगर न्new plan भी fail हो जाता है तो उसको बदलते रहे, जब तक की आप ऐसा plan न ढूंढ ले जो काम करता है। बहुत से लोग इसलिए fail होते हैं क्योंकि वो लगे तो रहते है, पर उनके लगे रहने में new plans, new approaches नहीं होती इसलिए वो असफल होते हैं ।

बढ़ने में मदद के लिए लक्ष्यों का उपयोग करें

The Magic Of Thinking Big Hindi English

कुछ भी possible नहीं है जब तक आपके पास goal नहीं होता और जब तक आप कोई action नहीं उठाते। बिना goal के हम हमेशा भटकते रहते हैं। लक्ष्य उतने ही जरुरी हैं जितनी की हवा जिंदगी के लिए जरुरी है। कोई भी बिना लक्ष्य के सफलता को हासिल नहीं कर सकता। जब तक goal नहीं है, कुछ नहीं होगा।

अगर आप नहीं जानते की आपको जीवन से क्या चाहिए, तो वो आपको कैसे मिलेगा। अगर आप नहीं जानते की आप कहां जा रहे है, तो आपको कैसे पता होगा की कहां पहुंचना है ।

Goals में magic powers होती हैं। जब आप goal set करते हो तो ये आपकी energy बढ़ाता है और आपको अपने लक्ष्य की तरफ ले जाता है। बहुत से लोगों को energy मिलती है जब वो एक goal set करते हैं और वो हर चीज करते है जिससे वो पुरा हो ।

जब आपके पास एक clear लक्ष्य होता है और आपके पास एक रास्ता होता है जिसपर आपको daily चलना है, आप जानते हैं की आप कहां जा रहे हैं और उसी के लिए आप अपना समय देते हैं और goals को achieve करने के लिए effort डालते है बजाए इसके की आप हर समय distract होते रहे ।

एक नेता की तरह कैसे सोचें

जिनके साथ काम करना चाहते हैं उन्हें प्रभावित करें। Progress के बारे में सोचे, विश्वास करें, या progress के लिए खुद को progress करें ।

Leadership Rule no. 1: जिनके साथ काम करना चाहते हैं उन्हें प्रभावित करें। दूसरों से आप क्या चाह रहे हैं उनकी आंखों में उस चीज को देखे। जब आप focus से काम करते हैं तो दूसरों को कैसे प्रभावित किया जाए इसका secret पता लगता है ।

Leadership Rule no. 2: सोचे, इसे संभालने का मानवीय तरीका क्या है।

बहुत से leader, लोगों को handle करने के लिए अलग- अलग तरीके इस्तेमाल करते हैं। पहले आप dictator की position को ग्रहण करें। एक dictator सारे फैसले किसी से बिना प्रभावित हुए लेता है। दुसरे leader की technique cold mechanical “I m rule book” दर्शाता है। ऐसे leader fixed तरीकों से ही स्थिति को संभाल लेते है। वो कभी नहीं जानते की हर नियम, सामान्य स्थिति के लिए है। इस तरीके से एक leader इंसान को मशीन की तरह treat करता है।

वो इंसान leader बनता है जो इंसान को इंसान मानता है।

Steps: उसके कुछ sign भी है, जैसे की, 

मैं उनसे अकेले मैं बात करता हूं।

मैं तारीफ करता हूं की वो अच्छा कर रहे है।

मैं उन्हें चीजें बेहतर करने के लिए एक रास्ता देता हूं जिससे वो बेहतर कर सकते हैं।

मैं उनके अच्छे काम के लिए उनकी दुबारा तारीफ करता हूं और ये formula काम करता है।

Leadership Rule no. 3: अपने progressive outlook को develop करने के लिए आप ये दो चीजें कर सकते हैं –

1-आप जो कुछ करते हैं उसमें सुधार के बारे में सोचे।

2-आप जो कुछ भी करते हो उसमे standards high रखें।

आप उसी तरीके से बात करें, जैसा आप चाहते हैं कि आपके साथ काम करने वाला भी ये सब करेगा। समय के साथ-साथ आपके साथ काम करने वाला इंसान carbon copy बन सकता है। ये सबसे आसान तरीका है higher performance निकालने के लिए जो duplicate होता है ।

Leadership Rule no. 4: – अपने आप को समय दे और अपनी supreme Thinking power को समझे।

सुबह जल्दी उठना इससे पहले की कोई आपकी दुनिया में हलचल मचाए उससे पहले खुद का समय खुद पर खर्च के लिए अच्छा होता है। महत्वपूर्ण बात ये है की ऐसे समय को चुनें जिससे आपका mind fresh हो, या बेकार बातों से free रहे। आप इस समय को 2 तरीकों से उपयोग कर सकते हैं Direct और Indirect।

Indirect सोच से सिर्फ वही चीजें चुने जिनके बारे में आप सोचना चाहते हैं। ऐसे समय में आपका अवचेतन (subconscious) मन आपके चेतन मन में memory feed करता है। Self evaluation में आपका indirect mind मदद करता है। ये आपको खुद को कैसे बेहतर कर सकता है, इसमें मदद करता है। आपका अगला तरीका क्या होना चाहिए? हमेशा leader की सोच की शक्ति को समझने और सबसे अच्छी तैयारी जो नेतृत्व (leadership) में मदद करती है वो है (सोचना)।

निष्कर्ष

The Magic Of Thinking Big आपकी सोच को upgrade करने के बारे में है, बड़ा समझे और बड़ा सोचे। सोचना और विश्वास करना आपको सफलता देता है। सकारात्मक विश्वास आपको ऊर्जा, शक्ति, कौशल सब देता है। इस बात पर भी जोर दे की नकारात्मक विश्वास आपको सफल नहीं बना सकता है, बहाने और कारण भी आपको सफल नहीं बनना सकते।

जो भी आप सच मानते हो वो खुद में खुद की भविश्यवादी हैं। अगर आप कुछ भी एक बहाना के साथ शुरू कर रहे हैं तो वो fail ही होगा। हमेशा बड़ा सोचे, खुश रहे, सकारात्मक रहे, सही शब्दों का ज्यादा इस्तेमाल करे। इनको अपने जीवन के positive events में उपयोग करे बजाए इसे शिकायत की तरह इस्तेमाल करने से। हमेशा negative लोगो से दूर रहे और इन सभी शब्दों का उपयोग करके अपना पर्यावरण अच्छा करे। ज्यादा से ज्यादा काम करे, काम करने वाला बने। Goals को set करना शुरू करें जो आपको भविष्य में हासिल करना है, और अंत में जो बहुत महत्वपूर्ण हैं – विश्वास करना शुरू करें।

सभी Podcast platform पर भी हमारी summary, Kitabein नाम से उपलब्ध है, जिसे हाल ही में भारत का best educational podcast का award भी मिला है। Link ठीक निचे दिया हुआ है:

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281 thoughts on “(हिन्दी Summary) The Magic Of Thinking Big by David J. Schwartz”

  1. Believe in yourself: One of the most important things you can do to achieve success is to believe in yourself. If you think big, you’ll be able to accomplish big things.

    Set high goals: Set high goals for yourself, and then work hard to achieve them. Don’t settle for mediocrity.

    Develop a positive mindset: The way you think about yourself and your abilities has a huge impact on your success. If you have a positive mindset, you’ll be able to overcome obstacles and achieve your goals.

    Take action: It’s not enough to just think about your goals. You need to take action to make them a reality. Start small, but keep moving forward.

    Learn from failure: Failure is a natural part of the learning process. Instead of being discouraged by failure, use it as an opportunity to learn and improve.

    Surround yourself with positive people: Surround yourself with people who believe in you and your goals. Avoid negative people who bring you down.

    Be persistent: Success often requires persistence and determination. Don’t give up on your goals, even if you face setbacks and obstacles.

    Manage your time effectively: Time is a valuable resource, so it’s important to use it wisely. Make a schedule, set priorities, and focus on the most important tasks.

    Keep learning: Learning is a lifelong process. Keep educating yourself, developing new skills, and expanding your knowledge.

    Take care of your physical and mental health: Your physical and mental health are essential for your success. Take care of yourself by getting enough sleep, eating healthy, exercising regularly, and managing stress.

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  2. The Magic of Big thinking is this book is very useful in my life. I am working in organisation as leader but in my mind is lots of thing But in working area how to handle many types manpower because are u responsible person of work in production any work delayed and not working as per procedure
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    Yes our think is big results gets good
    Track for your Goals achivement timeframe
    Respect to others person
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