आज हम एक बहुत ही दिलचस्प किताब के बारे में बात करेंगे, जिसका नाम है “The Subtle Art of not Giving a F*ck”।
ये किताब Mark Manson ने 2018 में लिखी है, जो एक star blogger हैं। इनके पाठक 2 million से भी ज्यादा है। और ये किताब उनकी पहली किताब है। ये किताब खुद की मदद करने का रास्ता तो दिखाती ही है, साथ ही साथ ये भी बताती है कि कैसे खुश रहने वाले लोगो को बुरे समय में खुद को कैसे संभालना चाहिए और हर समय खुद को सकारात्मक (positive) रखना चाहिए (The Subtle Art of not Giving a F*ck)।
अभी तक मैंने बहुत सी किताबो को पढ़ा है लेकिन कहीं न कहीं ये समझा हु कि ये किताब हमारी पारंपरिक और नियमित (routine) सोच को हिला कर रख देती है। मैं खुद ही बहुत surprise था इस किताब के बहुत सारे पहलु को जानकर, जो कि एक दम सच है।
कोशिस न करे
इस chapter में Marc ‘कोशिश ना करने’ के बारे में बात करते हैं। Marc का मानना है कि सुधार और सफलता अक्सर एक साथ होती है लेकिन इसका मतलाब ये नहीं है कि ये वही है (The Subtle Art of not Giving a F*ck)।
Marc के अनुसार, हमारा संस्कृति (culture) ऐसी सकारात्मक (positive) उम्मीदें पे बहुत focus करता है जो सच्चाई से बहुत दूर है – जैसे की खुश रहो, स्वस्थ रहो। उत्तम बानो। तेज, होशियार, अमीर, ज्यादा काम करने वाले बनो। लेकिन जब हम शांति से इसके बारे में सोचते हैं, तो सभी सकारात्मक (positive) चीज असली में उन चीजों पर ज़ौर देती हैं जो हमारे पास नहीं है। उदाहरण के लिए: हम पैसे कमने के तारिको के बारे में सिखते हैं क्योंकि हमें लगता हैं कि हमारे पास पहले से ही काफी पैसे नहीं है। हम affirmations दोहराते हैं कि हम सुंदर हैं क्योंकि हमें लगता हैं जैसे हम पहले से ही सुंदर नहीं हैं (The Subtle Art of not Giving a F*ck)।
हम dating और relationship पे सलाह लेते हैं क्योंकि हमें लगता है कि कोई हमसे प्यार नहीं करता है। हम ज्यादा successful होने के बारे में सोचने की कोशिश करते हैं क्योंकि हमें लगता है जैसे हम पहले से ही successful नहीं हैं (The Subtle Art of not Giving a F*ck)।
Marc का कहना है कि एक confident इंसान को कभी ये सब करने की जरूरत नहीं है कि वो confident है। एक अमीर इंसान को किसी को ये समझाने की जरूरत नहीं है कि वो अमीर है। या तो आप होते हैं या आप नहीं होते हैं। लेकिन अगर हम हर समय किसी चीज का सपना देख रहे हैं, तो हम एक और सच्चाई को बार-बार मजबूर कर रहे हैं कि वो चीज हमारे पास नहीं है (The Subtle Art of not Giving a F*ck)।
बहुत ज्यादा चिजो के लिए परेशान रहना या सब चिजो से फर्क पड़ना, हमारी मानसिक स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। एक अच्छी जिंदगी, ज्यादा चिजो के लिए पर परेशान रहना नहीं है बल्कि कम चिजो के लिए परशान होना है, केवल उन चिजो के लिए फर्क पड़ना चाहिए जो सही हैं और हमारे लिए हैं (The Subtle Art of not Giving a F*ck)।
नरक से feedback loop: – Marc कहते हैं कि जब हम हमेशा सही चिज करने को लेकर परेशान रहते हैं, तो आखिर में इसलिय परेशान रहने लगते हैं कि हम इतने परेशान क्यों है। और जब हम खुद को हर गलती के लिए दोशी मानने लगते हैं तो हम ये महसूस करने लगते है कि हम खुद को इतना दोशी क्यू मान रहे हैं। जब हम अकेले और उदास होते हैं तो ये सोच सोच कर अपने आप को और भी ज्यादा उदास और नकारात्मक कर लेते हैं। Marc ने इसको नरक से feedback loop की theory का नाम दिया है।
नरक से feedback लूप की थ्योरी एक बहुत बड़ी बीमारी बन गई है, जो हमें जरूरत से ज्यादा परेशान कर रही है। और वो चिज जो हमें मुश्किल में डाल रही है वो है कि, हम बुरा महसूस करने के बारे में बुरा महसूस करते हैं, हम दोशी महसूस करने के लिए और ज्यादा दोशी मेहसूस करते हैं। यही कारण है कि किसी भी चिज से फर्क नहीं पड़ता – यही सबसे महत्वपूर्ण है।
इस chapter में Marc, Alan Watts द्वारा बतायी गई theory के बारे में बात करते हैं जिसे backward law के नाम से जाना जाता है – सिद्धांत का कहना है कि ज्यादा सकारात्मक अनुभव की इच्छा अपने आप में एक नकारात्मक अनुभव है और नकारात्मक अनुभव को स्वीकार कर लेना एक सकारात्मक अनुभव है (The Subtle Art of not Giving a F*ck)।
जितना ज्यादा हम हर समय positive महसूस करने की कोशिश करेंगे, उतना ही कम संतुष्ट होंगे क्योंकि किसी चीज के पीछे भागना सिर्फ इस बात को बताता है कि हमारे पास वो चीज नहीं है। उदाहरण के लिए – हम जितना ज्यादा अमीर होना चाहते हैं, उतना ही गरीब महसूस करते हैं, चाहे हम असली में कितना भी पैसा कमाये। Albert Camus जो एक दार्शनिक (philosopher) हैं, कहते हैं कि – अगर आप हमेशा ये ढूँढते रहेंगे कि खुशी किन चीजों से मिलती है तो आप कभी खुश नहीं रह सकते। आगर आप जीवन का मतलब ही ढूँढते रहेंगे तो जियेंगे कब (The Subtle Art of not Giving a F*ck)।

Marc का कहना है कि फर्क नहीं पडता, उल्टे तरीके से काम करता है इसलिए backward law कहते हैं। यह कहता है कि सकारात्मक के पीछे भागना नकारात्मक है और नकारात्मक का मान लेना ही सकारात्मकता दे सकता है। उदाहरण के लिए: काम में आसफलता ये सिखाती है कि सफल होने के लिए क्या जरुरी है (The Subtle Art of not Giving a F*ck)।
दुख से बचना अपने आप में एक दुख है। Struggle करने से दूर भागना अपने आप में एक संघर्ष है। अपने failure को नहीं मनाना ही एक failure है (The Subtle Art of not Giving a F*ck)।
Marc बताते हैं कि किसी भी चीज को लेकर परशान न होना अपने आप में एक कला है। उनका कहना है कि हम अपनी जिंदगी में अपनी सोच को प्राथमिकता देना चाहते हैं। हमें बहुत ध्यान से उन चीजों को चुनना है जो हमारे लिए जरुरी है (The Subtle Art of not Giving a F*ck)।
#1 – परेशान नहीं होने का मतलब ये नहीं है कि हम सबसे अलग हैं, बल्कि इसका मतलब है अलग होना में comfortable होना। Marc कहते हैं कि ऐसा नहीं है कि हमें जिंदगी में किसी चीज के लिए परेशान नहीं होना है, परेशान होना चाहिए उनके लिए होना चाहिए जो जिंदगी में बहुत value करते हैं, जैसे हमारे दोस्त, हमारी family और हमारा goal (The Subtle Art of not Giving a F*ck)।
#2 – मुसिबत में परेशान नहीं होना। जब लोगो के पास कोई मुसिबत नहीं होती तो वो सोच-सोच के कोई ना कोई नई मुसिबत पैदा कर ही लेते हैं। हमें बुरे समय में मुसिबत से ज्यादा उन चीजों के लिए सोचना है जो जिंदगी में ज्यादा जरूरी है (The Subtle Art of not Giving a F*ck)।
#3 – हम इस बात का एहसास हो या न हो, लेकिन हम हर समय उन चीजों को चुन रहे हैं होते हैं जिनके बारे में सोचत कर परेशान होना है या नहीं। जब हम बच्चे होते हैं तो हमें सब कुछ महत्वपूर्ण लगता है लेकिन जैसे-जैसे हमारी उमर बढ़ने लगती है, हमें उन चीजों के बारे में समझ आने लगता है जो महत्वपूर्ण है और इसे ही mature होना कहते हैं (The Subtle Art of not Giving a F*ck)।
Marc कहते हैं कि ये किताब हमें बहुत आसान तारिके से ये सोचने में मदद करती है कि हम जिंदगी में क्या चुन रहे हैं। जो हमारे लिए जरूरी है और क्या बिलकुल जरूरी नहीं है।
ख़ुशी एक परेशानी है
इस chapter में Marc, बुद्ध की कहानी के बारे में बताते हैं कि कैसे उन्होंने ज्ञान को पाया और ये बताया कि संतुष्टि न मिलना हमारे शारीर का ही एक हिसा है और लगातर खुशी पाने में मदद करता है (The Subtle Art of not Giving a F*ck)।
दुःख हमारी body के लिए बहुत उपयोगी है और इसके ही जरिये प्रकृति को बदलने की प्रेरणा (inspiration) मिली है। हम उन चीजों से खुश नहीं होते जो हमारे पास है बल्कि उन चीजों को लेके दुखी होते हैं जो हमारे पास नहीं है।
दो तरह के दर्द होते हैं – एक है शारीरिक दर्द और दूसरा है मनोवैज्ञानिक दर्द। उनका कहना है शारीरिक दर्द जरुरी है क्योकि वो हम बताता है कि हमरे लिए क्या अच्छा है और क्या बुरा और शारीरिक दर्द हमें अपनी सीमा में रहना सिखाता है।
मनोवैज्ञानिक दर्द हमेशा हमारे लिए बुरा नहीं होता, बल्कि वो हमारे लिए जरुरी और healthy है। जब हमें rejection और failure मिलता है तो हमें भावनात्मक (emotional) दर्द होता है जो हमें भविष्य में वही गलतियां न दोहराना सिखता है। Problems कभी नहीं जाती बल्कि वो बस समय के साथ बेहतर होती रहती है। कभी भी ऐसी life की उम्मीद न करें जिसमे कोई problem न हो, बल्कि हमें ऐसी life की उम्मीद करनी चाहिए जिसमे बेहतर problems हों (The Subtle Art of not Giving a F*ck)।
समस्या हल करने से हमें खुशी मिलती है। जब हम अपनी समस्याओं को हल करने से दूर भागते है और सोचते हैं कि कोई समस्या है ही नहीं तो हम वास्तव में अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती कर रहे होते हैं। खुश रहने के लिए जरुरी है कुछ न कुछ ऐसा होना जिसे हल किया जा सके।
खुशी हमारी progress के लिए किया जाने वाला एक लगातार action है। Marc कहते हैं कि problems को solve करना एक simple सा काम है लेकिन लोगो के लिए life बिलकुल भी simple नहीं है। ऐसा दो कारणों की वजह से होता है।
सबसे पहला कारण है कि लोग ये नहीं मानते की उनकी जिंदगी में समस्याएं हैं। वो हमेशा समस्यायों से दूर भागते हैं। वो सचचाई को स्वीकार नहीं करते और ऐसा करके उन्हें खुशी मिलती है। लेकिन वो खुशी कम समय के लिए होती है (The Subtle Art of not Giving a F*ck)।
दूसरा – वो हमेशा पीड़ित बने रहते हैं जो हमेशा दुःख में रहते हैं। वो दुसरे लोगो को और परिस्थितियों को दोष देते हैं और ये गुस्से और नकारात्मकता (negativity) से भारी लाइफ की तरफ ले जाती है।
जिंदगी का सबसे बुनियादी component ये है कि हमारे संघर्ष ही हमारी सफलता तय करते हैं। हमारी समस्याएं ही हमें खुशी के साथ-साथ बेहतर समस्याएं भी देती हैं।
आप special नही है
इस chapter में Marc, self-esteem के बारे में बात करते हैं, ये समझाते हैं कि सिर्फ अपने बारे में अच्छा सोचने से कुछ नहीं होता। जब तक कि हमारे पास कोई बहुत अच्छा कारण ना हो खुद को अच्छा महसूस करने के लिए (The Subtle Art of not Giving a F*ck)।
जब हम self-esteem को measure करते हैं तो ये measure किया जाता है कि लोग अपने बारे में कितना सकारात्मक (positive) महसूस करते हैं। लेकिन आप जिंदगी के नकारात्मक पहलू के बारे में कैसा महसूस करते हैं ये समझना ज्यादा महत्वपूर्ण है (The Subtle Art of not Giving a F*ck)।
जो लोग अपनी जिंदगी की बहुत value करते हैं, वो लोग अपने चरित्र के नकारात्मक हिस्से को देखते हैं और फिर उसे बेहतर करते हैं। जैसे कि पैसे को लेकर गैर जिम्मेदार होना, या अपनी सफलता को बढ़ा चढा के बताना, और दूसरों के समर्थन के लिए बहुत निर्भर होना। लेकिन वो लोग जो अपनी समस्याओं को समझ ही नहीं पाते, वो अपनी जिंदगी को सार्थक भी नहीं बना पाते (The Subtle Art of not Giving a F*ck)।

Marc के हिसाब से personal problem जैसी कोई चीज नहीं है। आगर हमें कोई समस्या है तो, chances है कि वही समस्या लाखो लोगो को past में हुई होगी। बहुत लोगो को अभी भी है या बहुत लोगो को future में वही problem होगी। इस्का सिर्फ एक मतलब है कि हम special नहीं हैं (The Subtle Art of not Giving a F*ck)।
किसी भी चीज में सबसे अच्छा बनने के लिए हमें उस चीज को अपना बहुत सारा समय और ऊर्जा देना होता है। क्यूकी हमारे पास limited time और energy है इसलिए हम हर चीज में best नहीं कर पाते।
एक प्रसिद्ध उद्धरण के हिसाब से हम सब की किस्मत में कुछ न कुछ बड़ा करना लिखा है, लेकिन अगर हम सब असाधारण बन गए तो असाधारण की परिभाषा भी बदल जाएगी (The Subtle Art of not Giving a F*ck)।
दुःख का मूल्य
Marc का कहना है कि दुःख जरुरी है और उससे बचना मुश्किल है। हम ये नहीं पूछना चाहिए कि मैं इस दुख से कैसे बच सकता हूं बल्कि ये पूछना चाहिए कि मुझे ये दुख क्यों है और मेरे इस दुख का कारण क्या है।
दुःख के कारण को समझने के लिए खुद को जानना बहुत जरूरी है। Marc कहते हैं कि खुद को जानना एक प्याज की तरह है जिसी बहुत सारी परतें हैं (The Subtle Art of not Giving a F*ck)।
इस प्याज की पहली परत है खुद की भावनाएं समझना जैसी कि क्या चीज मुझे खुशी देती है, किस चीज से मुझे दुःख होता है और क्या चीज मुझे उम्मीद देती है (The Subtle Art of not Giving a F*ck)।
खुद को जानने की दुसरी परत है ये की मुझे ऐसी भावनाएं महसूस क्यों होती हैं। ये layer उन emotions की जड़ को समझने में मदद करती है जो हमें अंदर से घेरे हुए हैं। एक बार अगर emotions की जड़ पकड़ में आ जाए तो हम उन्हें बदल सकते हैं (The Subtle Art of not Giving a F*ck)।
खुद को जानने की तीसरी परत है हमारे व्यक्तिगत (personal) मूल्य। जैसे की कुछ चीजो को हम success या failure क्यों मानते हैं। हम अपने आप को कैसे तौलते हैं। किस आधार पर हम अपने आप को और अपने आस पास के लोगो को judge करते हैं। ये layer important है क्योंकि हमारी values हमारी problems के बारे में बताती है और हमारी problems हमारी life की quality के बारे में बताती है (The Subtle Art of not Giving a F*ck)।
आप हमेशा चुनते रहते है
कोई भी समस्या हमारे लिए दर्दनाक होगी या powerful, वो इस बात पर निर्भर करता है कि हम उसको किस sense में चुनते हैं और उसकी जिम्मेदारी लेते हैं।
जब हमें लगता है कि हम अपनी समस्याओं को खुद चुनते हैं तो हम शक्तिशाली महसूस होता है लेकिन जब हमे लगता है कि समस्याओं को हमारी मर्जी के बिना हमारे ऊपर थोपा गया है तो हम बहुत ही दुखी महसूस करते हैं (The Subtle Art of not Giving a F*ck)।

Marc का कहना है कि जितना ज्यादा जिम्मेदारी हम अपनी जिंदगी में लेते हैं, उतनी ज्यादा power हमें मिलती है। Problems को accept करना ही problems को solve करना का पहला step है (The Subtle Art of not Giving a F*ck)।
हमारी संस्कृति में जिम्मेदारी और गलती अक्सर एक साथ आते हैं। इसलिए बहुत सारे लोग अपनी समस्याओं की जिम्मेदारी लेने से कतराते हैं क्योंकि जिम्मेदारी लेने का मतलब है अपना गलती भी मानना (The Subtle Art of not Giving a F*ck)।
हमारी situations के लिए कोई जिम्मेदार नहीं होता बल्कि हम खुद होते हैं। बहुत सारे लोग खुद को दुःख देने के लिए blame कर सकते हैं लेकिन कोई भी हमारे दुःख के लिए जिम्मेदार नहीं है (The Subtle Art of not Giving a F*ck)।
क्योकि ये हमेशा हमारी choice होती है कि हम चीजो को कैसे देखते हैं, उनपे कैसे प्रतिक्रिया (react) करते हैं। हम सबको सफलता और खुशी की जिम्मेदारी लेना तो पसंद है लेकिन अपनी जिंदगी में असली सुधार वो है जब हम अपनी समस्याएं की जिम्मेदारी लेते हैं (The Subtle Art of not Giving a F*ck)।
आप हर चीज के बारे में गलत हैं (मैं भी हु)
Marc इस chapter में बताते हैं कि हम लोग अपनी पूरी जिंदगी में लगभग सब चीजों के बारे में गलत होते हैं। हम अपने और दुसरो के बारे में, समाज और संस्कृति के बारे में, दुनिया और ब्रह्मांड के बारे में…। Infact सब चीजो के बारे में गलत होते हैं। लोग खुद को हर स्थिति में सही साबित करने के चक्कर में जिंदगी जीना भूल ही जाते हैं।
लोग कहते हैं कि उनको fail होने से, rejections से या किसी के ‘ना’ कहने से डर लगता है। मगर ऐसा नहीं है। Rejection और failure एक बुरा एहसास है लेकिन कुछ ऐसी चीज है जिन्हे हम छोडना ही नहीं चाहते (The Subtle Art of not Giving a F*ck)।
अनिश्चितता (uncertainty) हम अपने आप को judge करने से भी बचाती है। हमें नहीं पता कि हमें लोग पसंद करते हैं या नहीं, हमें नहीं पता कि हम कितने आकर्षक हैं, हमें नहीं पता हम कितने सफल हो सकते हैं। ये सब चीज़ ना पता होना और अपने अनुभव के जरिये पता करना ही सब चीजो को हासिल करने का एक step है (The Subtle Art of not Giving a F*ck)।
असफलता ही आगे का रास्ता है
किसी भी चीज में improvement बहुत छोटे छोटे failures पर निर्भर करता है। हमारी सफलता इस बात का सबूत है कि हम कितनी बार असफल हुए हैं। अगर कोई हमसे ज्यादा सफल है तो मतलाब है वो हमसे ज्यादा उस चीज में fail हुआ है। अगर कोई हम से भी बुरा है तो मतलब उसे अभी तक वो सब अनुभव नहीं लिए है जो हमने लिए हैं (The Subtle Art of not Giving a F*ck)।
जब एक छोटा बच्चा चलना सिख रहा होता है तो वो कई बार गिरता है और खुद को चोट लगवा लेता है, लेकिन उस समय कभी भी वो ये नहीं सोचता की चलना मेरे लिए नहीं है या मैं इसमे अच्छा नहीं हूं (The Subtle Art of not Giving a F*ck)।
एक समय आने पर, हममें से कइ लोग ऐसे point पे पाहुच जाते हैं जहां हम fail होने से डरते हैं। हम उन चीजों में ही सफल हो सकते हैं जिनमे हम fail होने के लिए तैयार हैं। अगर हम fail होने के लिए तैयार नहीं हैं तो इसका मतलब है कि हम सफल होने के लिए भी तैयार नहीं हैं (The Subtle Art of not Giving a F*ck)।
बहुत सारे लोग जब किसी तरह का गुस्सा या दुःख महसूस करते हैं तो वो सब कुछ छोड के महसूस करते हैं और उसे और मजबूत करने में लग जाते हैं। उनका बस एक goal होता है कि feeling good वाली state में जल्दी से जल्दी पहुच जाये, चाहे उस state में बहुत ही बुरी values क्यूं ना हो (The Subtle Art of not Giving a F*ck)।

अगर किसी problem पे अटके हुए हो, तो बस बैठे के उसके बारे में सोचते मत रहो। उसपे काम करना शुरू कर दो। अगर तुम्हें नहीं पता कि क्या कर रहे हैं तो भी कुछ न कुछ करते रहने से तुम सही जवाब और समाधान तक पहुच ही जाओगे (The Subtle Art of not Giving a F*ck)।
बैठे मत रहो। कुछ करो। जवाब अपने आप मिल जाएंगे। कदम उठाना हमेशा हमारे control में होता है। हम अपनी खुद की प्रेरणा (inspiration) बन सकते हैं। गर हम सिर्फ कदम उठाने को ही सफलता का metrics बना ले तो failure हमें जिंदगी में आगे बढाता है (The Subtle Art of not Giving a F*ck)।
‘ना’ कहने का महत्व
अपनी जिंदगी में मतलब और महत्व हासिल करने का एक ही तरीका है – ज्यादा options को अस्वीकार करना, स्वतंत्रता को कम करना, और किसी एक विश्वास, एक जगह और एक इंसान के लिए committed होना (The Subtle Art of not Giving a F*ck)।
Rejection हमारी life को बेहतर बनाते हैं। लोग rejection से बचते हैं, लेकिन rejection से बचे रहना, लम्बे समय की खुशी नहीं देता (The Subtle Art of not Giving a F*ck)।
कोई भी हमारी समस्याएं को हमारे लिए हल नहीं कर सकता और उनको कोशिश भी नहीं करनी चाहिए। उनके ऐसा करने से उन्हें खुशी नहीं मिलेगी (The Subtle Art of not Giving a F*ck)।
लोग दुसरो को अपने actions और emotions के लिए दोष देते हैं क्योंकि ऐसा करने से उनको लगता है कि वो खुद को पीड़ित दिखा सकते है, और ऐसा लगातार करते रहने से उनको लगता है कि जो कोई तो आएगा जो उन्हें बचाएगा और उनको वोह प्यार मिलेगा जो वोह चाहते हैं (The Subtle Art of not Giving a F*ck)।
कुछ लोग जो दूसरों के actions और emotions का blame अपने ऊपर लेते हैं, उन्हे लगता है कि अगर वो अपने partner की problems को ठीक कर देंगे तो उनको प्यार और सराहना मिलेगी जो वे हमेशा से चाहते हैं (The Subtle Art of not Giving a F*ck)।
लोगो के लिए दुनिया का सबसे मुश्किल काम है अपने खुद की समस्याओं की जिम्मेदारी लेना। अपनी पूरी जिंदगी ये सोच के बितायी है कि दूसरे लोग उनकी किस्मत के लिए जिम्मेदार हैं। खुद की जिम्मेदारी लेना उनके लिए एक मुश्किल काम है (The Subtle Art of not Giving a F*ck)।
कुछ लोगो के लिए दुनिया का सबसे मुश्किल काम है दूसरों के समस्याएं की जिम्मेदारी लेना बंद करना। अपनी पूरी जिंदगी ये सोच के बितायी है कि उन्हे प्यार और प्रशंसा तब मिलेगा जब वे दूसरों को बचाएंगे। किसी बात को जाने देना उनके लिए बहुत मुश्किल काम है।
किसी के लिए कुछ करने को मजबूरी समझना या अपनी मर्जी से करने में अंतर होता है। खुद से ये सवाल पूछें – अगर मैं यह काम करने से मना कर दूं तो क्या रिश्ते में बदलाव आएगा? अगर मेरा partner ये करने से मना कर दे तो क्या रिश्ते में बदलाव आएगा?
अगर जवाब है वकी मना करने से बहुत बड़ा drama हो सकता है तो ये एक बुरे रिश्ते की sign हैं। इसका मतलब है कि relationship conditional basis पर है जिसका मतलब है कि एक दुसरे से कुछ benefits मिलने की condition पर relationship है ना कि एक दुसरे के बिना शर्त स्वीकृति के basis पर relationship है।
जिन लोगो के रिश्ते की मजबूत सीमाएं होती हैं वो समझते हैं कि एक दुसरे को अपने अनुसार 100 प्रतिशत बदलना, और एक दुसरे की सारी जरूरतों को पूरा करना सही नहीं है।
बिना संघर्ष के विश्वास नहीं बनाया जा सकता। Conflict हमें सिखता है कि कौन हमारे साथ बिना शर्त के है और कौन सिर्फ benefits के लिए। एक healthy relationship के लिए लोग तैयार होने चाहिए, ना सुनने के लिए भी और ना कहने के लिए भी।
Commitment हमें freedom देता है क्योंकि ये हमारा attention और focus वहां कर देता है जो हमें health और खुशी देते हैं। Commitment हमे हमारे goals पर focus करना सिखाता है, जिसमे हम बड़ी से बड़ी सफलता को भी हासिल कर सकते हैं।
और फिर तुम मर जाते हो
हमें मरने से डर लगता है और इसलिए हम इसके बारे में सोचना भी टाला करते हैं, बोलना भी टालते हैं, यहां तक की जब हमारे किसी आस पास के लोगो के साथ ऐसा हो रहा होता है तो हम उसे थोड़े दिन बाद भूल जाते हैं। .
हमें पता है कि हमारी physical body एक दिन मर जाएगी और मौत को टाला नहीं जा सकता और ये हमारा सबसे बड़ा डर है। इस डर से बचने के लिए हम एक ऐसी स्थिति बनाते हैं जो हमेशा रहेगी। इसलिए लोग इस कोशिस में लगे रहते हैं कि उनका नाम दीवारो पे, statues पे और किताबें पे लिखा जाए। क्योकि हमारे लिए जिंदगी का मतलब है, कभी ना मरना (The Subtle Art of not Giving a F*ck)।
Greek और Roman इतिहास में, लोगो को बोला जाता था कि वो मौत को हमेशा अपने दिमाग में रखे ताकि life को ज्यादा से ज्यादा सराहना कर सके। बौद्ध धर्म की बहुत forms में, meditation हमें यही सिखाती है कि कैसे खुद को जिंदा रहते हुए, मौत के लिए तैयार रहना (The Subtle Art of not Giving a F*ck)।

Marc का कहना है कि हम सबको मौत को स्वीकार करना आना चाहिए और अपनी खुद की मौत की सोच को बहुत हल्का बनाना चाहिए। ऐसा तब किया जा सकता है जब हम अपनी खुद की समस्याओं को स्वीकार करें, अपने डर का सामना करें, अपने असफलताओं को स्वीकार करें और rejections को अपना लें (The Subtle Art of not Giving a F*ck)।
तो ये थी वो किताब जिसको मैंने अपनी life में पूरी तरह से लागू करने की कोशिश की है और अब तक इसके परिणाम से बहुत बहुत खुश हूं।
सभी Podcast platform पर भी हमारी summary, Kitabein नाम से उपलब्ध है, जिसे हाल ही में भारत का best educational podcast का award भी मिला है। Link ठीक निचे दिया हुआ है:
Contents












Day 16 : The subtle art of not giving a f*ck
The desire for a more positive experience is itself a negative experience, and acceptance of a negative experience is a positive experience .
Searching for happiness all the time we can’t be happy, so we should accept every situation with stability.
Thank you!
Key learning
1) Hume bure samay me musibat se jyada un chijo pe sochna hai jo jindgi me jyada jaruri hai.
2) Problems kbhi nhi jati balki samay ke sath vo behatar hotirahti hai.
3) Hum un chijo me he safal hote hai jinme hum fail hone ke liye tayar hai.
Thank you so much ?
This book gave a bag full of knowledge on life
the practice of meditation is often taught as a means of preparing for death while staying alive.
Taking responsibility for our problems is thus the first step to solving them
Don’t hope for a life without problems. There is no such thing. Instead, hope for a life full of good problems.
We must reserve our f*cks for what truly matters: friends, family, and purpose.
You will never be happy if you continue to search for what happiness consists of. You will never live if you are looking for the meaning of life.
Not giving a f*ck does not mean being indifferent; it means being comfortable with being different.
I’ll apply all of them and make my life much better.
Thank you readers book club
My takeaway from The Subtle of Not Giving A Fuck book –
1)Happiness is a form of action and activity.
2)We all love to take responsibility for success and happiness but taking responsibility for our problems is a real-life improvement.