क्या आप भी उन लोगों में से एक है, जो काम को बीच में ही छोड़ देते हैं। क्या आप अपने अंतिम लक्ष्य से भटकते रहते हैं। क्या आपका motivation level बार-बार बदलता है और इसके कारण आप अपने लक्ष्य को हासिल नहीं कर पाते। अगर इन सभी सवालों के जवाब हां हैं, तो ये summary आपके बहुत काम आने वाली है।
आज हम बात करने वाले एक बहुत ही कमाल और प्रेरक किताब के बारे में जिसका नाम है Grit जिसे Angela Duckworth ने लिखा है। धैर्य का मतलब है लगातार किसी काम को करते रहने की हिम्मत। जितने भी achievers होते हैं, उनमें बहुत अधिक Grit होता है। वे कभी भी संतुष्ट नहीं होते और लगातार अपने काम को perfect करते रहते हैं।
वे जिंदगी में हर हाल में अपने लक्ष्य को हासिल करना चाहते हैं और इसके कारण, उनमें दर्द, पीड़ा, असफलता और हताशा को जीत की अविश्वसनीय शक्तियाँ और ताकत होती है। ये passion और डटे रहने का एक combination है। लेखक, इस बात पर चर्चा करती है, कि कैसे कोशिश को अक्सर ignore किया जाता है, और “talent” की तुलना में कम आंका जाता है, जबकी असल में, जिंदगी में जो महत्वपूर्ण है वो है कोशिश करना।
Angela Duckworth ने अपना career एक management consultant से शुरू किया, लेकिन कुछ सालों के बाद, उन्होंने New York शहर में, maths teacher बनने के लिए अपनी job छोड़ दी। युवा छात्रों को कई सालों तक पढ़ने के बाद, उनकी इस बात में दिलचस्पी बढ़ गई, कि किस तरह कोशिश का, सफलता की राह में एक अहम रोल होता है।
अपनी इस खोज को follow करते हुए, उन्होंने psychology में PhD की पढ़ाई की। Duckworth फिल्हाल एक university में professor है, एक TED speaker है और character lab के founder और CEO भी हैं, जो कि एक non profit organization है, जो character development की science को लेकर committed है।
अब समय है इस बुक के 7 सबसे महत्वपूर्ण पाठों को detail में समझने का। तो चलिये फिर शुरू करते हैं:
Grit क्या है

लेखक Grit के concept को, डटे रहने के terms में explains करती है, वो मानती है कि सिर्फ आपका डटे रहना ही, आपको बड़ी achievement की ओर ले जाएगा। कोई इंसान जो higher achiever है, वो नहीं जानते कि वो अपने goal तक पहुंचेंगे या नहीं, वो बस ज्यादा कोशिश करते रहते हैं।
वो लोग आत्म-संतुष्टि के विपरीत होते हैं, हमेशा असंतुष्ट। लेकिन एक अजीब तरह से, संतुष्ट होना और लगतार ज्यादा को chase करना ही, उनके लिए संतोषजनक भी होता है। कोई जिसके पास सच्ची Grit है, वो दर्द और frustration से भी आगे बढ़ जाते हैं, उनके लिए हार मान लेने का, कोई option नहीं होता।
जुनून और दृढ़ता का एक संयोजन उच्च उपलब्धि हासिल करने वालों को विशेष बनाता है। High achievers में Grit होती है।
Society talent पर बहुत जोर देती है, जो कि एक natural ability है। Talent को हमेशा एक हीरो की तरह देखा जाता है, और ये कि talent से ही अच्छे रिजल्ट आते हैं। प्रयास का क्या फिर? जब बात result की आती है, क्या प्रयास भी उतने ही महत्वपूर्ण नहीं है?
अगर आप कोशिश ही नहीं करेंगे, तो आप कहीं पहुंचेंगे ही नहीं। ऐसा लगता है जब कोई भी कुछ ऐसा हासिल कर लेता है, जिसके बारे में लिखा जा सके, हम निष्कर्ष पर पहुंचने की जल्दी करते हैं, कि वो व्यक्ति “असाधारण” प्रतिभावान है। अगर हम talent पर ज्यादा ध्यान देते हैं, हम बाकी सब चीजों को कम करके आंकते हैं।
हम talent पर जोर देते हैं, उनके कई कारणों में से एक ये है, कि हम ये मानना चाहते हैं, कि high achievers physically कुछ ऐसा कर रहे हैं, जो हम नहीं कर सकते। की एक olympic तैराक, एक प्राकृतिक प्रतिभा के साथ पाया जाता है, जिसे कोई कभी match ही नहीं कर सकता, ये साफ तौर पर उन अंगिनत training session को ignore करना है, जो एक olympic तैराक कई सालों तक, हर रोज पूल में करता है।
हम prefer करते हैं, कि हम खुद मामुली महसूस न करें और high achievers को एक रहस्य के साथ जोड़ दें। ये विचार कि लोगों के पास कुछ जादुई कौशल है, ये इस विचार से ज्यादा आकर्षक लगता है, कि हम खुद औसत है और प्रयास नहीं डाल रहे हैं। इस मैजिकल skill के होने का मतलब ये समझ लिया जाता है, कि हम उनकी league में नहीं खेल सकते, इससे उनकी तुलना का कोई कारण नहीं बनता।
लेखक talent का formula समझाती है: talent वो है, कि कितना जल्दी आपकी skill develop होती है, जब आप अपना समय और effort लगाते हैं। और achievement आपके उन develop किए गए skill का नतीजा है, जिन्हें आपने सही काम के लिए इस्तेमाल किया है।
हमें अवसरों को भी एक योगदान कारक के रूप में अनदेखा नहीं करना चाहिए, उदाहरण के लिए, एक समर्पित coach या शिक्षक होना, और अभ्यास करने का अवसर मिलना भी, आपके लिए फ़ायदेमंद ही होगा। और कुछ मामलों में, ये अवसर किसी भी चीज से ज्यादा महत्वपूर्ण होती है।
लेखक व्याख्या करता है, कि उनके सूत्र और सिद्धांत में, बाहरी कारक शामिल नहीं है, जैसे की किस्मत। वो सिर्फ achievement की psychology पर focus कर रही है, और चाहे ये आपको पूरी picture ना दे पाए, ये जरूरी है कि इस पर भी ध्यान दिया जाए। Talent, कितना जल्दी हम skills को improve करते हैं, ये बिल्कुल matter करता है। लेकिन कोशिश का factor है की calculation में 2 बार count होता है, ना की एक बार। Effort से skill build होती है। उसी वक्त, प्रयास कौशल को उत्पादक भी बनाता है।
प्रतिभा या प्रयास की सिद्धांतों को समझने के लिए, व्यायाम और fitness एक उपयोगी उदाहरण है। लोग exercise के उपकरण खरीद लेते हैं, जैसे trademill, weights या नए running shoes। ये ख़रीद बहुत अच्छे इरादे से की गई होती है, लेकिन research ये बताती है, कि 40% लोग जितना उन्हें पहले सोचा था, उससे अपनी ख़रीद का बहुत कम इस्तेमाल कर पाते हैं।
Fitness निर्भर करती है कि हम कितना ज्यादा workout करते हैं, लेकिन कई बार ये एक मुद्दा नहीं रहता है, तकलीफ ये है, कि हम workout बिल्कुल छोड़ देते हैं। जैसा कि कोई भी coach या athlete आपको बताएगा, लम्बे समय तक किए गए लगातार प्रयास सब कुछ है। कितने बार लोग शुरू करते हैं और वो पूरी तरह से हार मान लेते हैं।
कितनी ही treadmill basement में पड़ी धूल खा रही है। छोड़ना आसान है, और ज़्यादा लोग process की शुरुआत में ही छोड़ देते है। एक इंसान जो सच में gritty है, वो एक दिन में अपना सारा प्रयास लगा देगा, लेकिन ये महत्वपूर्ण हिस्सा नहीं है, gritty होने में महत्वपूर्ण घटक ये है, कि हर रोज सुबह उठना और लगतार अपना अधिकतम प्रयास देते रहना, बिना किसी बहाने के।
एक इंसान जो दुगुना talented है, लेकिन hardwork आधा ही करता है, वो दूसरे इंसान की तुलना में, वही skill के level पर पहुंच तो सकता है, लेकिन समय के साथ वो बहुत कम productive हो जाएगा।
जो कोई मेहनत करता है, वो लगातार skill improve करता रहेगा, और इसके साथ ही अपने skills का इस्तेमाल भी करेगा, इसे रोज practice करेगा। अगर एक मेहनत करने वाला, एक natural skill वाले से ज्यादा मेहनत करता है, वो आखिरकार अपने क्षेत्र में, ऊंचे standard पर पहुंच जाएगा। और ऐसा उनके प्रयास के कारण है, वो कभी नहीं रुकते।
प्रतिभा vs कौशल
Talent का मतलब skill नहीं है, हालांकि कई लोग मानते हैं, कि ये दोनों वही हैं। Talent एक natural ability है जबकी skill आती है कई घंटे practice करने और किसी skill को develop करने से। skill पर लगा गया समय, talent पर लगाए गए समय से, बहुत ज्यादा काम साबित होता है।
हालांकि, ये एहसास होना जरूरी है, skill का मतलब achievement नहीं है। बिना प्रयास के, skill का कोई मतलब नहीं रह जाता, ये कुछ ऐसा हो जाता है, जिसे आप करते ही नहीं है, आप में potential हो। Effort के साथ, talent skill बन जाता है, और इसी के साथ effort skill को productive बनाते हैं।
लक्ष्य

Goal के अंदर, एक hierarchy है। अगर आप अपने goal hierarchy के बिल्कुल नीचले level पर देखते हैं, आप देखेंगे अपनी to-do की short term list, चीजें जो आप एक दिन में achieve करना चाहते हैं, अक्सर छोटे task। आपके लक्ष्य hierarchy का निचला स्तर आपको बड़े लक्ष्य की तरफ ले जाने का काम करता है।
जितना आप अपने goal hierarchy में ऊपर जाते हैं, उतने ही goal अपने आप पूरे होते जाते हैं। जब भी आप अपनी hierarchy को visualise कर रहे हैं, तो अपने high-end goals को एक compass की तरह इस्तेमाल करें, ये आपके lower goals को, अपने destination पर ले जाने में मदद करेगा।
धैर्य का एक घटक ये है, कि एक लम्बा समय के लिए, एक शीर्ष स्तर का लक्ष्य होना। ये लक्ष्य आपकी लाइफ के लिए इतना critical हो जाता है, कि ये वो सभी चीजें control करता है, जो आप अपने जीवन में करते हैं। एक Gritty इंसान वो है, जिसका एक top level goal हो, और उसके अलावा के सभी goal हमें बड़े goal से जुड़े हों।
वो सभी इस तरह से design हो, कि आपको final destination तक पहुंचा सके। बिना धैर्य वाले इंसान के पास, बहुत से goal होते हैं, जिनके आपस में कोई clear connection भी नहीं होता। इसीलिए अपने top level goal decided करें, और उन्हें बहुत से छोटे level के goal में बात करें। जैसे-जैसे आप छोटे level के goal हासिल करेंगे, आप top level goal के पास पहुंचेंगे।
क्या आप Grit के साथ पैदा हुए हैं?
एक सवाल जिस पर आप सभी को शायद हैरानी होती होगी, कि क्या हम सभी Grit के साथ पैदा होते हैं? क्या ये हमारा हिस्सा होता है, या कुछ ऐसा जिससे हम सीख सकते हैं?
इसका कोई स्पष्ट जवाब नहीं है, और अगर आपको एक quick जवाब देना है, तो आप कह सकते हैं, कि आप कुछ हद तक इसके साथ पैदा होते है। अगर थोड़ी ज्यादा गहराई में जाए, कुछ धैर्य genetics से संबंधित होते हैं और बाकी अनुभव का परिणाम होती है।
एक Gritty इंसान के 4 प्रमुख गुण होते हैं:
- एक Gritty इंसान का एक interest और passion होना चाहिए। वो उसे enjoy करने चाहिए, जो वो करते हैं और वो हर रोज अपना समय, अपने interest को dedicate करने के लिए, अपने passion से committed होने चाहिए। एक Gritty इंसान ये भी समझेगा, कि interest overnight नहीं बनेगा, कभी-कभी आपको सब्र रखना होता है और अपने interest के develop और mature हो जाने तक, इंतजार करना होता है।
- दूसरी विशेषता है अभ्यास करने की क्षमता। जिसमें Grit है, वो खुद को रोज practice करने के लिए dedicate करेगा, और हमेशा पहले से बेहतर होने की कोशिश करेगा।
- एक मकसद का होना, जुनून के पीछे driver का काम करता है। एक Grit वाला इंसान अपना उद्देश्य समझता है और ये, कि वो जो कुछ भी करते हैं, वो क्यों करते हैं।
- आख़िर में, उम्मीद। एक Gritty इंसान के पास उम्मीद होनी चाहिए, ये दृढ़ता का एक महत्वपूर्ण तत्व है। दृढ़ता का एक रूप ये है, कि कल से बेहतर आज करने का दैनिक अनुशासन बनाए रखना।
Grit को कैसे शामिल करें
जीवन में सफल होने के लिए, एक बच्चे को प्यार, limit और latitude की जरूरत होती है। एक बच्चा जिसको लगातार support मिलता, उसकी सभी इज्जत करते हैं और उसे high standard पर रखा जाता है, उसे अपने full potential पर पहुंचने की क्षमता दी जाती है।
जो माता-पिता ये जानते हैं, वो authoritative parenting या wise parenting को कर रहे हैं। बजाए माता-पिता होने की शक्ति पर भरोसा करने के, जब बात पालन-पोषण की आती है, तो वो खुद की ज्ञान का इस्तेमाल करते हैं, इस उम्मीद के साथ, कि उनका बच्चा उनका अनुकरण करेगा और सफल होता जाएगा।

बच्चे, ख़ासकर छोटे बच्चे, अपने माता-पिता को लगभग आँख बंद करके follow कर रहे हैं। हम एक छोटी उम्र से ही सीख जाते हैं, जो हमारे माता-पिता करते हैं, किस तरह वो बात करते हैं और act करते हैं। हमारे पास कुछ नहीं होता, जिसकी तरफ हम देख सकें, तो हम उन्हें ही copy करने लग जाते हैं। Copy करना और अनुकरण करने में बहुत ज्यादा फर्क है।
जितना हम बड़े होते जाते हैं, उतना हम अपने माता-पिता के और दूसरे लोगों के action और व्यवहार को judge करने में सक्षम होते जाते हैं। इसलिए अगर हम action लेना तय करते हैं और एक निश्चित व्यवहार या action copy करते हैं, तो ये एक बेहतर समझ के साथ होता है, बजाए blindly follow करने के।
धैर्य को अध्ययन करते वक्त, लेखक बहुत सारे gritty लोगों से मिली, जो अपनी सफलता को अपने माता-पिता को समर्पित करते हैं, वो उन्हें एक role model की तरह देखते हैं और उन्हें गहराई से प्रशंसा करते हैं। और ज्यादा मामले में, उनके जुनून और रुचियां, उनके माता-पिता के साथ align होते हैं। Gritty लोग सीधा अपने माता-पिता को copy नहीं करने लग जाते, बजाए इसके वो उनके काम का और उनका, अनुकरण करते हैं।
चाहे आपके parents supportive हो सकते हैं authorative और बुद्धिमान हो सकते हैं, लेकिन वो खुद भी हो सकता है कि Gritty ना हो। बिना long term goal, जुनून और मजबूत दृढ़ता को व्यक्त और लागू करें, माता-पिता बच्चों में धैर्य नहीं भर रहे हैं। एक अभिभावक के रूप में, अगर आप बच्चों को Gritty बनाना चाहते हैं, तो पहले आपको अपना जुनून, लक्ष्य और डटे रहने की क्षमता को पहचानना होगा।
क्या आप अपने लक्ष्य से चिपके रहते हैं और चाहे जो हो, उनसे लगे रहते हैं? क्या ये standard आप अपने बच्चों के लिए set कर रहे हैं? या आपके पास loose goal भरे पड़े हैं, जिसे आप अक्सर पूरी तरह से follow करना छोड़ देते हैं। एक Gritty बच्चे को बड़ा करते वक्त, आपको खुद को Gritty होना पड़ेगा। आप किसी को वो नहीं सीखा सकते, जो आप खुद नहीं करते हैं।
Grit और school
कुछ बच्चों के लिए, school मुश्किल और uninteresting भी हो सकता है। बच्चों को अपने दोस्तों के साथ lunch time में खेलना दिलचस्प लग सकता है, लेकिन ये मुश्किल नहीं होता। Research साफ तौर पर उन बच्चों की पहचान कर लेती है, जो अपनी regular school activities के अलावा, दूसरी activities में भी शामिल रहते हैं और overall बेहतर करते हैं।
ये उनके school के अंक, उनके आत्मविश्वास, प्रतिबद्धता और उनकी क्षमताओं को भी फायदा पंहुचा सकती है। बच्चे अपने sports और activities के बीच अदल-बदल कर सकते हैं। लेकिन एक art को master करने के लिए, उस art के लिए कई सालों की dedication लगती है, कई घंटो की practice लगती है, और इसी पर result फायदेमंद होते है।
अगर आप ऐसे माता-पिता हैं, जो बच्चों को Gritty बनाना चाहते हैं, तो author hard things rule को implement करना recommend करती है। ये किसी specific समय के लिए, अपना 100% commitment देने और अपना सब कुछ देने के बारे में है। परिवार के हर सदस्य, माता-पिता सहित, हर एक के पास करने के लिए एक मुश्किल चीज़ होनी चाहिए।
हार मान लेना एक option होता है। जब बात मुश्किल चीज़ को select करने की आती है, तो ये महत्वपूर्ण है, कि बच्चा अपनी ये चीज़ खुद select करें। छोटे बच्चों के लिए, एक season या एक साल, एक जरूरी commitment length हो सकती है, लेकिन जैसे बच्चा high school में पंहुचता है, तो ये कम से कम 2- year rule होना चाहिए। खुद ही से, आप अंदर से अपनी Grit को cultivate कर सकते हैं। आप interest cultivate कर सकते हैं, दैनिक अभ्यास की आदत विकसित कर सकते हैं और एक purpose पर काम कर सकते हैं।
धैर्य और संस्कृति

जिस संस्कृति में हम रहते हैं, और जिसके साथ हम खुद को जोड़ते हैं, वो हमारे होने के सभी पहलुओं को, powerful shape देता है। संस्कृति को ऐसे लोगों के समूह से परिभाषित किया जाता है, जो समान मूल्य और मानदंड साझा करते हैं। और इस परिभाषा पर आधारित, ये साफ हो जाता है, कि अगर ज्यादा से ज्यादा Gritty होना चाहते है, तो आपको एक Gritty culture तलाशने की जरूरत है। खुद को ऐसे लोगों से घेरे रखना, जो खुद Gritty है, आपको लंबे समय में फायदा ही देगा।
एक सही culture या group का हिस्सा होना, आपकी खुद की personal growth के लिए, बहुत ज्यादा जरूरी है, लोग जो आपके आस पास होते हैं, उनका आपके as a person होने पर, आपकी पहचान बनाने पर, बड़ा प्रभाव हो सकता है। Group का culture आपका खुद का culture हो जाता है और आप उसके एक अभिन्न अंग हो जाते है। Gritty होने का मतलब है 7 बार गिरना है, और आठवीं बार फिर से उठ खड़े होना है।
महत्वपूर्ण परिणाम (key takeaways)
धैर्य एक संयोजन है जुनून और दृढ़ता का।
Talent पर कई बार बहुत जोर दिया जाता है, लेकिन अगर ज्यादा नहीं भी है तो, प्रयास भी उतना ही जरूरी तो है ही।
Talent का मतलब है, कि कितना जल्दी आपकी skill develop होती है, जब आप समय और effort डालते हैं।
जब आप अपनी develop की गई skills को अच्छे इस्तेमाल में लाते हैं, तब achievements उसी का result होता है।
हार मान लेना आसान है। एक इंसान जो सच में Gritty है, वो एक दिन में अपना पूरा प्रयास डालेगा, लेकिन ये महत्वपूर्ण हिस्सा नहीं है, Gritty होने में महत्वपूर्ण घटक है, हर रोज उठकर बिना किसी बहाने के अपना अधिकतम effort डालना।
एक मेहनत करने वाला लगातार अपने skills improve करेगा और एक के बाद एक उन skills का इस्तेमाल करेगा, और इसे रोज practice करेगा।
Talent और skill बराबर नहीं होते। Talent एक natural ability होती है, जबकि skills किसी चीज पर घंटो की practice और skill को develop करने से आती है।
Skill पर लगा हुआ समय, talent पर लगाये हुए समय की तुलना में, बहुत भारी होता है।
एक Gritty इंसान के 4 लक्षण ये होते हैं, जुनून, अभ्यास, करने की क्षमता, उद्देश्य और आशा।
धैर्य होने का एक घटक है, बहुत लम्बे समय तक, एक top level goal का होना। ये लक्ष्य आपके जीवन के लिए बहुत जरूरी है, और ये जीवन की दूसरी चीजें भी control करने लग जाता है।
Gritty माता-पिता, Gritty बच्चों को raise करते हैं।
सभी Podcast platform पर भी हमारी summary, Kitabein नाम से उपलब्ध है, जिसे हाल ही में भारत का best educational podcast का award भी मिला है। Link ठीक निचे दिया हुआ है:
Contents












Day 27 completed
1 Effort is important
2 Do not give up
3 You must have interested and passionate with your work
4 Have purpose
5 Committing 100%
?????
Day 27
Grit means the courage to keep doing something continuously
action makes skill productive.
It’s about committing 100% to something for a specific period and giving it your all.
Thank you .
Thank you, Amit!
Great collection of books day by day.
I am the same person as the starter but not the finisher.
Now I commit to myself that I would be a finisher.
Keep Hope ,Do Work, Do practice And learn More.
“Don’t need to be Perfect but enjoy the process of learning to be perfect”
Thank You Sir.
Grit book hame talent or skills ke bich ke fark ko bohot aasan tarike se samjati h, lekhika ka kahna h ki ek talent wala insan bhi ek skill par mehnat krne wale Insan se piche rah jata h, lekhika apne aap me kisi chiz ko leke grit peda krne ko kahti h, es pane ke tarike ke bare me bat krti h.. lagatar mehnat krna hi success ki key h… ?