Superhuman by Habit

Superhuman by Habit (हिन्दी)

Superhuman by Habit जो Tynan द्वारा लिखी गई किताब है। यह किताब आपको सिखाती है कि कैसे आप जीवन में नई आदतों का स्वागत कर सकते हैं और उन्हें अपना बना सकते हैं। एक नई आदत को एक पुरानी आदत में बदलने में समय लगता है और यह patience की परीक्षा लेता है। लेकिन एक बार ऐसा होने के बाद, वही नई आदत बहुत ही natural और automatic बन जाती है।

क्या आप अपना सर्वश्रेष्ठ version बनना चाहते हैं? या, क्या आप उन आदतों से संघर्ष कर रहे हैं जो आप चाहते हैं जिनसे आपके पास एक अद्भुत जीवन हो? या, जहां तक आदतों का संबंध है, आप superman जैसे गुणों को चाहते थे? आपकी खोज यहीं और अभी समाप्त होती है।

आज हम एक ऐसे किताब के बारे में बात करने वाले हैं, जिससे हम जानेंगे, की कैसे अपनी छोटी छोटी आदतों पर ध्यान देकर, हम आसनी से अपना best version बन सकते हैं। इस किताब का नाम है, “Superhuman by Habit: A guide to becoming the best version of yourself, one tiny habit at a time”, जिसे Tynan ने लिखा है। अगर आप इस किताब में बताई गई बातों को सिर्फ 21 दिन भी follow कर पाएंगे, तो आप life में बहुत आगे जा सकते हैं।

लेखक के बारे में कुछ शब्द

Tynan एक जाने-माने blogger है, और Time Magazine के top 25 bloggers में से एक है। वो एक blogging platform SETT के co-founder भी है, जो उनके blogs को host करता है। इन्होने अपना बहुत सारा समय, दुनिया को travel करने में लगाया है, वो भी सिर्फ एक backpack के साथ। और अपने असली घर में वो 2006 के बाद से नहीं रहे, उनका अपना ज्यादातार समय छोटे camp में गुजारा है।

लेखक हमें habit building करने के प्रक्रिया को समझाते हैं, और ये बताते हैं, किस किस आदत को चुनकर काम किया जाए, कैसे maintain करें, regulate करें, इनका आकलन करें और पूरी journey के दौरा जिम्मेदार बने रहें। इसमें एक उपयोगी खंड है, जहां पर वो लोकप्रिय आदतें को तोड़ते हैं। वो इसके फायदे और नुक्सान को analyze करते हैं, ऐसी feelings जिन्हें आप खास आदतों को build करते समय, इस प्रक्रिया से गुज़रते हुए महसूस करेंगे।

इस किताब को 4 अलग अलग भागों में बाटा गया है, जिसके हर हिस्से में बहुत महत्वपूर्ण बात detail में बताई गई है। तो चलो फिर इसको detail में समझना शुरू करते हैं। और याद रखिए, अगर ये summary आपको पसंद आए, तो सभी जरूरतमंद लोगो के साथ इस summary को share करना ना भूले, क्या पता उनकी जिंदगी इस summary को देखने के बाद बदल जाए।

भाग 1 – आदते बनाना

Superhuman by Habit

एक आदत ऐसा काम है, जो आप थोड़े या बिना किसी प्रयास या विचार के, repeated basis पर करते है। इसकी शक्ति छिपी है परिभाषा के दूसरे भाग में, बिना प्रयास या विचार की जरूरत वाले हिससे। बिना प्रयास के कार्य लेना, आपके जीवन के क्षेत्र जैसे स्वास्थ्य या उत्पादकता में सुधार करने की शक्ति देता है, वो भी बिना ज्यादा इच्छाशक्ति को खर्च किए।

ये तब होता है, जब आप ‘energy के fixed amount को खर्च करते हैं, हालाकि इच्छाशक्ति को build किया जा सकता है, लेकिन इसकी भी कुछ limit है और ये endless नहीं है। कोई ऐसा इंसान जो शुरू में उसकी सारी इच्छाशक्ति इन आदतों के शुरू में build करने में लगा दे, जब एक बार आदते बहुत कम willpower से भी होने लगती है, वो इंसान बाद में इनाम का हकदार होता है।

इच्छाशक्ति

आपको अपनी इच्छाशक्ति को खर्च करने की बजाय, निवेश करना चाहिए। समय के साथ, एक आदत जिसके लिए एक महत्वपूर्ण इच्छाशक्ति लगती है, वो transform हो जाएगी, एक ऐसी आदत में जो automatic बन जाती है और उसमें ज्यादा सोचने की जरूरत नहीं पड़ती। बिना अच्छी आदतों के कुछ limit है, कि आप अपनी personal life और professional life में क्या achieve कर पाएंगे।

लेखक अपनी जिंदगी में अच्छा महसुस करने और जो आप चाहते हैं वो सब कुछ हासिल करने के लिए, अच्छी आदतों को बनाने के महत्व को जोर देते हैं। एक बार एक आदत अच्छे से build हो जाये, तो इसे आपकी personal “hard” category से personal “easy” category में transform किया जा सकता है। ये आपकी इच्छाशक्ति को release करेगा, ताकि आप मुश्किल चीजों पर काम कर पाएं। आदत को बनाने के लिए, 1 से 12 माहिने के बीच कुछ भी समय लग सकता है।

अलग अलग तरह की आदतें

जब habits के बारे में बात आती है, तो इस धारणा पर कूदना आसान है, की habits बूरी होती है, आप कुछ चीजों के बारे में सोचते हैं, जैसे smoking या junk food खाना। और कई लोग मान लेते हैं, कि बुरी आदतें छोड़ना बहुत मुश्किल होता है और उन्हें अपनाना सबसे आसन होता है, कैसे आप कुछ करना रोक सकते हैं, जो बहुत automatic है और कुछ ऐसा जिससे करना आप enjoy करते हैं।

सभी आदतें बुरी नहीं होती हैं, और यहां 4 categories होती है, जिसमे habits को रखा जा सकता है; अच्छी आदतें, बुरी आदतें, पुरानी आदतें और नई आदतें। अच्छी आदत को अपनाना, बुरी आदत से ज्यादा मुश्किल हो सकती है, लेकिन इस पर काम करना मुश्किल नहीं होना चाहिए।

हम सभी जानते हैं कि बुरी आदतें आमतौर पर नुकसानदेह होती है और हमारी सेहत या personal growth के लिए फायदेमंद नहीं होती। एक बुरी आदत को छोड़ने की कोशिश करने की बजाय, इसे किसी नई आदत से replace करने की कोशिश करें, कुछ ऐसी जो आपको improve करें, या आपकी productivity और काम को बढ़ाएं। पुरानी आदतें वो है, जो चीज़े आप लम्बे समय से करते आ रहे हैं, वो पूरी तरह से automatic होती है और उसमें कोई इच्छाशक्ति नहीं लगती, इसलिए आपके पास जितनी चाहें उतनी पुरानी आदतें हो सकती हैं।

हालाकि, जब भी आप एक नई आदत को अपना करना चाहते हैं, आप अपनी इच्छाशक्ति पर अच्छा खासा दबाव डाल रहे होते हैं। इस वजह से, आप एक समय में कुछ ही आदतो को अपनाने में लिमिट हो सकते हैं। आत्म-सुधार की अंतिम प्रक्रिया है ज्यादा से ज्यादा अच्छी आदतो को जोड़ना, उन पर मेहनत से काम करना, उन्हें पुरानी आदतो में बदलना और नई आदतो के लिए जगह बनाना।

आदत के long term impact

Superhuman by Habit Book

लेखक आदतों की long-term अहमियत पर ज़ोर देते हैं, सोचे की एक आदत आप पर, अब से कई सालों में या दशकों में क्या असर डालेगी। आदत का फायदा आपके लिए गए हर action का result नहीं होता है, जबकि ये long-term में आपकी life पर complete impact होता है।

जब आप एक long-term perspective को अपनाते है, ये बिल्कुल clear हो जाता है कि आदत अपनाने का यह सबसे खास पहलू होता है। अगर आप लगातार अपनी habit पूरी नहीं कर सकते हैं, तो कोई chance नहीं है कि आप इसे long-term में maintain रख पाएंगे। एक नई आदत अपनाना किसी वक्त रोमांचक लग सकता है। लेकिन, अगर इसे जारी रख पाना बहुत ज्यादा ही मुश्किल है और आप इसे करते हुए खुद को एक साल के लिए नहीं देख पा रहे हैं, तो शायद ये अपने के लिए एक अच्छी आदत नहीं है।

जब बात किसी नई आदत को अपनाने की शुरुआत दिनों की आती है, तो निरंतरता यहां पर बहुत जरुरी है। ये सब momentum बनाने के बारे में है। 2 दिन के लिए आदत को miss कर देना, आदत की आत्महत्या की तरह है। एक दिन के लिए आदत को miss कर देना आपके long-term success के chance को 5% से घटा देता है, जबकि 2 दिन लगातार इसे miss कर देना, इसे 40% तक घटा देता है। इसे 3 दिन miss कर देने से, आपको इसे फिर से शुरू करना पड़ेगा।

Habits को आपके routine का हिस्सा बनाने में समय लगता है, ये शुरूआती दिनों में बहुत जरूरी होता है, कि आप अपनी habits रोज पूरी करें। ये ज्यादा गंभीर नहीं हो सकता, कि आप एक आदत के automated होने के बाद एक भी दिन miss न करें, लेकिन शुरू के कुछ महिनो में, वो सब कुछ करें, जो सुनिश्चित करें कि आप एक दिन भी इसे miss न करें। जब भी आप किसी आदत का miss करने जा रहे होते हैं, खुद को consciously याद दिलाएं, कि आप इसे छोड़ रहे हैं, और अपने आप को बताए कि आप इसे क्यों skip कर रहे हैं। लेकिन कभी भी इसे दोबारा skip न करें।

सब कुछ आपके हिसाब से नहीं जाएगा

ये भी महत्वपूर्ण है कि आप स्वीकार करें कि चीज़े हमेशा plan के अनुसार नहीं जाती। कभी कभी, हम हमारी आदत को पूरा नहीं कर पाएंगे, ये पूरी तरह से आपके control से बहार हो सकता है। कुछ स्थितियो में, आप उसी तरह मुझे अपना routine पूरा नहीं कर पाएंगे। Fitness का एक उदाहरण लें, छुट्टी के दिन, अपने Fitness routine को ना रोके। हो सकता है आपको अपने gym में equipment का access ना हो, या उतना ज्यादा समय ना हो।

लेकिन घर के बाहर jog करना और अपने कमरे में push up और sit up के कुछ sets करना, कुछ भी ना करने से बेहतर ही है। इन परिस्थियों में, आपको सिर्फ इसे करने की जरूरत है – चाहे आप एक इसे बुरे तरीके से ही करते हैं। याद रखने की आदत की शक्ति व्यक्तिगत निष्पादन (execution) में नहीं है, लेकिन निरंतरता (consistency) में है। Skip करना कहीं ज्यादा बुरा है, तुलनात्मक रूप से इसे बुरे तरीके से करने से।

माफ करें और आगे बढ़ें

कोई भी perfect नहीं होता और आखिरी में आप भी एक दिन miss कर ही देंगे। सबसे जरूरी चीज ये है कि जब ये गलतियां होती हैं तो ये देखें कि आप कैसे react करते हैं। खुद को अपनी गलतियों पर कोसने और उन्हें आपको रोकने देने या त्याग देने दें, खुद को माफ करें और refocus करें। जिस तरह सफलता और प्रगति आपको प्रेरित कर सकती है, गलतियों को खुद को प्रेरित करने के लिए उपयोग करें। साथ ही, जो भी गलती आप करते हैं उस पर विचार करें और समझने की कोशिश करें, कि वो क्यों हुए।

गलतियां अक्सर वहां पर आपका ध्यान लाती है, जहां कुछ adjustment करने की जरूरत है। अगर कोई चीज ठीक से काम नहीं कर रही है, पता लगाएं कि क्यों और adjust करें। जिस तरह आपको गलती करने पर खुद को माफ करने की जरूरत है, आपको सफलता को celebrate करने की भी जरूरत है।

Success results में नहीं पाई जाती, बल्कि ये process और journey में भी पाई जाती है। जानबूझकर physical, और track करने योग्य परिणाम पर focus करके, आप सिर्फ अपनी life में ज्यादा stress add कर रहे हैं। और अगर आप महसूस करते हैं, कि आपको success जल्दी और अक्सर नहीं मिल रही है, तो संभावना है कि आप पूरी तरह से हार मान लेंगे। बजाय इसके, momentum को बनाने का बेहतर तारिका ये है, कि progress को celebrate किया जाए, अपनी commitment को और इस बात को celebrate किया जाए, कि आप रोज उठ रहे हैं और अपनी आदत पर काम कर रहे हैं।

भाग 2 – आदतों को चुनना

ईमानदारी

Superhuman by Habit Summary

जब बात एक आदत के साथ track पर बने रहने की आती है, तो ईमानदार रहना एक fundamental skill है। इसकी जरूरत तब भी होती है, जब आप अपनी आदत select कर रहे होते हैं। ये भी जरूरी है कि आप खुद के साथ open और ईमानदार रहें। कोई कामजोरी है तो उसे स्वीकार करें और उन पर ध्यान दें। कुछ विकल्प दिए गए हैं, जिसमे से हम कुछ को विचार कर सकते हैं – क्या आप अस्वस्थ है? क्या आप खुद को unmotivated और असंगठित (unorganized) मानते हैं?

अगर हां तो कुछ ऐसे इलाके हैं, जिस पर ध्यान देने की जरूरत है और नई और अच्छी आदतें पेश करने की जरूरत है। बावजुद इसके कि आपकी कम्जोरी को मान-ना कितना मुश्किल हो सकता है, best possible habits अपनाने के रास्ते में ये बहुत ही critical है। अगर आप पहले से ही किसी चीज में अच्छे हैं, तो हमें field में एक नई आदत बनाना आसन होता है। मुश्किल हिस्सा है, उस इलाके में एक नई आदत शुरु करना जिसमे आप अच्छे नहीं हैं। लेकिन, जितना यह मुश्किल होता है, यही पर सबसे महत्वपूर्ण और बेहतरीन बदलाव बाहर आते हैं।

उच्च प्राथमिकता (high priority )

पहली आदतें जो आपको करनी चाहिए, वो है ” high priority habits”, आपको इन habits की care करनी होगी और इन पर बने रहने के लिए passionate रहना होगा। अगर आप आदत प्रेरणा के लिए देख रहे हैं तो, अपने करीबी दोस्तों से पूछिए, कि वो क्या सोचते हैं, कि आपको किस पर काम करना चाहिए, अपने comfort zone के बाहर उन चीजों को देखें, जो आप आमतौर पर नहीं करते हैं और अपने social skills पर नज़र रखें, काम करने के लिहाज़ से ये बहुत फ़ायदेमंद हो सकता है।

जिम्मेदारी ले

बहुत सारे लोग खुद को उनके साथ हुए नकारात्मक घटनाएं और स्थिति से अलग कर लेते हैं। ये इसलिए कि वो मान लेते हैं, कि वो उनकी गलती नहीं थी। हलाकि ये रवैया अपनाकर, आप नकारात्मक अनुभव से कभी सिख नहीं पाएंगे। बजाय इसके, हमेशा ये माने की पूरी तरह से आप ही जिम्मेदार है। अपने भविष्य की जिम्मेदारी लें और ये आपको जरूरी बदलाव लाने के लिए प्रेरित करेगा।

आप कुछ भी कर सकते हैं, अगर आप इसकी आदत में break down कर लें और इस पर काम करना शुरू करें। ये नहीं कह सकते कि ये आसन है, लेकिन ये संभव है। जरुरी ये है कि आप इस चिज़ के साथ इमानदार रहें, कि क्या आपको सफलता हासिल करने से रोक रहा है, इसकी जिम्मेदरी लें और इन्हें सुधारने के लिए नई आदतें बनाएं।

नई आदतों को जोड़ना और पुरानी आदतों को हटाना

जब बात आदत बनाने की आती है तो 2 तरह के लोग होते हैं। हम में से कुछ लोग अपनी जिंदगी में नई चीजों को जोड़ने को आसान मानते हैं, और दूसरे, चीजों को घटाना पसंद करते हैं। देखें कि क्या आप अपनी diet से junk food को बाहर कर सकते हैं या एक gym routine लागू कर सकते हैं। ये बेशक एक बहुत अच्छी चीज है, कि दोनो क्षमताओ पर काम किया जाए, बढ़ाने वाली या घटाने वाली। हलाकि आदतें बनाने समय, अपनी ताकत की तरफ झुकने में कोई बुराइ नहीं है।

प्रेरणा

जब आप पहली बार नई आदत शुरू करते हैं, ये काफी आसन और सीधा लग सकता है। शुरूआती दिनों में होने वाली excitement का इसके साथ बहुत लेना देना है। जब बात शुरू करने की आती है, तो excitement के लिए बहुत अच्छी बात है, ये आखिरी में फीकी पड़ जाती है और आप खुद को आगे बढ़ाने में struggle करता हुआ पाते है। ये वो जगह है, जहां प्रेरणा आती है। आपको समझने की जरूरत है, कि क्यों आप नई आदत को अपनाना चाहते हैं, आपकी driving force क्या है। यही पर खुद के साथ ईमानदार बने रहना आपके सोच में आता है।

अगर आप एक healthy या fitness habit अपनाना चाहते हैं, आपका motivation इतना काफी होना चाहिए, कि जब आगे जाना मुश्किल हो, तो अपने आप को committed बनाए रखें। कुछ दिन होंगे जब आप बारिश में दौड़ना नहीं चाहेंगे, लेकिन अगर आप अपने motivation को समझते हैं, तब आप इस से गुजरने और मजबूत बने रहने में सक्षम होंगे। छोटे से शुरू करें, लगातार बने रहें, और एक प्रबंधनीय (manageable) गति पर इसे बढ़ाते रहें। इस तरह आप finish line पर पहुचने के अनुकूल बनते हैं, ना कि starting line के।

जवाबदेही

एक perfect world में, आप नई habits अपनाने में सक्षम होने चाहिए और खुद के लिए पूरी तरह से जवाबदेह होने चाहिए। इसे करने के लिए आपका खुद का motivation काफी होना चाहिए। लेकिन कुछ समय ऐसा नहीं होता। आप अपने दोस्त से कहें कि वो आपको जवाबदेह ठहराए। उनको बताएं कि आप क्या कर रहे हैं और क्यों कर रहे हैं। सुनिश्चित करें कि वो समझें कि कितना नियमित रूप से आपको अपनी आदतें पूरी करनी है और वो देख लें कि आप सही रास्ते पर बढ़ रहे हैं।

भाग 3 आदतें

Superhuman by Habit Hindi

6 अलग अलग तरह की आदतें होती हैं:

  1. सकारात्मक (positive) आदतें – जब आप खुद के और दूसरे के बारे में सकारात्मक सोचते हैं वो होता है।
  2. स्वास्थ्य संबंधी आदतें – अच्छा खाना, पर्याप्त नींद लेना, नियमित व्यायाम करना।
  3. विस्तार की आदतें- ज्यादा से ज्यादा अपने comfort zone से बहार निकलना, नए देशो में घुमना, नए food और culture का अनुभव लेना, नियमित लिखना और reflect करना।
  4. संगठनात्मक (organisational) आदतें – सुनिश्चित करना कि आपका माहोल clean है, गन्दगी और कबाड़ को बाहर करना, एक calendar और schedule रखना, अपना inbox और workload बनाए रखना।
  5. सामाजिक आदतें – समय पर होना और प्रतिबद्धता (commitment) पर रहना, उन लोगों को हटाना जिन्हे आप अब नहीं चाहते हैं और उनके संपर्क में रहना जो आपके लिए जरूरी है।
  6. उत्पादकता (productivity) की आदतें – छोडने से दोगुना करना सीखो (जब भी आप छोड़ना चाहते हैं, छोड़ने से पहले दोगुना ज़ोर push करने पर लगायें), टालमटोल बंद करें, plan करें।

Positive आदतों के बारे में अधिक जानने के लिए, आप हमारी इसी website पर “50 Positive Habits” किताब की summary पढ सकते है। उसकी link निचे दी गई है।

भाग 4 – शुरू करना

Superhuman by Habit English

शुरुआत में, आदतों को पालने की जरूरत होती है। ये कोई आसन काम नहीं है, कि नई आदत अपनाने का आपने फैसला किया और इस पर काम शुरू हो गए। आपको ये विचार करना होगा, कि किस तरह ये आपकी life में fit होने वाला है और क्या ये ऐसा है जिसे आप नियमित रूप से कर सकते हैं। ये exciting हो सकता है, लेकिन ये जबरदस्ती भी हो सकता है। जब बात एक नई आदत बनाने की आती है, तो logical और realistic बने रहना जरूरी है।

हलाकि, आदत बनाने की practice काफी आसान है। हम उन चीजों को पहचानते हैं जो हम रोज करते हैं और हम उन्हें ऐसे adjust करते हैं, कि हम उन्हें थोड़ा बेहतर बना सकते हैं। हम छोटे actions की power of compounding में भरोसा रखते हैं, और हम अपने व्यवहार को उन फायदों को लेने के हिसाब से adjust करते हैं।

निष्कर्ष

तो दोस्तों, ये थी Superhuman by Habit की summary। वापस से इसके मुख्य बिंदुओं को दोहरा लेते हैं:

  1. आदतें कुछ ऐसी है, जैसे हम सहज रूप से अपनाते हैं। एक आदत एक व्यवहार या गतिविधि है, जो आप अपना समय बचने और उत्पादकता बढ़ाने के लिए सहज रूप से करते हैं।
  2. जब ये सहज रूप से होती है, आप कोई काम या गतिविधि बिना ज्यादा सोचे लगभग एक स्वचालित (automatic) तरीके से कर सकते हैं।
  3. हलाकि इच्छाशक्ति (willpower) को बनाया जा सकता है, लेकिन इसकी सीमाएं होती हैं और ये अंतहीन नहीं होती है।
  4. समय के साथ, एक आदत एक action से transform होती है, जिसके लिए काफी energy की जरूरत पड़ती है, तब ये एक automatic चीज में transfer होती है जिसके लिए ज्यादा सोचने की जरूरत नहीं पड़ती।
  5. बिना अच्छी आदतों के, उन चीजों पर सीमाएं लग जाती हैं, जिन्हें आप अपनी निजी जिंदगी और पेशेवर (professional) जिंदगी में हासिल कर सकते हैं।
  6. पुरानी आदतें, ऐसी चीजें जो आपने काफी लंबी समय तक की है, वो बिलकुल automatic है और उनके लिए किसी इच्छाशक्ति की जरूरत नहीं होती। इसलिए आप जितनी चाहें उतनी पुरानी आदतें बना सकते हैं।
  7. जब भी आप एक नई आदत introduce करना चाहते हैं, आप अपनी इच्छाशक्ति पर एक अच्छा खासा दबाव डालते हैं। इस वजह से, आप एक समय में कुछ ही आदते introduce करवा पाते है।
  8. जहां संभव हो, अपनी आदत पूरी करने में एक भी दिन ना छोड़ें। ये शुरूआती stage में बहुत जरूरी होता है।
  9. आदत की ताकत किसी दिन के व्यक्तिगत निष्पादन (execution) में ना होकर, निरंतरता (consistency) और पुनरावृत्ति (repetition) में है।
  10. छुट जाने पर खुद को माफ़ करें और अपनी प्रगति को celebrate करें।
  11. अपनी कमज़ोरियों को लेकर ख़ुद के साथ साथ ईमानदार रहें, ये वो area है जिन पर आपको काम करने की ज़रूरत है।
  12. नई आदत अपने के लिए अपने प्रेरणा (motivation) को समझें।
  13. एक बुरी आदत को छोड़ने की कोशिश करने की बजाए, इसे किसी नई आदत से बदलने की कोशिश करें।

सभी Podcast platform पर भी हमारी summary, Kitabein नाम से उपलब्ध है, जिसे हाल ही में भारत का best educational podcast का award भी मिला है।

260 thoughts on “Superhuman by Habit (हिन्दी)”

  1. Sir 1st day complete ❤️

    Part – 1 Habit banana
    Ek new habits banane ke liye apko starting ke days me apni saari willpower lagake us aadat par kaam karna padta hai , phir jab woh aadat ban jaati hai toh woh humare daily routine me automatic woh aadat hone lagti hai phir Hume uske liya jayada sochna nhi padta.
    Aur aadatein long term par effect karti hai agar app habit banane ke bich ek din miss karte hai toh aapke success ke chance 5% ghat jate hai , agar 2 din miss toh 40% chance ghat jate hai, agar 3 din toh , apko phir se start karna hoga
    Sab kuch apke hisab se nhi jayega
    Koi bhi perfect insan nhi hai last me aapse bhi 1 din miss ho jayega, isliye jo din miss ho jaye uss din us chij ko thora hi karo kaise bhi agar aap roj 1 book padte hai Ghar par baith kar , aur kisi din bahar chale jate hai toh aap ghar par baith kar book nhi padh sakte isliye kuch na karne se behtar hai aap phone me books ki pdf hai ya summari sun lo agar time nhi milta hai toh 1 ya 2 , page ya 1,2 minutes Tak toh sun hi sakte ho

    Part – 2 aadaton ko chunna
    Isme hume apne aap se imandar Rehna hai apni galtiyon ko swikar karo aur aage badh jao na ki apne aap ko koso aur jab hum apne liye nayi aadat chunte hai toh shuruwat me bahot excited rehte hai phir last me ye phiki pad jaati hai isliye apko apne motivation pata hona chahiye apko apne dimag me apne liye imandar Rehna Hoga aur apko jawab dehi rehna Hoga hume apne dost ko jawab deh thehrana hoga, unko batao ki aap ye kya kar rhe ho aur kyo kar rhe ho isse woh dekh lenge ki hum sahi raste par badh rhe hai ya nhi phir woh hume bata sakte hai

    Part – 3 aadatein
    Aadatein 6 prakar ki hoti hai
    1. Positive
    2. health relative habits
    3. Vistar ki aadetein
    4. Organisational
    5. Samajik aadatein
    6. Productivity

    Part – 4 shuru karna
    Aadat bana aasan kaam nhi hai ki hume socha aur faisla kiya aur shuru ho gye , hume ye socha hoga ki ye kis tarah humari life me fit hote hai , ye exciting ho sakta hai aur jabar dasti bhi , agar hume nayi aadat banani hai toh , hume logically aur realistic Bane rehna jaruri hai.
    Waise aadat banae ki practice kaafi asana hai , hum chote actions ki power of compounding me bharosa rakhte ye , agar hum chote chote actions ke toh ye bahot bada results saabit ho sakta hai humare liye.

    Note for Readers book club : part – 4 shuru karna wale lesson me jo starting ki heading hai uski 1st line me likha hai – ye koi (आसन) ki jagah yaha आसान ayega ,

    2nd aur uske aage nishkarsh wala lesson jo hai usme 12 no. Par – nayi aadat (अपने) ke liye ki jagah waha , nayi aadat (अपनाने) ke liye ayega

    Mai apko bas itna batana chahta hu ki apke ek word ki galti se pure sentences ki meaning badal jaati hai

    And thank you so much for this summary in Hindi
    My 1st day reading challenge complete ❤️🥰😇😃

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