10X? 10X क्या है? 10X नियम क्या है? क्या यह 10X ग्रोथ या 10X सक्सेस या 10X हार्ड वर्क से संबंधित है? आपको अपने सभी उत्तर “ग्रांट कार्डोन” द्वारा लिखित इस पुस्तक “10X नियम” (10X Rule by Grant Cardone) में मिलेंगे, जो सफलता के जरुरी नियम के बारे में सिखाती है। इस पुस्तक में बताया गया 10X नियम में कहा गया है कि पहला – आज आप जो मानते हैं उससे दस गुना बड़ा लक्ष्य निर्धारित करें। दूसरा – आपको अपने लक्ष्य को पाने करने के लिए ज़रूरत से दस गुना ज्यादा मेहनत करनी होगी।
ज्यादातर लोग जो सबसे बड़ी गलती करते हैं, वह है अपना लक्ष्य सही ढंग से निर्धारित न करना और इसलिए वे इसे पाने के लिए कड़ी मेहनत नहीं करते; अंत में, उन्हें वह नहीं मिल सकता जो वे चाहते हैं। तो इस किताब में हम सीखेंगे कि कैसे अपनी सोच से बड़े सपने देखे और उन्हें जितना चाहिए उससे दस गुना ज्यादा मेहनत करके उन्हें हासिल किया जाए।
10X नियम क्या है ?
किसी सामान्य सी किताब की दुकान की अलमारी पर देखते हुए आपको वो किताबें ज्यादा पसंद आती हैं जो आपको सफल जीवन की तरफ ले जाने का वादा करती हैं। लेकिन इतने सारे विकल्पों में से, कभी कभी यह जानना मुश्किल हो सकता है कि अच्छी किताब कौन सी है। इससे पहले कि आप किसी दूसरे फार्मूले को अपनाएं, एक बार 10X फार्मूला के बारे में ज़रूर सोचें – यह सफलता पाने का अचूक तरीका है।
यह 10X नियम इस ज्ञान पर टिका है कि सफलता को पाने कि लिए आप जितना सोचते हैं, उससे बड़ा सोचने और ज्यादा कोशिश करने की ज़रुरत होती है। अगर आज भी आप जिंदगी में पीछे मुड़कर देखने से पाएंगे कि आपके कोशिशों ने हमेशा आपके जरिये की गयी कोशिशों से दस गुना ज्यादा कोशिश की मांग की है। चाहे वो किसी भी क्षेत्र में हों। ये तरीका बिज़नेस में भी काम करता है, बिज़नेस में भी सफलता तभी मिलती है जब आप अपने मुकाबला करने वालो (competitors) से 10 गुना ज्यादा कोशिश करते हैं।
इसलिए, अगर आप किसी सामान को बेचना चाहते हैं और सोचते हैं कि एक दिन में दस फ़ोन कॉल करने से आपको ऐसा करने में मदद मिलेगी, तो आपको हर रोज़ 100 फ़ोन कॉल करने का लक्ष्य बनाना चाहिए और 100 कॉल करने के लिए अपनी पूरी कोशिश करना चाहिए। इसी तरह आपकी जिंदगी के अलग अलग क्षेत्र में अपने मनचाहे लक्ष्यों को हासिल करने के लिए जितने प्रयास की जरूरत हो, उससे 10 गुना ज्यादा मेहनत करे, ऐसा करने से आप उसे आसानी से हासिल कर लेंगे।
10X जरूरी क्यों है ? सफलता की राह में आपको बहुत सारी चुनौतियों और मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए इन चुनौतियों से निपटने के लिए अपने लक्ष्य को हमेशा 10 गुना बड़ा रखें, जिससे यह सुनिश्चित हो जाए, कि अपने लक्ष्य को पाने के लिए आपको जितनी ज्यादा कोशिश करने की जरूरत है, आप उस से 10 गुना ज्यादा मेहनत करें।
और अगर कभी कभी आप अपने लक्ष्य को पाने में असफल भी हो जाए, तो इसका आरोप कभी भी बाहर की परिस्थति मतलब खराब बाजार, खराब अर्थव्यवस्था या किसी बाहरी चीज़ को ना दें। बल्कि यह सोचे कि आप इतनी कोशिश नहीं कर पाए, जितना कि आपको करने की जरूरत है और दस गुना ज्यादा मेहनत करें।
कामयाबी क्या है ?
इतिहास में हमने कई बार ये देखा है की सिर्फ अच्छा सामान बना लेना ही किसी कंपनी की कामयाबी की वजह नहीं होती। बल्कि असल में,सफलता एक सही नज़रिये, सोच और अनजान चुनौतियों का सामना करने से मिलती है। यही वजह है, कि 10X नियम किताब अनजान चुनौतियों का सामना करने के बारे में भी बताती है।
10X नियम जितना बताता है उतना ऊँचा लक्ष्य रखने से आप रास्ते में आने वाली किसी भी रुकावट से निपटने के लिए बहुत मेहनत करेंगे। कल्पना कीजिए कि जब ज्यादातर लोग सिर्फ 10 हजार सामान बेचना चाहेंगे तब आप अपने सामान लाइन में एक लाख सामान को बेचने का लक्ष्य रखते हैं।
इस विशाल लक्ष्य को रखने का मतलब है कि जब आपको बहुत सारा आर्डर मिलता हैं तो आप वहाँ सफलता प्राप्त करेंगे और ऐसे में आप अपना टारगेट पूरा करके तो कामयाब हो ही जायेंगे, लेकिन अगर कुछ काम भी हुआ तो भी दूसरो से तो ज्यादा ही कामयाब होंगे। इस तरह आप हर परिस्थति में कामयाब होने वाले हैं।
कामयाबी आपकी जिम्मेदारी है – अपने लिए, अपने परिवार के लिए, अपनी कंपनी और अपने आसपास की दुनिया के लिए, आप जितना अच्छा कर सकते हैं, उतना करना आपकी जिम्मेदारी है। यह आपका कर्तव्य है कि दुनिया, अपने परिवार, और अपने लिए आप जीवन में अपार सफलता हासिल करें और सब कुछ हासिल करें, जो जरूरी है।

इसलिए अपने आप को इस धोखे में ना रखें कि सफल लोग सिर्फ अपने भाग्य के दम पर सफल होते हैं। बल्कि सफलता कड़ी मेहनत और सही कामों पर निर्भर करती है।
कामयाबी का कोई शॉर्टकट नहीं है
10X नियम किताब सफलता के लिए कुछ साफ़ साफ़ निर्देश देती है। पहला तथ्य यह कि लोग समझते है कि सफलता सिर्फ दूसरों के लिए है उनके लिए नहीं। यह भ्रम दूर करना भी बहुत ज़रूरी है और यह भी याद रखना भी कि सफलता की कोई सीमा नहीं है। दूसरा ये की जरूरी नहीं की अगर कोई इंसान काम समय में कामयाब हुआ तो आप भी उतने में ही होंगे, हो सकता है की आपके लगातार मेहनत करते रहने से आपको उससे बड़ी कामयाबी मिले, इसलिए किसी शॉर्टकट में पड़ने की बजाये, हार्ड और समझदारी से काम करने पर ध्यान लगाए।
इसके अलावा जिस किसी के पास भी 10 गुना मानसिकता होगी, वो सफलता प्राप्त कर सकता है और ऐसा नहीं है, कि सफलता किसी दूसरे के मूल्य पर प्राप्त हो। उदाहरण के लिए, यदि आप एक बेहतर सेल फोन को बाजार में लाने में सफल होते हैं, तो आपने एक सकारात्मक योगदान की पेशकश की है जिससे सभी को फायदा होगा। यहाँ तक की अगर दूसरे बिजनेसमैन इसको जलन से देखते हैं, तो भी वे अपनी सफलता को पाने के लिए आपके योगदान और नज़रिये से कुछ न कुछ सीखेंगे।

ऐसा मानों की आप सब कुछ नियंत्रित कर रहे हैं – कामयाब होने के लिए आपको अपने जीवन की हर छोटी बड़ी चीज की जिम्मेदारी लेनी होगी, भले ही इसमें आपकी गलती ना हो। यदि आप सफल होना चाहते हैं, तो आपको बहाना बनाना तथा काम टालने की आदत को छोड़ना होगा। सफल लोग आरोप लगाने वाला खेल यानी कि दूसरों पर दोषारोपण करने की आदत को गलत मानते हैं।
इसलिए आप अपने जीवन में जहां पहुंचना चाहते हैं वहां पहुंचने के लिए आपको यह स्वीकार करना होगा कि आपके जीवन में होने वाली हर अच्छी और बुरी चीज के जिम्मेदार केवल आप और आप हैं और उसे बेहतर बनाने की जिम्मेदारी भी। इसलिए अपने काम पर ध्यान दें, बजाय ज़िम्मेदारी से पीछे हटने के।
कामयाबी की 4 डिग्री
क्या आपने कामयाबी के 4 काम की डिग्री के बारे में सुना है? अगर नहीं तो आइये इसके बारे में जानते हैं: यह एक बहुत ही सरल सा विचार है जो कि यह बताता है कि अगर आपको किसी स्थिति का सामना करना पड़े तो उससे निपटने के लिए आप 4 में किसी एक तरीके से प्रतिक्रिया कर सकते हैं।
- पहला तरीका है आप या तो कुछ नहीं करते हैं
- पीछे हट सकते हैं
- सामान्य काम कर सकते हैं
- या बहुत बड़े पैमाने पर उसे ठीक करने के लिए काम कर सकते हैं
और इन चारों में से आखिरी तरीका ही सफलता की चाबी है। इस तथ्य को हकीकत में देखने कि लिए बच्चो को देखें। जब भी वे किसी चुनौती का सामना करते है तो जो भी उनके पास होता है वो सब कुछ लगा देते हैं; वो अपनी काबिलियत का हिसाब किताब करने या बचाने के लिए रुकते नहीं हैं, इसलिए वो हर हाल में खुश होते हैं। इसी आदत को कामयाब लोग भी अपनांतें हैं, इसलिए वो कामयाब है।
इसलिए किसी काम को करने में आपको कितना समय लगेगा, यह हिसाब किताब करने की बजाय, बड़े पैमाने पर काम करने की आदत बनाएं।
जैसे कि आपको अपना कोई सामान बाज़ार के एक अधिकारी को बेचना है तो अपनी मेहनत को आंकने की बजाये, अधिकारी को हर तरह से मनाने करने की कोशिश करें। आप जितना अनुसंधान (research) कर सकते हैं या जितना प्रयास कर सकते हैं लगाएं, लेकिन जब तक वो बिक नहीं जाता, तब तक हार ना मानें।
औसत रहना और उसकी योजना करना असफल तरीका है

यह तथ्य है कि दुनिया भर में हर चीज़ औसत है। जरा सोचे कि कितने लोग मध्यम वर्ग बनने का लक्ष्य रखते हैं। औसत बनने का मतलब है कि भविष्य के बारे में न सोचते हुए, सिर्फ आज और कल के बारे में सोचना। यहाँ खतरा यह है कि औसत बहुत ही कम समय में जाने अनजाने में औसत से काम बन सकता है।
2008 की पैसों से सम्बंधित परेशानी (financial crisis) इस बात का सबूत है कि उसने मध्यम वर्ग लोगों को बहुत ज्यादा प्रभावित किया और उन्हें गरीबी के किनारे पे लाकर खड़ा कर दिया।
यहां यह बात साबित होती है कि औसत बने रहने का लक्ष्य ही काफी नहीं है। इसलिए यह सोचें कि आपके लिए औसत का क्या मतलब है और इसके अनुसार अपने लक्ष्य को 10 गुना बड़ा कर दें – ऐसा करने से आप आने वाले कई सालों तक सफल बने रहेंगे।
10X नियम क्या कहता है ?

इसका मतलब है कि आपको बहुत ऊँचा लक्ष्य रखना चाहिए जो कि आपके चमत्कारी सपनो से भी परे हो। आज के समय हो सकता है कि, यह शायद मूर्खतापूर्ण लगे लेकिन जब आप बहुत छोटा लक्ष्य रखते हैं, तो आप उसे हासिल करने के बाद भी निराश ही रहते हैं और अगर कहीं आप उस लक्ष्य को पाने से चूक गए, तो आप हारा हुआ महसूस करते हैं। सामान्य लक्ष्य प्राप्त करने की तुलना में बड़े लक्ष्यों को पूरा करने में असफल होना ज्यादा अच्छा है।
उदाहरण के लिए, अगर आपका लक्ष्य लेखक बनना है तो आपका उद्देश्य, 2 पेज की कोई छोटी कहानी लिखना नहीं, बल्कि एक उपन्यास (novel) लिखने का होना चाहिए। क्योंकि अगर आप अपनी छोटी कहानी लिखने का उद्देश्य पूरा कर भी लेते हैं तो भी आप खुद को लेखक नहीं मानेंगे। एक कामयाब उपन्यास (novel) लिखने के बाद 90% सम्भावना हैं की आप एक कामयाब लेखक बन चुके होंगे।
जूनून कोई बीमारी नहीं, बल्कि एक उपहार है – कामयाबी तक पहुंचने और चुनौतियों को पार करने के लिए आपके अंदर अपने लक्ष्यों के प्रति जुनून होना चाहिए; आपको उन्हें अपने विचारों पर हावी होने देना चाहिए और उन्हें अपना उद्देश्य बनाना चाहिए।
यह एक और क्षेत्र है जिसमे बच्चे हमारे लिए प्रेरणा का अच्छा जरिया बन सकते हैं। बच्चे जब भी किसी नयी चीज़ का सामना करते हैं तो वो उस दिलचस्प काम को करने में अपनी पूरी जान झोंक देते हैं। आपको भी सफलता पाने के लिए यही करना है। जब दूसरे देखेंगे कि आप अपने लक्ष्य के लिए कितने गंभीर हैं तब वो भी आपके बेतहाशा लक्ष्यों को देखकर आपके पीछे चल पड़ेंगे।
लेकिन अगर आप अपने लक्ष्यों के लिए गंभीरता दिखाने में असफल रहें तो शायद ही लोग आप पर और आपके लक्ष्यों में विश्वास करें। इसलिए अपने लक्ष्य के प्रति जुनून होना एक बहुत ही जरूरी गुण है पर ये उतना ही ज़रूरी है जितना असफलताओं के लिए निराशा से बचना और विफलता के बहानो से दूर रहना है। कहने का मतलब यह है कि, आपके अंदर सिर्फ सही काम करने का जुनून होना चाहिए।
डर एक संकेत है
कोई बड़ा काम करते वक्त अगर आपको डर लगे तो आपका डर एक संकेत है कि आप सही रास्ते पर हैं और सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। अगर आपके अंदर डर नहीं है तो इसका मतलब यह है कि या तो आपका लक्ष्य बहुत ही छोटा है या आप गलत रास्ते पर बढ़ रहे हैं। ये याद रखें कि, ज्यादातर समय में आप जिन चीजों से डरते हैं, वह चीजें वास्तव में कभी होती ही नहीं है।
अपने डर को बहाना बनाने या पीछे हटने के संकेत के रूप में ना देखें बल्कि इसे आगे बढ़ने के लिए एक संकेत के रूप में देखें। ज्यादातर असफल लोग अपने डर के कारण आगे बढ़ने से रुक जाते हैं। लेकिन सफल होने के लिए आपको उन चीजों को भी करना होगा जिन्हें दूसरे लोग करने से मना कर देते हैं।
समय प्रबंधन (time management) का भ्रम (myth)
वास्तव में सफल होने के लिए आपको अपने समय और भावनाओं पर काबू रखना बहुत जरूरी है। जाहिर है कि समय सीमित है इसलिए लोगों को समय प्रबंधन के बारे में बहुत चिंता होती है।
बात जो भी हो, सवाल यहाँ ये नहीं के आप समय का प्रबंधन और भावनात्मक नियंत्रण, इन दोनों में से कौन से विकल्प को चुन सकते हैं, बल्कि ये है कि आप ऐसी कौन सी मानसिकता को प्रोत्साहन दें जिस से सब कुछ संभव हो जाये ये भी और जो आप पाना चाहते हैं उसे हासिल करना भी।
यहाँ इसका एकमात्र तरीका यही है कि ये सोचें कि,कैसे आप कम समय में ज्यादा काम पूरा करने को कोशिश कर सकते हैं। आपके पास कितना समय है, इस पर कड़ी नज़र रखें, फिर कड़ी मेहनत करें और अपने समय का कुशलता और समझदारी से इस्तेमाल करें।
इसे समझने के लिए, हम एक अच्छे उदाहरण के रूप में आइये लेखक के जीवन का रुख करते हैं। उनकी बेटी के पैदा होने के बाद उन्होंने अपने fix समय से एक घंटा जल्दी उठना शुरू कर दिया ताकि वो अपनी बेटी के साथ ज्यादा समय गुज़ार सके और उनकी पत्नी आराम कर सके। इन सब के बावजूद वह उतना ही काम कर रहे थे जितना वो पहले करते थे।
तो इस तरह वो अपने काम के साथ साथ अपने परिवार के साथ भी अच्छा समय बिताना शुरू कर दिया, जो हम में से कई लोगों का सपना होता है। इसलिए समझदारी से समय को मैनेज करें ताकि आप अपने लक्ष्य के लिए भी काम करें और अपनों के साथ समय भी बिता सकें।
लक्ष्य बनाने के दौरान इन गलतियों से बचें
कई सारे लोग जीवन में जो सबसे बड़ी गलती करते हैं, वह लक्ष्यों को ठीक तरह से निर्धारित नहीं करना है। इसलिए ऐसे में 10X नियम शुरुआत में कोशिश करने के स्तर पर बड़ी कामयाबी कैसे हासिल करेंगे, इसे सोचने के लिए मन करता है, इसके मुताबिक वो करें और वह से शुरू करे जो आप अभी से कर सकते हैं, उस बारे में ही सोचें और इसी तरह एक एक करके आगे बढ़ते रहें।
एक बार आर्थिक सफलता का एक अच्छे (fix) स्तर हासिल करने के बाद आप काम क्यों करते रहते हैं? क्योंकि आप चीजों को पूरा करते हुए खुश हो सकते हैं, इसलिए आपको अपना लक्ष्य सिर्फ पैसा कामना नहीं बल्कि अपने काम के जरिये लोगो की जिंदगी में कुछ कीमत जोड़ना (value add करना) रखना चाहिए।
अपने फिक्स समय में सिर्फ फिक्स काम पूरे ध्यान के साथ करें। अगर आप काम कर रहे तो सिर्फ काम और पारिवारिक समय के वक्त सिर्फ परिवार और कुछ नहीं।

आलोचना कामयाबी का संकेत है
जब भी आपके काम के लिए आपकी आलोचना होने लगे तो यह समझ जाइए कि लोग आपके काम पर ध्यान देने लगे और आप सफलता के सही रास्ते पर चल रहे हैं। क्योंकि बिना आलोचना के सफल होने का कोई रास्ता नहीं है। चाहे आप जीवन में कुछ भी करें आपको आलोचनाओं का सामना करना ही पड़ेगा।
इसलिए यह बात हमेंशा याद रखें के ग्राहकों की प्रतिक्रिया बहुत कीमती होता है फिर चाहे वो नकारात्मक ही क्यों न हो क्योंकि वो ये दिखाता है कि आप सुधार कैसे कर सकते हैं।
और ये सीख हासिल करें और जिंदगी में अपनाएं, कि जिंदगी में कामयाबी को हासिल करने के लिए उस पर फोकस करने की जरूरत होती और उसमे योगदान देने वाले लोगों की बातों में, उसके अलावा सब कुछ करने से बचें।
ग्राहक संतुष्टि (customer satisfaction) गलत लक्ष्य है
सफल होने के लिए वह एकमात्र चीज़ जो आपको नहीं करनी है वो ये कि आपको उन लोगों के नक्शेकदम पर नहीं चलना है जो सामाजिक प्रचलन के अनुसार उन पर थोपे गए लक्ष्य को अपना लेते हैं, जो शायद उनके लिए जरूरी न हों।
उदाहरण के लिए, ग्राहक संतुष्टि के विचार को ही ले लीजिए। भले ही लोगों को ये हमेशा बताया जाता हो कि ग्राहक बहुत जरूरी हैं लेकिन ज्यादातर कंपनियां ऐसी हैं जिनके पास शुरुआत में ज्यादा ग्राहक नहीं होते; इसलिए उनका पहला लक्ष्य यह होना चाहिए कि वह ज्यादा से ज्यादा ग्राहक बनाएं, क्योंकि ज्यादा ग्राहक होंगे तो आप भी अच्छी कमाई कर पाएंगे और उन्हें अच्छी सर्विस के जरिये संतुष्ट करेंगे।
यही नहीं बल्कि 10X मानसिकता के साथ, आपको कमजोर ग्राहक संतुष्टि के दर में जीने की ज़रुरत नहीं है क्यो कि इस मानसिकता से साथ काम करने से आप हमेंशा लोगों की उम्मीदों पर खरे ही उतरेंगे और आप अपनी ऊर्जा को नए ग्राहकों को ढूंढ़ने में लगा पाएंगे।
और ये भी एक तथ्य है, कि गूगल और एप्पल जैसी बड़ी-बड़ी कंपनियां ग्राहक संतुष्टि के बजाय ग्राहक बढ़ाने की तरफ ज्यादा ध्यान देते हैं। क्योंकि उन्हें पता है कि जितने ज्यादा लोग उनके ब्रांड के बारे में बातें करेंगे, वे उतना ही ज्यादा सफल होंगे।
बहाने न बनाएं
बहाने कभी भी कुछ ना कर पाने के पीछे के असली वजह नहीं होते। बहाने तो आप बस इसलिए बनाते हैं ताकि आप थोड़ा आरामदायक महसूस कर सकें। लेकिन बहाने बनाने से आप अपनी स्थिति को नहीं बदल सकते, बल्कि सिर्फ असली परिस्थिति का सामना करके ही आप आगे बढ़ सकते हैं।
और याद रखें कि, बहाने उन लोगों के लिए होते हैं जो अपने जीवन की ज़िम्मेदारी नहीं लेते। लेकिन सफल लोग कभी भी बहाने नहीं बनाते क्योंकि वह जानते है कि उनकी सफलता और असफलता पूरी तरह से उन पर निर्भर करती है। इसलिए बहाने ही वह मुख्य वजह है जो यह निर्धारित करते हैं कि आप अपने जीवन में सफल होंगे या नहीं।

कामयाबी और असफलता – सफल और असफल लोगों के बीच यही अंतर है कि सफल लोगों की सोच, व्यवहार तथा समस्याओं को देखने का नजरिया ज्यादातर लोगों से अलग होता है और सफल लोग पैसे के बारे में भी एक अलग सोच रखते हैं। वास्तव में तो सफलता किसी भी दूसरी काबिलियत से अलग नहीं है। अगर आप सफल लोगों की मानसिकता और कामों को दोहराएं तो आप भी सफल बन सकते हैं। याद रखें कि सफलता वो नहीं जो आपको किस्मत से मिलती है, सफलता वो है जो आपको अपनी मेहनत से मिलती है।

इसलिए आसान सा सबक ये है कि, हमें हमारी मनचाही कामयाबी हासिल कर चुके लोगों सीखना और उनकी आदतों को अपनी जिंदगी में अपनाना चाहिए, सफल होने के लिए।
आगे बढ़ते रहें
10X नियम के मुताबिक जीने का मतलब है कि अपने आपको हमेंशा आगे बढ़ाते रहना। आखिरकार सफलता का रास्ता, अपने और अपने सामान के विकास के साथ साथ चलता है, और ऐसे में हमेशा जरूरी होता पीछे हटने से बेहतर है कि आप असफल हो जाएं। इसलिए अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए आपको बाहरी भटकावों से अपना ध्यान हटाना होगा और उन लक्ष्यों को हासिल करने की ओर बढ़ते रहना होगा, जिन्हे आप पाना चाहते हैं।
उदाहरण, अगर आपने अपनी YouTube की शुरुआत 1 वीडियो हर हफ्ते डालने से शुरू की है तो इसे समय के साथ सुधारते हुए अच्छी गुणवत्ता (quality) और जानकारी की वीडियो हर 5 दिन, फिर 4 दिन और ऐसे ही ज्यादा से ज्यादा वीडियो कम समय में अपलोड करते हुए अपने काम को बढ़ाते रहें।
अपने अंदर की आग को बुझने न दें – 10X काम करने के बाद और आगे बढ़ने के बाद कभी भी अपने अंदर की आग को बुझने ना दें और हमेशा इसमें उत्साह का ईंधन डालते रहें। न्यूटन के गति के नियम के अनुसार “एक गतिशील चीज़ हमेशा गतिशील बनी रहती है।” इसलिए एक सफलता पाने के बाद कभी भी ना रुके बल्कि उससे बड़ी सफलता पाने के लिए और बड़े लक्ष्य तय करें। क्योंकि सफलता लगातार कोशिश और ध्यान चाहती है, इसलिए हमेशा आगे बढ़ते रहें।
हमेशा सोचें “कैसे होगा” ?
जिसने भी कभी कार्ड गेम खेला हो उसको पता है, कि अपना सब कुछ दाव पर लगाना रिस्की होता है। अगर आप जीत गए तो बहुत कुछ घर ले जा सकते हो लेकिन अगर हार गए तो सब गंवा बैठेंगे। ये एक अच्छी बात है कि, इस नियम के अनुसार कामयाबी के लिए जीवन में सब कुछ निवेश करना थोड़ा कम रिस्की है। 10X नियम में सब कुछ दांव पर लगाने के नज़रिये का मतलब है कि अपनी ताकत, काबिलियत और योजनाओं को अपने लक्ष्य तक पहुँचने कि लिए निवेश करना।
इसके लिए सबसे पहले आपको अपने बड़े लक्ष्यों को हासिल करने के लिए उसे छोटे छोटे हिस्सों में बाँट लें और फिर एक एक करके उन्हें हासिल करने में अपना सब कुछ लगा दें।
जी जान लगाने का मतलब ये भी है कि आप सफलता के रस्ते में आपने वाली परेशानियों का समाधान ढूंढ़ने के लिए कुछ हटकर सोचें। क्योंकि जब आप ऊचें लक्ष्यों को तय कर लेंगे तब आपको इसमें कई समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। और वैसी गंभीर समस्याएं अक्सर उन लोगों को कुचल देती हैं जो उन समस्याओं का हल ढूंढ़ने की कोशिश नहीं करते हैं।
इसलिए आपको समझदारी से उन समस्याओं का सामना अपनी ताकत की आखिरी बूंद तक को इस्तेमाल करके करना होगा। आप जीतने के लिए चाहे जो भी करें लेकिन हारे हुए लोगों के नक्शेक़दम पर ना चलें। हमेशा ये सोचे और इस बात की योजना बनेने की कैसे कामयाब हो सकते हैं।
मध्यम वर्ग (middle class) सोच को तोड़ दें
जैसा कि हमने पहले ही बात की कि मध्यम वर्ग मानसिकता ऐसी होती है जिसमें लोग सिर्फ अपने वर्तमान के बारे में ही चिंतित रहते हैं और अपने भविष्य का ध्यान नहीं रखते। मध्यम वर्ग वास्तव में समाज का कोई वर्ग नहीं है बल्कि यह एक मानसिकता है।
एक करोड़पति इंसान भी मध्यम वर्ग की सोच रख सकता है और एक इंसान भी। लेकिन असली फर्क इस मानसिकता से मिलने वाली जिंदगी से है। जहा मध्यम वर्ग जिंदगी भर पैसों के लिए संघर्ष करते रहते हैं, वही कामयाब मानसिकता वाले लोग ख़ुशी और पैसों की अपर कामयाबी हासिल करते हैं। इसलिए मध्यम वर्ग सोच को ख़तम करके कामयाब सोच रखे।
अपने नाम की पहचान बनाएं
एक चीज जो को ध्यान में रखना बहुत ज़रूरी है वो है अपने नाम की पहचान। आपको अपने नाम को अपनी सबसे कीमती संपत्ति मानना चाहिए और इसे इस बात को गंभीरता से लेना चाहिए कि आप किस चीज के लिए जाने जाते हैं।
उदाहरण के लिए, जब लोग mp3 के बारे में सोचते हैं तो वो एप्पल के बारे में सोचते हैं और जब वो किसी टैक्सी सेवा के बारे में सोचते हैं, तो उन्हें ola या uber का ख्याल आता है। इसलिए वैसा ही करें जो इन सफल कंपनियां ने किया है और जो सेवाएं आप देना चाहते हैं, पूरे आत्मविश्वास के साथ उनका प्रचार करें और अपनी गुणवत्ता (quality) को हमेशा अच्छी बनाये रखें।
जब आप बाजार में अपनी जगह बना ले तो काम करने के लिए तैयार हो जाएं। अपने लक्ष्य की सूची बनाएं, आपको आगे क्या करना है इसकी लिखित योजना बनाये और उस वक्त जो भी आपके पास है उसे हासिल करने के लिए पर अपना सब कुछ लगा दें।
जरूरी बातें और सबक
- 10X नियम इस ज्ञान पर आधारित है कि सफलता को पाने कि लिए आप जितना सोचते हैं, उससे ज्यादा कोशिश करने की ज़रुरत होती है।
- 10X नियम एक हथियार है जो आपको आगे बढ़ाकर अपनी काबिलियत पहचानने की क्षमता देता है ताकि आप वो सब हासिल कर सकें जो आप चाहते हैं।
- सफलता वो नहीं जो आपको किस्मत से मिलती है, सफलता वो है जो आपको अपनी मेहनत से मिलती है।
- चुनौतियों को पार करने के लिए आपके अंदर अपने लक्ष्यों के लिए जुनून होना चाहिए; आपको उन्हें अपने विचारों पर हावी होने देना चाहिए और उन्हें अपना उद्देश्य बनाना चाहिए।
- अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए आपको बाहरी भटकावों से अपना ध्यान हटाना होगा और उन लक्ष्यों को हासिल करने की तरफ बढ़ते रहना होगा जिन्हे आप पाना चाहते हैं।
- आपको ग्राहक संतुष्टि की जगह ग्राहक बढ़ाने की तरफ ज्यादा ध्यान देना चाहिए।
निष्कर्ष
तो दोस्तों ये हैं कामयाबी के सिद्धांतों के बारे में सबक और जानकारी। मुझे उम्मीद है कि आपने कामयाबी के लिए कई जरूरी बातें सीखी। अब इन्हे अपनी जिंदगी में अपनाएं और कामयाबी की दिशा में आगे बढ़ें।
सभी Podcast platform पर भी हमारी summary, Kitabein नाम से उपलब्ध है, जिसे हाल ही में भारत का best educational podcast का award भी मिला है। Link ठीक निचे दिया हुआ है:
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I learn this piont also
१.डर एक संकेत है….
अपने डर को बहाना बनाने या पीछे हटने के संकेत के रूप में ना देखें बल्कि इसे आगे बढ़ने के लिए एक संकेत के रूप में देखें।
30# days challenge
Best book for assured success
10x times success is 10X times hard work..
Take criticism positively… Think on it.. Work on it if necessary..
Set your goals of achievement 10X bigger than now
Set your goals of hard work 10X bigger than now
Consider name as big asset.
The best thing I have learned from this summary is middle class is a mentality not a section of society.
And also this books have strengthen my belief about the hard work it’s the hard work not the luck which makes you successful.
This book summary is very nice. It tells us to make more goals and put our best efforts to achieve them to gain high success. thanks RBC
I learn few points..
1.कामयाबी आपकी जिम्मेदारी है – अपने लिए, अपने परिवार के लिए, अपनी कंपनी और अपने आसपास की दुनिया के लिए, आप जितना अच्छा कर सकते हैं, उतना करना आपकी जिम्मेदारी है।
2. ..यह कि लोग समझते है कि सफलता सिर्फ दूसरों के लिए है उनके लिए नहीं। यह भ्रम दूर करना भी बहुत ज़रूरी है और यह भी याद रखना भी कि सफलता की कोई सीमा नहीं है।
..दूसरा ये की जरूरी नहीं की अगर कोई इंसान काम समय में कामयाब हुआ तो आप भी उतने में ही होंगे, हो सकता है की आपके लगातार मेहनत करते रहने से आपको उससे बड़ी कामयाबी मिले, इसलिए किसी शॉर्टकट में पड़ने की बजाये, हार्ड और समझदारी से काम करने पर ध्यान लगाए।
3.यह तथ्य है कि दुनिया भर में हर चीज़ औसत है। जरा सोचे कि कितने लोग मध्यम वर्ग बनने का लक्ष्य रखते हैं। औसत बनने का मतलब है कि भविष्य के बारे में न सोचते हुए, सिर्फ आज और कल के बारे में सोचना।
अपने नाम की पहचान बनाएं
4.एक चीज जो को ध्यान में रखना बहुत ज़रूरी है वो है अपने नाम की पहचान। आपको अपने नाम को अपनी सबसे कीमती संपत्ति मानना चाहिए और इसे इस बात को गंभीरता से लेना चाहिए कि आप किस चीज के लिए जाने जाते हैं।
5.बहाने न बनाएं
बहाने कभी भी कुछ ना कर पाने के पीछे के असली वजह नहीं होते। बहाने तो आप बस इसलिए बनाते हैं ताकि आप थोड़ा आरामदायक महसूस कर सकें। लेकिन बहाने बनाने से आप अपनी स्थिति को नहीं बदल सकते, बल्कि सिर्फ असली परिस्थिति का सामना करके ही आप आगे बढ़ सकते हैं।