आज जिस Book की summary से हम सीखेंगे वह है “Seven Spiritual Laws Of Success”, जिसको “Deepak Chopra” ने लिखा है।
Deepak Chopra, Eastern और western world में जीवन को जीने, health और medicine field के बहुत ही जाने माने advocate है। इन्होंने 80 के आस पास किताबें लिखी हैं और उनमें से बहुत सी किताबें best seller बन गई। “Seven spiritual laws of success”, अभी तक उनकी सबसे लोकप्रिय पुस्तक रही है। उनकी किताबें 25 भाषाओं से ज्यादा में अनुवाद हो चुकी है और वो North America, South America, India, Europe, Japan और Australia में सभी जगहों पर अपने lectures देते हैं ।
एक सहज (effortless) शक्ति और सरलता (simplicity) के साथ Seven spiritual law वर्तमान समय की self help writing का सर्वोच्च उदाहरण है। सफलता और उपलब्धि पर जोर देना कुछ लोगों को “आध्यात्मिक” (spiritual) नहीं लगता लेकिन यही इस किताब का महत्वपूर्ण बिंदु है।
The Seven spiritual law, eastern thought और quantum physics से आती है और ये विश्वास, शक्ति और शांति से आता है। Chopra, पैसे से परे जाकर हमें abundance का मतलब क्या है वो बताते हैं।
ये किताब कहती है कि The Seven spiritual law सबसे ज्यादा शक्तिशाली सिद्धांत हैं जिनको आप आसानी से इस्तेमाल कर सकते हैं और अपनी सारी इच्छाओं को खुशी के साथ पूरा कर सकते हैं। अगर आप इसको practice करते हैं तो आप महसूस करेंगे कि जो आप सपने देख रहे हैं उसे आप पूरा भी कर सकते हैं। सौभाग्य से सफलता के नियम कठिनाई और रहस्य वाले नहीं है बल्की इनको समझना और apply करना आसान है।
यहां और भी तरीके हैं जिससे आप सफलता के spiritual नियमों को इस्तेमाल करने के बारे में सीखते हैं और जो आप चाहते हैं वैसी life attract करते हैं और ये start करने का अच्छा स्थान है ।
Book में बताए गए, 7 spiritual नियम इस तरह हैं:-
- Pure potentiality का नियम
- Giving यानी देने का नियम
- कारण (cause)और प्रभाव (effect) या कर्मा का नियम
- सबसे कम प्रयास (effort) का नियम
- आपकी intention और चाहत (desire) का नियम
- Detachment का नियम
- धर्म और जीवन के उद्देश्य का नियम
अब हम सफलता के 7 spiritual नियमों को विस्तार से बताते हैं और देखते हैं कि इनको जीवन में कैसे लागू (apply) करना है।
शुद्ध क्षमता (pure potentiality) और संभावना (possibility) का नियम
सारी रचना (creation) का source शुद्ध चेतना (pure consciousness) है और pure potentiality, manifest करने के लिए expressions ढूंढती है। और जब हमें एहसास होता है कि हमारी true self ही हमारी pure personality है, तब हम उस power से align करते हैं जो universe में सब कुछ manifest करती है।
जब अहंकार drop होती है तब knowledge reveal होती है। Chopra, ‘Carlos Castenanda’ के comment को refer करते हैं- जिससे अगर आप खुद की अहमियत को बनाते रखते हैं तो हम universe को शान से देखना शुरू कर देंगे।
हम पहले pure potentiality की state तक ध्यान और मौन के माध्यम से पहुंच सकते हैं लेकिन हमें judgement को छोड़ना होगा और प्रकृति को सराहना होगा। जब आपको field पता लग जाएगी तो आप इससे पीछे हट सकते हो और स्थितियां, भावनाएं, लोग और चीजों से स्वतंत्र हो सकते हो। सारी wealth और creativity इस field से बाहर निकल जाती है ।
क्या कभी आप nature में अकेले रहे हैं या deep silence जैसे एक पल का experience किया है? अगर ऐसा है तो आपको universe के साथ शांति और connected की भावना महसूस हो सकती है। यह इस तरीके का शांतिपूर्ण (peaceful) क्षण होता है जिसमें आप खुद का true self ढूंढ सकते हैं और अपनी क्षमता को समझकर अपनी इच्छाओं को पूरा कर सकते हैं।
जब आप खुद को अपने पर्यावरण और लोगों से connected feel करते हैं तब आप महसूस करते हैं कि आप अलग entity नहीं है जो दुनिया के बाकी हिस्सों से cut off है। आप ये sense कर सकते हैं कि world, energy से भरा हुआ है जिसने हर किसी को और हर planet को जोड़ कर रखा हुआ है, लेकिन सिर्फ planet ही नहीं ये energy पूरे ब्रह्मांड की unlimited power का source है ।
जब आप इस connect को feel करते हैं और आपको एहसास होता है कि आप एक सिर्फ इंसान नहीं हैं, बल्की complex nature का अहम हिस्सा है तो आपको पता लग सकता है कि आपके true self की कोई limitation नहीं है। अपने अंदर सही शक्ति को feed करने से आप कुछ भी हासिल कर सकते हैं जो आप चाहते हैं। चाहे वो wealth हो या success या spritual development, लेकिन खुद से connect होने के लिए आपको खुद की अहंकार को खत्म करना होगा ।
जब आपकी ego high होती है तो आपका खुद से connection खत्म हो जाता है और यही potential energy का end है। सौभाग्य से silent meditation करने से आप कभी भी खुद से reconnect हो सकते हैं। इसको करने के लिए अपनी ध्यान (meditation) पर शांति से ध्यान केंद्रित करें और बिना निर्णय (judgement) के अपने विचारों को observe करना है। धीरे-धीरे आप शांतिपूर्ण हो जाएंगे और आपका दिमाग और शरीर शांत होंगे तो इससे आपकी अहंकार भी खत्म हो जाएगी और आप खुद को reconnect के लिए allow करेंगे ।
Pure potentiality के नियम को कैसे लागू करें –
इस law में लेखक आपको कुछ समय के लिए silent रहने के लिए बोल रहा है जैसे आपको कुछ समय खुद को देना चाहिए जैसे morning में 30 मिनट के लिए अकेले silent बैठना होगा और evening में भी 30 मिनट nature को देखना होगा, हर living things की intelligence को देखना होगा, आपको nature को feel करना होगा और sunset होते हुए देखना चाहिए, बाहर निकल कर ocean देखना चाहिए, फूलों की महक को सूंघना चाहिए, घास की ताजगी को feel करना चाहिए ।
खुद को nature से connect करना चाहिए, और हर सुबह आपको ये करना चाहिए। अपने दिनों को इस बात से शुरू करना चाहिए कि मैं आज कुछ भी judge नहीं करूंगा ।
देने (give) का नियम
कभी आपने ये notice किया है कि जितना आप देते हैं, उतना आपको receive होता है। Author कहते हैं कि ऐसा होता है क्योंकि हमारा mind और हमारी body, लगातार देने के mode में रहती है और universe से receive करती है।
Create करने के लिए, love के लिए, grow के लिए, और इस flow को बनाए रखने के लिए, देना बंद नहीं करना और flow में रखना जैसे blood flow होता रहता है जितना हम देते हैं उतना ही हम universe की energy circulation में शामिल होते हैं और उतना ही हमको प्यार, भौतिक चीजें, advance profit experience की form में वापस भी मिलता है। पैसा पूरी दुनिया में घूमती है, लेकिन जितनी आप देते हैं उतनी ही आपको receive होती है।
अगर आप दे रहे हैं तो खुशी से देना चाहिए। अगर आप blessed होना चाहते हैं तो आप silently अपने सकारात्मक विचारों से लोगों को आशीर्वाद दें। अगर आपके पास पैसा नहीं है तो आप service प्रदान करें। हम देने में कभी भी सीमित नहीं हो सकते क्योंकि इंसान का सच्चा स्वभाव ही abundance है। Nature हमें सिर्फ जो चीज provide करता है जिसकी हमें जरूरत है और pure potential की state हमें intelligence और ज्यादा produce करने की creativity provide करती है।
जैसे अगर आपके पास ज्यादा बड़ा saving account है तो आपको अपने साथी से बराबर तारीफ वापस मिलती है। लेकिन saving करने के बजाए सफलता का बेहतर तरीका है आप पैसे का प्रवाह दुनिया में करते रहे। पैसे को hold करने से universe में पैसे का flow disturb होता है और देने और लेने का flow भी खराब होता है।
वास्तव में, latin root में currency शब्द का मतलब होता है circulate और flow। इससे ये पता चलता है कि ancient greek और Roman सभ्यता ने ये बात समझी थी कि पैसा, society और लोगों के बढ़ने के लिए, flow होना चाहिए। यही कारण है कि saving से ज्यादा लाभदायक निवेश (investments) होती है।
उदाहरण के लिए आप अपने जीवन में minimum wage earn करते हैं और उसमें से ज्यादातर paycheck आप बैंक में डालते हैं। तब भी आपके खाते का balance बढ़ेगा लेकिन आप अमीर नहीं होंगे। लेकिन आप अपनी शिक्षा में लगातार निवेश जारी रखते हैं और सही classes लेते हैं तो आप कम से कम अपने business के CEO बन सकते हैं। अगर आप शिक्षा में बुद्धिमानी से निवेश करते हैं तो उससे ज्यादा आपके पास वापस आता है जो lifetime saving से ज्यादा रकम (amount) होता है।
ये giving और receiving का नियम सिर्फ पैसे पर apply नहीं होता जबकी ये love, friendship, support और उन सभी चीजों पर apply होता है जो हम socially exchange करते हैं। अगर आप ये social currency दूसरे को देने के लिए इस्तेमाल करते हैं तो आपको इनाम मिलेगा। जितना प्यार लोग एक society में देते हैं, उतना ही प्यार दूसरे के साथ share कर पाते हैं और लगातार grow होते है। लेकिन सामान्य तौर पर यह तब काम करता है जब सब देने और receive करने के लिए prepare होते है ।
उदाहरण के लिए ज्यादातर लोग ऐसे partner चाहते हैं जो उन्हें प्यार करे और उनकी देखभाल करें। लेकिन बहुत उनमें से, ये भूल जाते हैं कि रिश्ते में प्यार देना और care करना भी जरूरी है। अगर हर कोई सिर्फ प्यार लेने में focus करता है और देने में विश्वास नहीं कर रहा है तो हम सब अकेले रह जाएंगे और दुखी रहेंगे ।
देने (Giving) के नियम को कैसे लागू कर सकते हैं :
बस अपने आप से वादा करे कि आज जब मैं बाहर जाऊंगा मैं निश्चित रूप से किसी ऐसे इंसान को कुछ दूंगा जिससे मैं मिलने जा रहा हूं, मैं उन्हें खुशी दूंगा, प्यार दूंगा। मैं अपनी जिंदगी में खुशियों को बढ़ाऊंगा और दूसरों की भी खुशियों को बढ़ाऊंगा।
आपको खुद से ये भी वादा करना चाहिए कि जब आप बाहर जाएंगे तब मैं nature से gift भी receive करूंगा। मैं fresh air feel करूंगा, मैं sunset होते हुए देखूंगा, birds को सुनूंगा और उनके साथ गाऊंगा, और जो दूसरे लोग मुझे देख कर smile करते हैं उनको मैं smile दूंगा, मैं nature से gift receive करूंगा ।
जो उपहार आपको मिलेगा चाहे वो भौतिकवादी या प्रकृति से संबंधित हो या चाहे compliment हो उन सारे उपहारों को स्वीकार करना चाहिए। आपको खुद से वादा करना होगा कि जीवन के सबसे कीमती उपहार जैसे प्यार, देखभाल, स्नेह, समर्थन, सराहना लेने और देने से अपनी wealth circulate करते रहना। जब भी मैं किसी से मिलूंगा तो चुप चाप उनकी जिंदगी में happiness और खुशी के लिए प्रार्थना करूंगा ।
कर्मा और कारण और प्रभाव (cause and effect) का नियम
हम सबको इस slogan के बारे में पता है जैसे – “Just Do It”, “live the moment” – ये हमें बताते हैं कि अवसरों (opportunities) को पकड़ लेना चाहिए। लेकिन real में जीवन का असली फायदा उठाने के लिए, ये consider करना जरूरी है कि decision करते समय सबसे beneficial choice क्या है। इसका मतलब है अपने choice making के बारे में जागरूक होना।
आखिरकार हम हर समय choice करते हैं। कई बार बिना जाने ही हम ऐसा कर रहे हैं। असल में हमारी ज्यादातर choice unconscious होती है। उदाहरण के लिए जब आप shopping करते हैं तो आप बहुत सारा junk food लेते हैं बिना ये सोचे कि वो आपकी सेहत और पर्यावरण को effect करता है, और दुर्भाग्य से ये हमारा unconscious व्यवहार स्वाभाविक रूप से आता है ।
तो अच्छी choice करने के लिए अपने action को pause करके देखें कि वो आपके ऊपर और दूसरे लोगों पर क्या प्रभाव डालते हैं। आप अपना junk food खरीदने की आदत को कैसे टाल सकते हैं? इसके लिए पहले अपना budget देखें और तब उन उत्पादों को चुनें जो आपकी सेहत के लिए फायदेमंद है और production process के समय दूसरे लोगों, जानवरों और पर्यावरण को कम से कम नुकसान करेगा ।
अपनी जिंदगी में हर दिन अच्छी choice करने के लिए आपको अपने action चुनने होंगे जो दूसरों के लिए खुशी और goodwill लाएंगे, और कुछ मामलों में choice बहुत obvious लग सकती है।
दुसरे cases में कुछ choices tough हो सकती है। अगर आपकी कोई insult करता है तो आपके पास 2 choices है- पहला आप उसके व्यवहार से hurt हो सकते है और बदला ले सकते हैं या दूसरा आप इस बात को मना कर सकते हैं कि आप प्रभावित हुए है। दुसरा option चुनने से आप अपने emotion को काबू में करते है और दूसरे के साथ वैसे ही व्यवहार करते हैं जैसा आप चाहते हैं।
“कर्मा” के सिद्धांत को लागू करें या कारण और प्रभाव (cause and effect) को कैसे लागू कर सकते हैं :
जब भी choose करना हो तब खुद से 2 सवाल पूछने चाहिए। पहला की उस choice के परिणाम क्या होंगे? और दूसरा क्या ये choice मेरे लिए और जो इस choice से प्रभावित होंगे, दोनों के लिए खुशी लाएगी? ये guidance आपको अपने लिए और दुसरो के लिए सही choose करने के लायक बनाएगी ।
लेखक का कहना है कि हर action energy का source है, जो हमारी जिंदगी के किसी भी पल में हमें वापस मिल सकती है, जैसा आप कहते हैं “जैसा करोगे वैसा मिलेगा”। उदाहरण के लिए अगर आप कुछ गलत करते हैं तो कर्मा आपको effect करेगा। अगर अच्छा व्यवहार करते हैं या किसी की मदद करते हैं तो कर्मा भी आपके साथ अच्छा करेगा ।
अगर हम किसी को fruits देते हैं या खुशी देते हैं तो हमें वापस भी मिलेगा। इसलिए जो भी फैसला और choice आप करते हैं उसको हमेशा समझने के बाद लो, हमेशा कुछ भी करने से पहले खुद से पूछे की क्या ये आपके लिए अच्छा होगा या आपके आस पास के लोगों के लिए अच्छा होगा? क्या मेरा action दूसरे को आराम देगा या uncomfortable कर देगा?
इसलिए हमेशा अपने action और फैसले लेते वक्त ध्यान रखना चाहिए कि इससे सिर्फ आपकी और आपके loved ones के जीवन में खुशी लाएगी या नहीं, बल्की ये भी ध्यान रखना चाहिए कि आपके फैसले और choice से कोई भी प्रभावित ना हो क्योंकि कर्मा वापस आता है।
सबसे कम प्रयासों का नियम
लोग उन परिस्थितियों के बारे में चिंता करने में अपना ज्यादा समय खर्च कर देते हैं जिसमें वो खुद है। उदाहरण के लिए, एक इंसान बिना partner के irritate हो सकता है लेकिन जब वो एक relationship में आता है तब नई परेशानियां उठती हैं। क्या ये रिश्ता उसकी आजादी को सीमित कर रहा है? क्या वो सच में प्यार में है?
शुक्र है कि irritation का solution है। आप अपनी वर्तमान स्थिति को सरल तरीके से स्वीकार कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, आप एक ऐसे roommate के साथ हो जो बहुत difficult है, वो कभी सफाई नहीं करता और जब भी जगह गंदी होती है तो आपसे गुस्सा होता है। ये बहुत tricky situation है, एक तो आप room change करने का सोच सकते हैं लेकिन ऐसा करने में समय और पैसा लगेगा तो इस मुद्दे को हल करने का सबसे best solution क्या है?
जवाब है- कभी भी problem के साथ fight नहीं करना, इसके बजाए इसको face करना और accept करना। हमेशा एक difficult lesson से आप जरूर कुछ सीखते हैं और जो लोग जीवन को कठिन बनाते हैं वो आपको कुछ सीखाते हैं। इस case में lesson ये हो सकता है कि आप खुद के लिए खड़े हो और ये सीखना कि दूसरे के action से कैसे कम affect होना है। सिर्फ situation को स्वीकार करने से ही आप सीख भी सकते हैं और grow भी हो सकते हैं।
आप इस acceptance को आगे तक ले जा सकते हैं और defencelessness को अभ्यास करके, ऊर्जा को save करके रख सकते हैं। इसका मतलब है उन ख्वाहिशों और जरूरतों से छुटकारा पाना जहां आप दूसरे को ये विश्वास दिलाते हैं कि आप सही हो और वो गलत। Defencelessness का मतलब है जिसमें दोनों parties को अपने विचारों को साझा करना, बिना किसी तर्क के और बिना ये सोचे कि उनकी भावनाओं को कोई judge करेगा ।
यहां लेखक का कहना है कि nature के intelligence functions effortless काम करता है। ये प्यार, स्नेह, निश्चिंतता के साथ काम करता है और जब हम प्रेम, स्नेह और आनंद के साथ पूरे बल के साथ काम करते हैं तब हम सफलता और सौभाग्य को effortless पा सकते हैं ।
कम efforts को कैसे लागू कर सकते हैं :
यहां लेखक कहते हैं कि आपको स्वीकृति को अभ्यास करना चाहिए। मतलब आपको लोगों की स्थिति, परिस्थितियों और घटनाओं को स्वीकार करना चाहिए जैसे वो हैं, क्योंकि सब कुछ जाने के बाद मैं समझ जाऊंगा कि इस पल में हम जैसे हैं हमें वैसा ही होना चाहिए, क्योंकि पूरा universe ऐसा ही है और इसको ऐसा ही होना चाहिए। इसीलिए मैं current moment में struggle नहीं करूंगा, मैं इस पल को ऐसे ही स्वीकार करूंगा और पूरी तरह से स्वीकार करूंगा ।
लेखक का कहना है कि स्थिति को स्वीकार करके उनकी जिम्मेदारी भी लेनी चाहिए और यहां जिम्मेदारी का मतलब दूसरे पर दोष लगाना नहीं है। आपको समझाना होगा कि हर समस्या में छुपे हुए अवसर भी होती है जिसे आपको स्वीकार करना होगा और हमें उसको अच्छा और बेहतर बनाने के लिए बदलाव करना होगा ।
इरादे और इच्छाओं का नियम
ये नियम सबसे ज्यादा complex है और सबसे ज्यादा powerful, attractive और mysterious भी है। लेखक बताते हैं कि पेड़ का एक ही single purpose है, roots को बिछाना, grow करना, photosynthesis करना, human nervous system की intelligence भी वास्तव में mind को shape करती है और nature के law desires को achieve करने में मदद करता है। ये attention और इरादे (intention) के process के जरिए होता है ।
आप अपनी सोच में positive intentions को मिला के, अपनी quality of life में सुधार कर सकते हैं। जब आपके विचार में सकारात्मकता आती है तो वो संभावित ऊर्जा अनिश्चितता (uncertainity) का हिस्सा है जो universe को rule करता है। तो इस field में किसी intention या विचार को introduce करने से आप अपने आस पास के universe को प्रभावित करते हैं ।
मान लो आप एक खूबसूरत घर चाहते हैं लेकिन हर बार इसके बारे में आप नकारात्मक सोचते हैं, आपके emotions आपके मौजूदा घर की नापसंद से भरे हैं और आप यही सोचते हैं आपके पास कभी भी एक नए घर के लिए पर्याप्त राशि नहीं होगी। जब आप ये करते हैं तब आप universe को negative energy देते हैं, और स्वाभाविक रूप से इसका परिणाम ये है कि universe आपको कभी सकारात्मक ऊर्जा नहीं देगा ।
इसलिए इसके बजाए, जो घर आपके पास है उसे स्वीकार करना और उसके लिए हमेशा आभारी होना चाहिए और बदलाव को visualise करना कि आपका living situation बेहतर हो सकता है। Universe आपके सकारात्मक विचारों को pick करेगी और उनको हकीकत में बदल कर देगी। उन इच्छाओं को हकीकत में बदलने के लिए आपको पूरी attention देनी होगी ।
उदाहरण के लिए आप अपनी नौकरी से संतुष्ट नहीं हो तो आपको इसके बारे में नकारात्मक विचार आएंगे और आपको अच्छा भी महसूस नहीं होगा। आपको अपनी attention पर हर दिन लगातार ध्यान देना होगा और उन नकारात्मक patterns को सकारात्मक patterns से बदलना होगा ।
इरादे और इच्छाओं के नियम को कैसे लागू करें :
हमको अपनी इस ख्वाहिशों की list को creator के ऊपर छोड़ देना चाहिए, ये भरोसा करते हुए कि जब चीजें हमारे हिसाब से नहीं होती, तो इसके पीछे कोई वजह है जो universe ने मेरे लिए बनाए हैं जो मेरी wish से भी ज्यादा बड़े हैं ।
यहां लेखक कहते हैं कि हर intention में गहराई से शामिल होना चाहिए और desire उसको पूरा करने का mechanics है, लेखक का कहना है कि आपको अपनी इच्छाओं की एक सूची बनानी होगी जिसे आपको हर समय देखना चाहिए, जब-जब अपनी silent therapy पर हो उससे पहले देखनी चाहिए ।
सोने से पहले और उठने के बाद भी देखनी है, लेकिन चीजे आपके रास्ते में turn up नहीं हो रही है तो आपको depressed feel नहीं करना है, हो सकता है आपकी चीजे न होने का कारण हो सकता है आपको हमेशा आपको अपनी चीजों पर भरोसा करना होगा और विश्वास करना होगा, अपना वर्तमान moment को स्वीकार करना होगा और अच्छी intentions और इच्छा के साथ भविष्य के लिए काम करना चाहिए ।
Detachment का नियम
वैसे आपके पास intention हो सकती है, आपको उसके clear होने से पहले उससे अपनी attachment को खत्म करना चाहिए। हमारा एक point पर focus हो सकता है लेकिन अगर एक specific result से attach हो गए है तो वो चीज पूरा ना होने की संभावना पर डर और असुरक्षा का कारण हो सकता है ।
लेखक का मानना है कि detachment की वजह से ही कोई भी इंसान खुश हो सकता है। फिर आप wealth के symbol को तुरंत और effortless create करते हैं। Detachment के बिना हम आशाहीन, असहाय, सामाजिक जरूरतें, महत्वहीन चीजों के, अवसाद (depression) और गंभीरता के बंदी बन जाते हैं ।
हर mediocre की जिंदगी में गरीबी और consciousness exist करती है। हमको लगता है कि हमको बिना detachment के समस्या का समाधान निकालना चाहिए । Detachment के साथ हम perfect solution को freely देख सकते हैं और तभी हम mess और chaos चीजों से बाहर आते हैं ।
ये तभी होता है जब आप खुद को अपनी इच्छा से अलग करते हैं और energy की field से connect होते हैं और यही universe का सही nature है जो अकेले इसमें हमारी desire को reality में पूरा करने की power है ।
लेखक आपको detachment से committed होने के लिए बोल रहे हैं, आपको खुद को अनुमति देना चाहिए कि आपके आस पास के लोगों को भी वही freedom मिले जिसमें आप है। अपने decision और ideas पर कभी भी शक्ति ना थोपे। Problem के लिए खुद के solution को force नहीं करना चाहिए जिससे ज्यादा problem create होती है, आपको खुद से ये commit करना चाहिए कि, हां आप हर चीज में participate करेंगे लेकिन detached involvement के साथ ही करेंगे ।
असली सुरक्षा आप एक ही तरीके से हासिल कर सकते हैं जो है खुद की true self पहचान करना। खुद का सच्चा स्वभाव जानने के बाद, मरने का भी डर खत्म हो जाएगा। तन और मन dissolve हो जाएंगे और ऊर्जा के क्षेत्र में आपकी true self रह जाएगी जो universe में नई जिंदगी को जन्म देगी।
Detachment के नियम को कैसे लागू कर सकते हैं:
हमें खुद को detachment के लिए प्रतिबद्ध (commit) करना चाहिए। हमें खुद को और दूसरों को वैसे ही रहने की आजादी देनी है जैसे हम रहते हैं। हमें अपने ideas को कभी थोपना नहीं चाहिए, जैसी चीजें है वैसी रखनी चाहिए। हमें समाधान को समस्याओं पर नहीं थोपना चाहिए क्योंकि उससे और भी समस्या पैदा होती है । हमें detachment के साथ सभी चीजों में participate करना चाहिए। जब हम सभी संभावना (possibility) में कदम रखते हैं तो हम सारा fun, adventure, magic और जीवन की mystery को experience करते हैं ।
धर्म का नियम
सभी इंसान shine करना चाहते हैं, लेकिन जैसे हर एक star का night sky में अपना सही जगह होता है, वैसे ही हर इंसान को धरती पर अपना सही जगह ढूंढना चाहिए। इस चीज को करने से और दूसरों को उनकी सही जगह खोजने में मदद करने से लोग विकसित होंगे और उनकी जिंदगी में मकसद (purpose) होगा ।
तो ये न पूछे की universe आपके लिए क्या कर सकता है लेकिन आप universe के लिए क्या कर सकते हैं ये पूछे। मान लीजिए आपका हमेशा से artist बनने का सपना था। वैसे ये एक बहुत अच्छा profession है और आप ऐसे special तरह के talent को admire करते हैं जो art create करता है, लोगों को inspire करता है और उन्हें खुश करता है और intelligent बनाता है। लेकिन सच ये है कि सभी artistically talented नहीं होते और अगर आपके साथ ऐसा है, तो आप उदास या depress हो सकते हैं और ये feeling भी आ सकती है कि आपने society के लिए कुछ भी योगदान (contribute) नहीं किया है ।
लेकिन depress नहीं होना। अपने सपनों को पकड़ कर बैठने के बजाए खुद के साथ ईमानदार रहे और खुद के अंदर का सच ढूंढे जो दूसरे के लिए फायदा कर सकता है । जबकी शायद एक रचनात्मक (creative) व्यक्ति अच्छा कलाकार और designer बन जाएगा, एक दयालु व्यक्ति एक अच्छा doctor और nurse हो सकता है। ये कभी ना समझें कि आपके जीवन का उद्देश्य पहचानने में आपको देर हो गई है, बल्की खुद को universe के endless energy के source से जोड़ लें ।
अब आप ये सोच रहे होंगे कि क्या आपके present job आपको humanity और planet के कल्याण में सही मायने में योगदान कर रही है। इसको पता लगाने का एक अच्छा तरीका है, जब आपको एक सही काम मिलता है तब आपको उस काम को पूरा करने के लिए endless energy के source भी मिलते हैं ।
ये वो feeling है जब आप universe के plan के साथ align होते हैं जो आपकी हमेशा से ही destiny थी। Universe आपको support करना शुरु करता है और जिस energy की आपको जरूरत है वो provide करता है जो ये explain करता है कि कैसे लोग अपना काम long hours तक बड़े आराम से और happily कर सकते हैं जहां दूसरे लोग, कुछ घंटे ही काम करके थकान महसूस करते है ।
धर्म का नियम कैसे apply कर सकते हैं :
यहां लेखक सभी से कहते हैं कि हर एक व्यक्ति के पास अपनी जिंदगी में अपना कुछ उद्देश्य होता है, उनके पास दूसरे लोगों को देने के लिए कुछ तरीके के gifts और talent होते हैं और जब हम लोग इस unique talent को service के साथ mix करते हैं जिसमें दुसरो को (दया, मदद, समर्थन) देना चाहिए तो हम लोग भावनाओं को महसूस करते हैं, अनुभव करते हैं और हमारी आत्मा खुशी महसूस करेगी और हमारी spirit winner feel करेगी और ये पूरे world और universe में हर एक का अंतिम लक्ष्य है ।
निष्कर्ष
अगर आप human body के किसी भी cell को देखेंगे तो आप इन cells functioning में इन laws के expressions देखोगे। हर cell चाहे वो stomach cell, heart cell, brain cell सभी का जन्म pure potential law में ही होता है। DNA, pure potentiality का सटीक उदाहरण है, बल्की ये pure potential का material expression है। सभी cell में अलग-अलग रास्ते में वही DNA exist करता है जो हर cell की unique requirement को पूरा करता है ।
हर cell giving law के माध्यम से काम करता है। एक cell तभी जिंदा और healthy होता है जब वो balance और equilibrium की state में होता है। कर्मा का कानून हर cell के through beautiful execute होता है क्योंकि ये intelligence में built होता है जो हर स्थिति का सबसे उपयुक्त और सही प्रतिक्रिया देता है। कम से कम प्रयास (effort) का कानून भी शरीर में हर cell के द्वारा execute होता है जो काम को restful समय में भी कुशल बना देता है ।
इरादा और इच्छा के नियम के माध्यम से हर cell की intention, प्रकृति की intelligence को व्यवस्थित (organize) करने में उपयोग करती है। हर cell detachment का law express करता है ।
ये आने वाले outcome की intention से detach रहता है, हर एक cell Dharma के law को भी express करता है। हर cell को अपना source और higher self, discover करना चाहिए, अपने साथियों को serve करना चाहिए और unique talent को express करना चाहिए। Heart cell, stomach cell और immune cell सभी के पास higher self में, अपना खुद का source है जो एक pure potentiality की field है ।
सभी Podcast platform पर भी हमारी summary, Kitabein नाम से उपलब्ध है, जिसे हाल ही में भारत का best educational podcast का award भी मिला है। Link ठीक निचे दिया हुआ है:
Contents












Thankyou in this book the law of giving very good thing.youcan accept your current situation Ina simple way “just do it “live in the moment it shows the seize the opportunity ❤️❤️❤️❤️❤️❤️
Aaj mene iss book se detachment ke baare me sikha aur ye sikha ki wo karo jo tum Krna chahte ho ,har cell ka aalag perpose hota h
इस किताब से सीख .
1) खुदको कभी किसी से Judge मत करो.
2) हमारे कर्म हमेशा उसी flow मै हमारे पास ही वापस आते है इसिलिये अच्छे कर्म करे ताकी अच्छे फल मिले.
3) जैसा आप दुसरे को दोगे वैसा ही आपको वापस मिलेगा.
इसिलिये सभी को प्यार, खुशी दे इससे आपको वापस भी यही मिलेगा .
4) जो कर रहे हो उसमे विश्वास करो या जिसमे विश्वास हो उसी को करो.
The Seven Spiritual Laws Of Success by Deepak Chopra tells us about 7 laws as:-
1- The Law of Pure Potentiality
2- The Law of Giving
3- The Law of “Karma” or Cause and Effect
4- The Law of Least Effort
5- The Law of Intention and Desire
6- The Law of Detachment
7- The law of “Dharma” or Purpose In Life
The Law of Pure Potentiality: – We can access the field of pure potentiality primarily through meditation and silence but also through non-judgment and appreciation of nature.
By tapping into the energy within your true self, you can achieve anything you wish, be it wealth and success or spiritual development. But, to connect to your true self, you must first dissolve the ego
The Law of Giving: – The Latin root of the word “currency” literally means “to circulate or flow.” Give & Receive is 2 face of the coin. You must promise yourself that you keep your wealth circulating by giving and receiving life’s most precious gifts, such as love, care, affection, support, appreciation, every time I meet someone I will silently share my wealth with them by praying joy and happiness in their life.
The Law of “Karma” or Cause and Effect: – Be conscious of your choice-making. The author says that every action generates a force of energy that will for sure return to us at some moment in our lives. Take the decision that brings happiness to your life and your loved ones’ and others’ life.
The law of least efforts: – We can create success and good fortune with effortless ease when we harness the forces with love, joy, and respect.Accepting the situation, you must take responsibility for it. There is always a lesson to be learned from difficult situations, and the people who make life challenging are usually there to teach you something.
The law of intention & desires: – You can improve your quality of life by simply introducing positive intentions into your thinking by introducing an intention or wish into this energy field, you affect the universe around you.The author says that you must prepare a list of wishes which you must see every time, at the time you go for your silent therapy before you go to sleep and immediately after getting up.
The law of detachment:- Author says, When you detach yourself from your desires and connect to the field of energy that is the true nature of the universe, which alone has the power to make our desires a reality . Decide & say to yourself: – I will participate in everything with detached involvement. When I step into the field of all possibilities, I will experience all of life’s fun, adventure, magic, and mystery
The law of dharma:- It’s never too late to recognize your life’s purpose and plug it into the endless source of energy that the universe provides.
DIPESH HARGUDE
BOOK READING CHALLENGE ??
DAY – 22
BOOK –
The 7 spiritual laws of success
–_–
?
When you feel connected to your environment and it’s people, you realise you aren’t Sepreted entity cut off from the rest of the world……
⭕⭕
When you have ego, you lose connection with yourself.
⭕You can do mediation. U will calm you and your ego will go.
??
⭕Have some alone time with yourself..
Feel your heart, and spend time with nature.
??
Law of Giving
⭕
It says that, what we give, we recieve.
⭕
When you give something to someone, give it joyfully.
⭕
If you want to recieve love, give love to everyone. It applies for everything.
??
Law of Karma –
⭕
Always do those things which will bring happiness to your life.
Don’t do those things which will affect anyone,s life.
⭕
If you do good then surely you will recieve good.
??
The law of least efforts –
⭕
Accept the situations as they are.
⭕
Don’t fight with every problem, just accept it and face it.
By accepting, you can learn from it and grow.
??
Law of intentions and desires –
⭕
Improve your quality of life by positive intentions.
⭕
Accept what you have, be greatful for that and visualize that things are getting better.
⭕
That’s it ?
THANK you AMIT SIR ?
JAI HIND ??